Sonbhadra News: सोनभद्र में रिश्वतखोरी पर डीएम का एक्शन, राजस्व निरीक्षक सस्पेंड
Sonbhadra News: सोशल मीडिया पर रिश्वत लेने का वीडियो वायरल होने के बाद डीएम चर्चित गौड़ ने राजस्व निरीक्षक को निलंबित किया, जांच के भी आदेश दिए।
सोनभद्र में रिश्वतखोरी पर डीएम का एक्शन, राजस्व निरीक्षक सस्पेंड (Photo- Newstrack)
Sonbhadra News: सोनभद्र। जिले की चारों तहसीलों में आयोजित सम्पूर्ण समाधान दिवस के दौरान उस समय बड़ा प्रशासनिक फैसला सामने आया जब सोशल मीडिया पर रिश्वत लेने का वीडियो वायरल होने के मामले में जिलाधिकारी चर्चित गौड़ ने तत्काल कार्रवाई करते हुए राजस्व निरीक्षक अखिलेश कुमार शुक्ला को निलंबित कर दिया। डीएम की इस कार्रवाई को भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त संदेश के रूप में देखा जा रहा है।
शनिवार को जून माह के प्रथम सम्पूर्ण समाधान दिवस पर जिलाधिकारी चर्चित गौड़ और अपर पुलिस अधीक्षक (ऑपरेशन) ऋषभ रुणवाल ने दुद्धी तहसील में फरियादियों की समस्याएं सुनीं। इस दौरान भूमि विवाद, राजस्व और जनहित से जुड़े मामलों पर अधिकारियों को मौके पर जांच कर समयबद्ध निस्तारण के निर्देश दिए गए।
भाजपा मंडल अध्यक्ष की शिकायत पर तत्काल कार्रवाई
समाधान दिवस के दौरान भाजपा मंडल अध्यक्ष दीपक शाह ने जिलाधिकारी के समक्ष शिकायत प्रस्तुत करते हुए बताया कि एक राजस्व निरीक्षक का रिश्वत लेते हुए वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है और अब तक उसके खिलाफ कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई है।
शिकायत को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी ने तत्काल मामले का संज्ञान लिया। प्रथम दृष्टया उपलब्ध तथ्यों के आधार पर राजस्व निरीक्षक अखिलेश कुमार शुक्ला को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया। साथ ही पूरे मामले की विस्तृत जांच कराने के निर्देश भी जारी किए गए।
डीएम ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि जनपद में भ्रष्टाचार, अनियमितता और सरकारी दायित्वों के प्रति लापरवाही किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि शासन की मंशा के अनुरूप पारदर्शी, जवाबदेह और जनकेंद्रित प्रशासन स्थापित करना उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है।
महिला डॉक्टर की कमी पर भी तुरंत फैसला
सम्पूर्ण समाधान दिवस के दौरान सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र दुद्धी में महिला चिकित्सक की अनुपलब्धता की शिकायत भी सामने आई। शिकायत मिलते ही जिलाधिकारी ने तत्काल संज्ञान लेते हुए म्योरपुर सीएचसी में तैनात महिला चिकित्साधिकारी डॉ. पल्लवी सिन्हा को सप्ताह में दो दिन दुद्धी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर सेवाएं देने के निर्देश जारी किए।
इस निर्णय से क्षेत्र की महिलाओं को स्वास्थ्य सुविधाओं में राहत मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।
फीडबैक लेकर हो शिकायतों का निस्तारण
जिलाधिकारी ने सभी विभागीय अधिकारियों को निर्देशित किया कि शिकायतों के निस्तारण के बाद शिकायतकर्ताओं से फीडबैक भी लिया जाए, ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि समस्या का वास्तविक समाधान हुआ है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक प्रकरण की गंभीरता से जांच कर गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित किया जाए।
दुद्धी में सबसे ज्यादा चर्चा, 101 शिकायतें पहुंचीं
दुद्धी तहसील में आयोजित समाधान दिवस के दौरान कुल 101 शिकायतें प्राप्त हुईं। इनमें एक शिकायत का मौके पर निस्तारण किया गया जबकि टीमों की कार्रवाई सहित कुल 10 मामलों का निपटारा हुआ। शेष 100 मामलों को निर्धारित समय सीमा में निस्तारित करने के निर्देश दिए गए।
रॉबर्ट्सगंज में 35 शिकायतें, 4 का निस्तारण
रॉबर्ट्सगंज तहसील में उप जिलाधिकारी अश्वनी कुमार की अध्यक्षता में समाधान दिवस आयोजित हुआ। यहां कुल 35 शिकायतें प्राप्त हुईं, जिनमें से 4 मामलों का मौके पर निस्तारण किया गया। शेष 31 मामलों को संबंधित विभागों को समयबद्ध कार्रवाई के लिए भेजा गया।
ओबरा में 108 शिकायतें, टीमों ने भी किया निस्तारण
ओबरा तहसील में अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) वागीश कुमार शुक्ला की अध्यक्षता में आयोजित समाधान दिवस में 108 शिकायतें दर्ज की गईं। मौके पर 9 मामलों का निस्तारण किया गया, जबकि क्षेत्र में भेजी गई तीन टीमों ने तीन अतिरिक्त मामलों का समाधान किया। इस प्रकार कुल 12 शिकायतों का निस्तारण हुआ और 96 मामलों को आगे की कार्रवाई के लिए भेजा गया।
घोरावल में 86 शिकायतें पहुंचीं
घोरावल तहसील में उप जिलाधिकारी आशीष कुमार त्रिपाठी की अध्यक्षता में आयोजित कार्यक्रम में 86 शिकायतें प्राप्त हुईं। इनमें 6 मामलों का मौके पर निस्तारण किया गया, जबकि 80 मामलों को गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध निस्तारण के निर्देशों के साथ संबंधित विभागों को भेजा गया।
330 शिकायतें, 33 मामलों का मौके पर समाधान
जनपद की चारों तहसीलों—दुद्धी, रॉबर्ट्सगंज, ओबरा और घोरावल—में आयोजित सम्पूर्ण समाधान दिवस के दौरान कुल 330 शिकायतें प्राप्त हुईं। इनमें से 33 शिकायतों का निस्तारण मौके पर अथवा टीमों के माध्यम से कराया गया, जबकि शेष मामलों पर संबंधित विभागों को निर्धारित समय सीमा में कार्रवाई के निर्देश दिए गए।
सम्पूर्ण समाधान दिवस में डीएम की भ्रष्टाचार के खिलाफ त्वरित कार्रवाई और जनसमस्याओं के समाधान को लेकर दिखाई गई सक्रियता पूरे दिन चर्चा का विषय बनी रही। प्रशासन ने साफ संकेत दिया है कि शिकायतों की अनदेखी और भ्रष्टाचार में लिप्त अधिकारियों-कर्मचारियों के खिलाफ अब सीधे और सख्त कदम उठाए जाएंगे।