Shravasti News: अकीदत के साथ निकले ताजिया जुलूस, कर्बला के शहीदों को किया याद, डीएम-एसपी रहे भ्रमणशी
Shravasti News: श्रावस्ती में मुहर्रम पर शांतिपूर्वक ताजिया जुलूस निकाले गए। प्रशासन ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए। नासिरगंज में पारंपरिक धार्मिक आयोजन भी संपन्न हुआ।
अकीदत के साथ निकले ताजिया जुलूस, कर्बला के शहीदों को किया याद, डीएम-एसपी रहे भ्रमणशी (Photo- Newstrack)
Shravasti News: श्रावस्ती में दसवें मुहर्रम यानी यौमे आशूरा पर पूरे जिले में अकीदत और गमगीन माहौल के बीच देर शाम तक ताजिया जुलूस निकाले गए। अकीदतमंदों ने कर्बला में शहीद हुए इमाम हुसैन और उनके 72 साथियों की कुर्बानी को याद करते हुए नम आंखों से खिराज-ए-अकीदत पेश की। पूरे दिन धार्मिक परंपराओं के अनुसार कार्यक्रम आयोजित हुए और देर रात ताजियों को कर्बला में सुपुर्द-ए-खाक किया गया।
बताया जाता है कि कर्बला में 61 हिजरी के दसवें मुहर्रम को इमाम हुसैन इब्न अली अपने परिवार और साथियों के साथ यजीद की फौज के खिलाफ लड़ते हुए शहीद हुए थे। ताजिया इमाम हुसैन के रौजे की प्रतीकात्मक नकल माना जाता है। यह शोक और याद का प्रतीक है, जो कर्बला के शहीदों की कुर्बानी की याद दिलाता है।
जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक ने देर शाम तक किया भ्रमण
मुहर्रम का आयोजन पूरी तरह शांतिपूर्ण और सकुशल सम्पन्न कराने के लिए जिलाधिकारी अन्नपूर्णा गर्ग और पुलिस अधीक्षक राहुल भाटी देर शाम तक लगातार भ्रमणशील रहे। दोनों अधिकारियों ने जमुनहा, नसीरगंज, बदला चौराहा, हरबंशपुर, गिलौला और इकौना क्षेत्र के ताजिया तथा कर्बला स्थलों का निरीक्षण किया।
निरीक्षण के दौरान बैरिकेडिंग, आवागमन, प्रकाश व्यवस्था, साफ-सफाई और सुरक्षा इंतजामों का जायजा लिया गया। ड्यूटी पर तैनात जोनल मजिस्ट्रेट, सेक्टर मजिस्ट्रेट और पुलिसकर्मियों को पूरी सतर्कता के साथ अपनी जिम्मेदारी निभाने के निर्देश दिए गए थे।
ड्रोन और सीसीटीवी से रही निगरानी, सोशल मीडिया सेल भी रहा सक्रिय
मुहर्रम के दौरान सभी संवेदनशील स्थानों पर पर्याप्त पुलिस बल तैनात रहा। सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाए रखने के लिए ड्रोन कैमरों और सीसीटीवी के माध्यम से लगातार निगरानी की गई। सोशल मीडिया सेल भी पूरी तरह सक्रिय रहा।
"या शहीदे कर्बला, या हुसैन" की सदाओं के बीच देर रात ताजियों को कर्बला में सुपुर्द-ए-खाक किया गया। जिलाधिकारी ने जनपदवासियों से शांति और सौहार्द बनाए रखने की अपील की। वहीं पुलिस अधीक्षक ने कहा कि भड़काऊ पोस्ट करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। पूरे जनपद में मुहर्रम का आयोजन पूरी तरह शांतिपूर्ण रहा।
नासिरगंज में नौवीं मुहर्रम पर हुआ पारंपरिक आग का मातम
श्रावस्ती के नासिरगंज कस्बे में नौवीं मुहर्रम की देर रात पारंपरिक 'आग का मातम' आयोजित किया गया। कर्बला के शहीदों की याद में बड़ी संख्या में अकीदतमंदों ने दहकते अंगारों पर चलकर श्रद्धांजलि अर्पित की। इस धार्मिक आयोजन को देखने के लिए कस्बे और आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में लोग पहुंचे।
निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार दुलदुल अलम और पारंपरिक ताजिया का जुलूस मुख्य हुसैनिया इमामबाड़े से निकाला गया। यह जुलूस शिया और सुन्नी समुदाय के घरों से होते हुए तय मार्गों पर भ्रमण करता हुआ दूसरे इमामबाड़े के प्रांगण में पहुंचा।
दहकते अंगारों पर चलकर अकीदतमंदों ने पेश की श्रद्धांजलि
देर रात इमामबाड़े के सहन में लकड़ियां जलाकर दहकते अंगारों का एक लंबा रास्ता तैयार किया गया। इसके बाद अकीदतमंदों ने पूरी आस्था और साहस के साथ नंगे पांव लाल अंगारों पर चलकर कर्बला के शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की। इस दौरान पूरा माहौल "या हुसैन" और "या अब्बास" की सदाओं से गूंज उठा।
मजलिस के दौरान वक्ताओं ने कर्बला की कुर्बानी को याद करते हुए कहा कि इमाम हुसैन अलैहिस्सलाम हक और सच्चाई की राह पर थे। उन्होंने बताया कि यजीद की सेना ने उनके 72 साथियों को घेरकर तीन दिनों तक भूखा-प्यासा रखने के बाद शहीद कर दिया था। कर्बला की यह कुर्बानी इंसानियत, हक और इंसाफ की अमर मिसाल मानी जाती है।