Siddharthnagar News: रील बनाने के चक्कर में टंकी पर फंसे किशोर, 16 घंटे बाद सेना ने किया रेस्क्यू, एक की मौत

Siddharthnagar News : रील बनाने के चक्कर में टंकी पर फंसे किशोर, 16 घंटे बाद सेना ने किया रेस्क्यू, एक किशोर की दर्दनाक मौत।

Update:2026-05-03 10:50 IST

Siddharthnagar Water Tank Rescue

Siddharthnagar News : सिद्धार्थनगर की कांशीराम आवासीय कॉलोनी में शनिवार को एक दर्दनाक और चौंकाने वाली घटना सामने आई, जहां रील बनाने के चक्कर में पांच किशोर पानी की टंकी पर चढ़ गए। इसी दौरान अचानक हादसा हो गया और तीन किशोर नीचे गिर गए, जबकि दो किशोर पवन और कल्लू टंकी पर ही फंस गए। सीढ़ी टूट जाने के कारण उनके पास नीचे उतरने का कोई रास्ता नहीं बचा और वे पूरी रात टंकी पर ही फंसे रहे। वहीं करीब 16 घंटे चले रेस्क्यू अभियान के बाद रविवार को दोनों को सुरक्षित नीचे उतार लिया गया है। वहीं घटना में अबतक एक किशोर की मौत की खबर आ रही है।

16 घंटे तक चला रेस्क्यू अभियान

घटना की जानकारी मिलते ही प्रशासन हरकत में आया और रात में ही एनडीआरएफ टीम को मौके पर बुलाया गया। गोरखपुर से पहुंची टीम ने उन्हें सुरक्षित उतारने की कोशिश की, लेकिन टंकी तक पहुंचने के लिए सड़क पूरी तरह तैयार नहीं हो सकी थी। लिफ्ट और अन्य उपकरणों के इस्तेमाल के बावजूद रेस्क्यू सफल नहीं हो पाया। इस दौरान स्थिति बेहद गंभीर बनी रही और पूरी रात रेस्क्यू ऑपरेशन चलता रहा।

मुख्यमंत्री कार्यालय तक पहुंचा मामला

लगातार प्रयासों के बावजूद जब सफलता नहीं मिली तो जिलाधिकारी शिवशरणप्पा जीएन ने मुख्यमंत्री कार्यालय से संपर्क किया। इसके बाद सेना का हेलीकॉप्टर गोरखपुर से बुलाया गया। रविवार सुबह करीब 5 बजकर 20 मिनट पर हेलीकॉप्टर घटनास्थल पर पहुंचा, जिससे राहत और बचाव अभियान में निर्णायक मोड़ आया।

9 मिनट में सेना ने पूरा किया चुनौतीपूर्ण ऑपरेशन

सेना के जवानों ने बेहद तेजी से ऑपरेशन शुरू किया और महज 9 मिनट के अंदर दोनों किशोरों को सुरक्षित नीचे उतार लिया। इसके बाद उन्हें हेलीकॉप्टर से गोरखपुर ले जाया गया, जहां उनका चिकित्सीय परीक्षण कराया जा रहा है। इस पूरी कार्रवाई ने एक बड़े हादसे को टाल दिया और राहत की सांस दिलाई।

एक किशोर की मौत, दो का इलाज जारी

इस दर्दनाक घटना में एक किशोर सिद्धार्थ की पहले ही मृत्यु हो चुकी है, जबकि शनि और गोलू का इलाज मेडिकल कॉलेज में चल रहा है। डॉक्टरों के अनुसार दोनों की हालत फिलहाल खतरे से बाहर बताई जा रही है।

सेना की कार्रवाई से टला बड़ा हादसा

इस पूरे ऑपरेशन के दौरान जिलाधिकारी, एडीएम, एसडीएम और पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर मौजूद रहे और लगातार निगरानी करते रहे। प्रशासन और सेना के समन्वय से यह कठिन रेस्क्यू सफल हुआ, लेकिन यह घटना रील बनाने के जुनून में जान जोखिम में डालने की गंभीर चेतावनी भी दे गई है।

सिद्धार्थनगर डीएम ने कहा कि मैं धन्यवाद देता हूं मुख्यमंत्री के कार्यालय को जिले को ऑर्डिनेशन से हमको एयरफोर्स के हेलीकॉप्टर उपलब्ध हुए गोरखपुर से और लगभग सुबह साढ़े पांच बजे दोनों बच्चों को रेस्क्यू किया गया है। दोनों बच्चे स्वस्थ्य है, फिर से वापस जल्दी अपने घर में पहुंच जाएंगे। हम लोगों ने रोड बनाने की कोशिश किया था लेकिन मौसम खराब था मिट्टी दलदल थी वो सफल नहीं हो पाया था। प्लान बी के तहत रेस्क्यू ऑपरेशन को सफलतापूर्वक संपन्न किया गया।

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