Shravasti News: श्रावस्ती तहसील में पानी संकट, 15 दिन से खराब पड़ा वाटर कूलर
Shravasti News: 44°C की भीषण गर्मी में इकौना तहसील के फरियादी और अधिवक्ता पानी को तरसे, 15 दिन से खराब वाटर कूलर पर प्रशासन बेखबर रहा।
श्रावस्ती तहसील में पानी संकट, 15 दिन से खराब पड़ा वाटर कूलर (Photo- Newstrack)
Shravasti News: नौतपा शुरू होने से पहले ही इकौना तहसील परिसर में पानी का संकट गहरा गया है। परिसर में लगा वाटर कूलर काफी दिनों से खराब पड़ा है। भीषण गर्मी में जमीन-विवाद, प्रमाणपत्र व मुकदमों की पैरवी करने आए फरियादी, अधिवक्ता व कर्मचारी पीने के पानी को तरस रहे हैं। भीषण गर्मी में रोजाना आने वाले 300-400 फरियादी, 150 अधिवक्ता व कर्मचारी 20-20 रुपये की पानी बोतल खरीदने को मजबूर हैं। हैरानी की बात ये कि आज जिला जेल में आगंतुकों के लिए वाटर कूलर का उद्घाटन हुआ, लेकिन तहसील में फरियादियों को बूंद-बूंद पानी नसीब नहीं। कुछ यही हाल विकास खंड इकौना और विकास खंड गिलौला परिसर का है।
यहां वाटर कूलर तो लगे हैं किंतु 15 दिन से ज्यादा समय हो गया खराब हैं। यहाँ का स्थानीय प्रशासन जानकर भी अंजान बना हुआ है और जब इस बारे में जानकारी लेने की कोशिश की जाती है तो मिलने से मना कर दिया जाता है। साथ ही फोन नहीं उठाया जा रहा है। वही "वाटर कूलर खराब होने की जानकारी को sdm ने बताया कि मीडिया के माध्यम से मिली है। नाजिर को तत्काल प्रभाव से ठीक कराने के निर्देश दे दिए गए हैं। जल्द वाटर कूलर चालू हो जाएगा। साथ ही उन्होंने सम्बन्धित को भविष्य में ऐसी लापरवाही न करने की चेतावनी दी है ।"
फरियादियों के बयान
1. रामसेवक, किसान पटना खरगौरा_"सुबह 9 बजे से वरासत के लिए लाइन में हूं। 3 बार बाहर से पानी ला चुका। 60 रुपये तो सिर्फ पानी में खर्च हो गए। गरीब आदमी कहां से लाए?
2. सुनीता देवी, विधवा पेंशन: _"बच्चे को लेकर आई हूं। धूप में खड़े-खड़े चक्कर आ गया। यहां पानी तक नहीं। कोई पूछने वाला नहीं।"
3. मो. शरीफ, अधिवक्ता: _"15 दिन से SDM और नाजिर को मौखिक शिकायत कर चुके। हीटवेव अलर्ट के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं। ये सीधे-सीधे मानवाधिकार उल्लंघन है।"
अधिवक्ता संघ सख्त
अध्यक्ष, अधिवक्ता संघ इकौना उदय चंद पाण्डे ने कहा: _"अगर 24 घंटे में वाटर कूलर ठीक नहीं हुआ तो कलमबंद हड़ताल करेंगे। DM को ज्ञापन सौंपेंगे। गर्मी में पानी न देना अमानवीय है।"
RTI से खुलासा: बजट था, इच्छाशक्ति नहीं
सूचना अधिकार के तहत मिली जानकारी के अनुसार वित्तीय वर्ष 2025-26 में तहसील रखरखाव मद में 1.80 लाख रुपये जारी हुए थे। इसमें 35,000 रुपये वाटर कूलर/PHED अनुरक्षण के लिए तय थे। इसके बावजूद 2500 रुपये की रिपेयर नहीं कराई गई। नाजिर ने बजट न होने का झूठा बहाना बनाया।
नियम क्या कहते हैं
1. राजस्व परिषद आदेश 2019:हर तहसील में गर्मी में शीतल पेयजल अनिवार्य।
2. हीटवेव एक्शन प्लान 2026: सार्वजनिक भवनों में 15 अप्रैल से वाटर कूलर/प्याऊ चालू करने के निर्देश।
3. मानवाधिकार आयोग: पानी से वंचित करना अनुच्छेद 21 का उल्लंघन