Mathura News: नगला जामुन में जलभराव से बढ़ी परेशानी, ग्रामीणों ने उठाई स्थायी समाधान की मांग
Mathura News: नगला जामुन में जलभराव से ग्रामीण परेशान, सड़कों पर फैला गंदा पानी, स्थायी समाधान की मांग तेज
Mathura Nagla Jamun News
Mathura News: मांट क्षेत्र के अंतर्गत ग्राम पंचायत पानीगांव के नगला जामुन में जलभराव की समस्या को लेकर ग्रामीणों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। गांव की मुख्य सड़कों पर गंदा पानी भर जाने से लोगों को आवागमन में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। समस्या के स्थायी समाधान की मांग को लेकर ग्रामीणों ने ग्राम प्रधान सुभाष पहलवान से हस्तक्षेप करने की अपील की है।
ग्रामीणों का कहना है कि ग्राम समाज की भूमि पर स्थित एक गहरे गड्ढे में नालियों का गंदा और दूषित पानी लगातार एकत्रित होता रहता है। इसके अलावा क्षेत्र में लगे समर्सिबल पंपों से निकलने वाला अतिरिक्त पानी भी उसी गड्ढे में पहुंचता है। पानी की मात्रा बढ़ने पर गड्ढा ओवरफ्लो हो जाता है, जिससे गंदा पानी आसपास की गलियों और मुख्य मार्गों पर फैल जाता है। बरसात या अधिक जल निकासी के समय स्थिति और गंभीर हो जाती है।
स्थानीय निवासियों के अनुसार जलभराव के कारण राहगीरों, बच्चों, बुजुर्गों और दोपहिया वाहन चालकों को विशेष परेशानी झेलनी पड़ती है। कई स्थानों पर सड़कें पानी में डूब जाने से लोगों को वैकल्पिक रास्तों का सहारा लेना पड़ता है। ग्रामीणों का कहना है कि अस्थायी उपायों के बजाय ऐसी व्यवस्था बनाई जाए जिससे भविष्य में यह समस्या दोबारा उत्पन्न न हो।
शिकायत मिलने के बाद ग्राम प्रधान सुभाष पहलवान मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने ग्रामीणों को भरोसा दिलाया कि समस्या के समाधान के लिए आवश्यक कदम जल्द उठाए जाएंगे। प्रधान ने बताया कि फिलहाल ट्रैक्टर की मदद से पानी निकालने का कार्य कराया गया है ताकि लोगों को तत्काल राहत मिल सके।
उन्होंने यह भी कहा कि गांव में पूर्व में दो बार इंटरलॉकिंग खड़ंजा और नालियों का निर्माण कराया जा चुका है, लेकिन गड्ढे के बार-बार ओवरफ्लो होने से समस्या बनी हुई है। अब गड्ढे से समर्सिबल के माध्यम से पानी की निकासी की योजना बनाई जा रही है, जिससे जलभराव की स्थिति को नियंत्रित किया जा सके।
ग्रामीणों ने स्पष्ट कहा कि जो जनप्रतिनिधि इस समस्या का स्थायी समाधान करेगा, भविष्य में गांव की जनता उसी का समर्थन करेगी। फिलहाल सभी की निगाहें प्रशासन और ग्राम पंचायत द्वारा उठाए जाने वाले कदमों पर टिकी हुई हैं।