Shravasti News: भारत-नेपाल सीमा पर सुरक्षा व्यवस्था होगी और मजबूत
Shravasti News: श्रावस्ती में भारत-नेपाल सीमा पर सुरक्षा मजबूत करने के लिए क्षतिग्रस्त सीमा स्तंभों की मरम्मत शुरू हुई।
Shravasti News
Shravasti News: भारत-नेपाल अंतरराष्ट्रीय सीमा पर सुरक्षा व्यवस्था को और पुख्ता करने के लिए सोमवार को जिलाधिकारी अन्नपूर्णा गर्ग व 62वीं वाहिनी एसएसबी के कमांडेंट अमरेन्द्र कुमार वरुण ने संयुक्त रूप से सीमा स्तंभों के मरम्मत और पुनर्निर्माण कार्य का शुभारंभ किया। बता दें कि यह कार्य एसएसबी भिनगा के अंतर्गत सीमा चौकी भरथा के कार्यक्षेत्र में शुरू किया गया। इसमें सीमा स्तंभ संख्या 634/7 सहित अन्य सीमा स्तंभों की मरम्मत और पुनर्निर्माण शामिल है।
शुभारंभ के बाद, डीएम और एसएसबी कमांडेंट ने निर्माण स्थल का निरीक्षण किया। उन्होंने कार्य की प्रगति, गुणवत्ता और निर्धारित मानकों का बारीकी से जायजा लिया और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए।निरीक्षण कार्यक्रम के तहत, दोनों अधिकारियों ने सीमा चौकी सुइयां, भरथा, हाकिमपुरवा और तरुशमा के सीमावर्ती क्षेत्रों का भी दौरा किया।
दौरान डीएम ने सीमा पर तैनात एसएसबी जवानों की सुरक्षा ड्यूटी, गश्त व्यवस्था और विभिन्न परिचालन गतिविधियों का अवलोकन किया। साथ ही अधिकारियों ने जवानों से बातचीत कर उनके कार्यों की सराहना की और सीमा सुरक्षा में उनके योगदान को महत्वपूर्ण बताया।भ्रमण के दौरान, डीएम ने सीमावर्ती गांवों के ग्रामीणों से मुलाकात की और उनकी समस्याएं सुनीं।
उन्होंने क्षेत्र की मौजूदा स्थिति की जानकारी ली और ग्रामीणों को आश्वस्त किया कि जिला प्रशासन सीमा क्षेत्र के विकास, सुरक्षा और मूलभूत सुविधाओं के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है, तथा आवश्यकतानुसार हर संभव सहयोग प्रदान किया जाएगा। इस अवसर पर एसएसबी और जिला प्रशासन के अन्य अधिकारीगण तथा बड़ी संख्या में जवान उपस्थित रहे। इस संयुक्त पहल से भारत-नेपाल सीमा पर भौतिक संरचनाओं को मजबूत करने के साथ-साथ सुरक्षा व्यवस्था को भी अधिक प्रभावी और सतर्क बनाने का उद्देश्य स्पष्ट होता है।
कार्यक्रम का विवरण:
1. स्थान: भारत-नेपाल सीमा के सीमावर्ती सीमा स्तंभ, पिलर संख्या 634/7 के पास।
2. शुभारंभ: डीएम व कमांडेंट ने फीता काटकर व विधि विधान से पूजा कर मरम्मत कार्य की शुरुआत की।
3. कार्ययोजना: श्रावस्ती जनपद से लगी 65 किमी खुली सीमा पर स्थित कुल 327 मुख्य व सहायक सीमा स्तंभों में से क्षतिग्रस्त, झुके व मिट चुके पिलरों की पहचान कर मरम्मत की जाएगी।
4. समय-सीमा: मानसून से पहले जून 2026 तक सभी पिलरों को दुरुस्त करने का लक्ष्य रखा गया है।
डीएम अन्नपूर्णा गर्ग का बयान:
"सीमा स्तंभ देश की संप्रभुता के प्रतीक हैं। इनका सही हालत में होना सीमा प्रबंधन के लिए जरूरी है। राजस्व व एसएसबी की संयुक्त टीमें गठित कर दी गई हैं। GPS से लोकेशन वेरिफाई कर पिलरों की रंगाई-पुताई व नंबरिंग भी की जाएगी।"
एसएसबी कमांडेंट का बयान:
"खुली सीमा का फायदा उठाकर तस्करी व घुसपैठ की आशंका रहती है। पिलर साफ व दुरुस्त होने से पेट्रोलिंग में आसानी होगी। स्थानीय लोगों से भी सहयोग की अपील है।"