Lucknow News: यूपी-जापान साझेदारी से ग्रेटर नोएडा में तीन मेगा प्लांट, 10 हजार युवाओं को रोजगार
Lucknow News: यूपी-जापान साझेदारी से ग्रेटर नोएडा में तीन मेगा प्लांट, 10 हजार से अधिक रोजगार के अवसर
Lucknow News(Photo-Social Media)
Lucknow News: उत्तर प्रदेश को देश की अर्थव्यवस्था का ‘ग्रोथ इंजन’ बताते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जापानी उद्योगपतियों के सामने प्रदेश में निवेश की संभावनाओं और विकास का खाका पेश किया। ‘यूपी-जापान इन्वेस्टमेंट समिट 2026’ के दौरान ₹3,195 करोड़ के संयुक्त निवेश वाली तीन बड़ी औद्योगिक परियोजनाओं का वर्चुअल भूमि पूजन किया गया। इन परियोजनाओं के जरिए ग्रेटर नोएडा के यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यीडा) क्षेत्र में ऑटोमोबाइल और इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ा वा मिलेगा। इन तीन परियोजनाओं से सीधे तौर पर 10,240 से अधिक रोजगार के अवसर पैदा होने की उम्मीद है। इसके अलावा जेवर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के पास करीब 500 एकड़ क्षेत्र में समर्पित ‘जापान सिटी’ विकसित करने की घोषणा भी की गई है।
₹3,195 करोड़ के निवेश से तीन प्लांट
यीडा के सेक्टर-10 में प्रस्तावित इन परियोजनाओं में एस्कॉर्ट्स कुबोटा का ट्रैक्टर निर्माण संयंत्र और स्पार्क मिंडा के दो इलेक्ट्रॉनिक्स प्लांट शामिल हैं। इन परियोजनाओं से उत्तर प्रदेश में मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर को नई मजबूती मिलने की उम्मीद है। एस्कॉर्ट्स कुबोटा लिमिटेड करीब ₹2,029 करोड़ के निवेश से अत्याधुनिक ट्रैक्टर और कृषि उपकरण निर्माण संयंत्र स्थापित करेगी। शुरुआती चरण में यहां हर साल करीब 60,000 ट्रैक्टर और 15,000 कृषि उपकरणों के निर्माण का लक्ष्य रखा गया है। इस परियोजना से 3,800 से अधिक लोगों को रोजगार मिलने की संभावना है।
वहीं, स्पार्क मिंडा करीब ₹1,166 करोड़ के निवेश से इलेक्ट्रॉनिक्स उपकरणों के दो संयंत्र स्थापित करेगी। यहां वाहनों में इस्तेमाल होने वाले स्मार्ट स्विच, सेंसर और यूएसबी पोर्ट से जुड़े इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों का उत्पादन किया जाएगा। प्रस्तावित संयंत्रों में सालाना करीब 20 लाख यूनिट के उत्पादन की क्षमता होगी और लगभग 6,440 लोगों को रोजगार मिलने की उम्मीद है।
जेवर एयरपोर्ट के पास बनेगी ‘जापान सिटी’
समिट के दौरान जेवर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के नजदीक करीब 500 एकड़ क्षेत्र में ‘जापान सिटी’ विकसित करने का ऐलान किया गया। इसका उद्देश्य जापानी कंपनियों के लिए उत्पादन से लेकर अंतरराष्ट्रीय सप्लाई चेन तक एकीकृत औद्योगिक इकोसिस्टम तैयार करना है। जापान सिटी के जरिए जापानी निवेशकों को उत्पादन, लॉजिस्टिक्स और निर्यात से जुड़ी सुविधाएं एक ही क्षेत्र में उपलब्ध कराने की योजना है। जेवर एयरपोर्ट की कनेक्टिविटी को देखते हुए इसे भविष्य में उत्तर प्रदेश के बड़े औद्योगिक केंद्र के रूप में विकसित करने की कोशिश की जा रही है।
जापानी निवेशकों को यूपी की खूबियां बताईं
जापानी कंपनियों के 200 से अधिक सीईओ और वरिष्ठ व्यापारिक प्रतिनिधियों के साथ हुई राउंड टेबल बैठक में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश की औद्योगिक क्षमता को सामने रखा। उन्होंने कहा कि जापान के पास अत्याधुनिक तकनीक और विशेषज्ञता है, जबकि उत्तर प्रदेश के पास बड़ा बाजार, प्रशिक्षित मानव संसाधन, बेहतर कानून-व्यवस्था और मजबूत बुनियादी ढांचा है।
मुख्यमंत्री ने राज्य के पास मौजूद 75,000 एकड़ से अधिक के औद्योगिक लैंड बैंक और एक्सप्रेसवे के आसपास विकसित किए जा रहे 27 औद्योगिक क्लस्टरों का भी उल्लेख किया। इसके साथ ही टेक्सटाइल, ऑटोमोबाइल और ई-मोबिलिटी, केमिकल्स, इलेक्ट्रॉनिक्स तथा ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर जैसे क्षेत्रों के लिए विशेष निवेश डेस्क की जानकारी दी गई।
एक्सप्रेसवे और एयर कनेक्टिविटी पर जोर
उत्तर प्रदेश में तेजी से विकसित हो रहे परिवहन नेटवर्क को भी निवेशकों के सामने प्रमुख ताकत के रूप में पेश किया गया। राज्य में देश के कुल एक्सप्रेसवे नेटवर्क का बड़ा हिस्सा मौजूद है। इसके अलावा कई हवाई अड्डे, मेट्रो नेटवर्क, रैपिड रेल और डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर जैसी सुविधाएं औद्योगिक गतिविधियों को गति देने में मदद कर रही हैं। सरकार सेमीकंडक्टर, डेटा सेंटर, रोबोटिक्स, इलेक्ट्रिक व्हीकल, एग्रीटेक, फिनटेक और डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग जैसे उभरते क्षेत्रों में निवेश आकर्षित करने के लिए नीतियों को भी बढ़ावा दे रही है।
‘घोषणाओं को धरातल पर उतारने पर जोर’
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जापानी कंपनियों को सरकार की ओर से हरसंभव सहयोग और सुरक्षा का भरोसा दिलाया। उन्होंने कहा कि सरकार सिर्फ नीतियां बनाने तक सीमित नहीं है, बल्कि निवेश प्रस्तावों को समयबद्ध तरीके से जमीन पर उतारने पर भी जोर देती है। केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने भी उत्तर प्रदेश में तेजी से विकसित हो रहे डिजिटल और फिजिकल इंफ्रास्ट्रक्चर की सराहना की। उन्होंने कहा कि नियमों के सरलीकरण और मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा देने वाली नीतियों के चलते भारत, खासकर उत्तर प्रदेश, जापानी कंपनियों के लिए वैश्विक उत्पादन का महत्वपूर्ण केंद्र बन सकता है। यूपी-जापान इन्वेस्टमेंट समिट 2026 में घोषित ये परियोजनाएं राज्य में जापानी निवेश और तकनीक के विस्तार की दिशा में अहम कदम मानी जा रही हैं। ग्रेटर नोएडा में बनने वाले इन प्लांटों से उत्पादन क्षमता बढ़ने के साथ हजारों युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर भी तैयार होंगे।