Sonbhadra News: 13 साल की बेटी ने दिखाया हौसला, मां को डायन कहने का जताया विरोध, पिटाई का आरोप, 12 किमी दूर थाने पहुंचकर दी तहरीर

Sonbhadra News: प्रकरण दुद्धी कोतवाली क्षेत्र के बरहपान गांव से जुड़ा है। आरोप है कि यहां गत मंगलवार को एक जिंदा महिला को डायन बताते हुए उसकी पिटाई की गई।

Update:2025-07-02 14:08 IST

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Sonbhadra News: दक्षिणांचल का दर्जा रखने वाले दुद्धी तहसील क्षेत्र में अभी भी महिलाओं को डायन कहकर प्रताड़ना का क्रम जारी है। बुधवार को एक ऐसा ही मामला सामने आया तो हर कोई चौंक उठा। अंधविश्वास से जुड़े, इस अमानवीय कृत्य के खिलाफ जहां 13 साल की बेटी ने खड़ा होने का हौसला दिखाया। वहीं, घर से लगभग 12 किमी दूर दुद्धी कोतवाली पहुंचकर, घटना को लेकर तहरीर भी पुलिस को सौंपी। कक्षा आठ की इस छात्रा के हौसले भरे कदम की जहां सराहना की जा रही है। वहीं, पुलिस की तरफ से भी सक्रियता दिखाते हुए, रिश्ते में छात्रा की चाची लगने वाली महिला सहित तीन के खिलाफ बीएनएस की संबंधित धाराओं के तहत केस दर्ज कर लिया गया है। छानबीन भी शुरू कर दी गई है।

बरहपान गांव से जुड़ा मामला, जिंदा महिला को डायन बता की पिटाई

प्रकरण दुद्धी कोतवाली क्षेत्र के बरहपान गांव से जुड़ा है। आरोप है कि यहां गत मंगलवार को एक जिंदा महिला को डायन बताते हुए उसकी पिटाई की गई। बचाव के लिए उसकी नाबालिग बेटियां आईं तो उनके साथ भी मारपीट की गई। इसको लेकर निर्मला 13 वर्ष पुत्री नंदू की तरफ पुलिस को दी तहरीर में बताया गया है कि वह कक्षा आठ की छात्रा है। घटना एक जुलाई की है। आरोप है कि उसके पट्टीदार देवंती देवी पत्नी जयकुमार, जिसे रिश्ते में, छात्रा की चाची बताया जा रहा है, शकुंती देवी पत्ती स्व. द्वारपद, सोनू पुत्र अखिलेश निवासी बरहपान, थाना दुद्धी ने उसकी मां को डायन कहते हुए पिटाई शुरू कर दी। वह अपनी मां को बचाने दौड़ी तो उसकी और उसके बहन की लात‘-घूंसे से जमकर पिटाई कर दी गई।

अपर पुलिस अधीक्षक ऑपरेशन त्रिभुवन नाथ त्रिपाठी ने बताया कि मंगलवार की देर शाम निर्मला की तरफ से दुद्धी कोतवाली पहुंचकर एक तहरीर दी गई कि डायन कहते हुए उसके मां और उसके साथ मारपीट की गई है। एएसपी ने बताया कि दी गई तहरीर के क्रम में केस दर्ज कर लिया गया है। छानबीन जारी है। बताते चलें कि जिले का दक्षिणांचल कहे जाने दुद्धी तहसील परिक्षेत्र में महिलाओं को कभी डायन कहकर तो कभी भूत-प्रेत का साया आने की बात कहकर प्रताड़ित किया जाना है।

इससे जुडे़ कई मामले में पूर्व में सामने आ चुके हैं। कई बार इसको लेकर कथित ओझाओं-सोखाओं के खिलाफ कार्रवाई की बात कही गई। एसपी स्तर से कई बार निर्देश जारी हुए लेकिन अब तक यह सारे निर्देश सिर्फ कागजी कवायदों तक ही सिमटे रह गए। यहीं कारण है कि 21वीं सदी में जब दुनिया पर चांद पर घर बनाने के सपने देख रही है। तब सोनभद्र में भूत-प्रेत, डायन जैसा अंधविश्वास जड़ जमाने में लगा हुआ है।

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