Sonbhadra News: BSP का मिर्जापुर मंडल में बड़ा फेरबदल, 12 विधानसभा प्रभारियों की तैनाती
Sonbhadra News: आगामी विधानसभा चुनावों को देखते हुए बसपा ने मिर्जापुर मंडल में बड़ा संगठनात्मक फेरबदल किया है। सोनभद्र, मिर्जापुर और भदोही की 12 विधानसभा सीटों पर नए प्रभारियों की नियुक्ति के साथ जिला अध्यक्षों और भाईचारा समितियों के संयोजकों की भी जिम्मेदारियां तय की गई हैं।
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Sonbhadra News: आगामी विधानसभा चुनावों की तैयारियों के बीच बहुजन समाज पार्टी (बसपा) ने मिर्जापुर मंडल में अपने संगठन को नई धार देने के उद्देश्य से बड़े स्तर पर संगठनात्मक फेरबदल किया है। पार्टी सुप्रीमो मायावती के निर्देश पर जारी नई सूची में मिर्जापुर, सोनभद्र और भदोही जनपदों के लिए मंडल प्रभारी, जिला प्रभारी, विधानसभा प्रभारी, जिला अध्यक्ष तथा भाईचारा समितियों के संयोजकों की नई जिम्मेदारियां तय की गई हैं। राजनीतिक जानकार इसे पूर्वांचल में बसपा के संगठन को फिर से सक्रिय करने की रणनीति के तौर पर देख रहे हैं।बसपा ने मंडल स्तर पर तीनों जिलों के लिए अलग-अलग प्रभारियों की नियुक्ति करते हुए विधानसभा क्षेत्रों में दो-दो प्रभारियों की जिम्मेदारी तय की है। इन्हें सेक्टर और बूथ स्तर तक संगठन को मजबूत करने, कार्यकर्ताओं को सक्रिय करने तथा पार्टी के कार्यक्रमों को समयबद्ध तरीके से पूरा कराने का दायित्व सौंपा गया है।
सोनभद्र में इन नेताओं को मिली अहम जिम्मेदारी
सोनभद्र जिले में प्रेमनाथ गौतम और सियाराम सिंह पटेल को मंडल स्तर पर जिले की विधानसभा सीटों की जिम्मेदारी दी गई है। वहीं पूरे जिले में संगठनात्मक गतिविधियों के संचालन के लिए रमेश कुशवाहा और रामविचार गौतम को नियुक्त किया गया है।विधानसभा स्तर पर घोरावल से डॉ. ओमप्रकाश मौर्य और प्रेमनाथ गौतम, रॉबर्ट्सगंज से कमलेश गोड और रामलखन देहाती, ओबरा (एसटी) से जितेंद्र कुमार और शिवकुमार गौड़ तथा दुद्धी (एसटी) से नंदू प्रसाद गौतम और संजय गौड़ को प्रभारी बनाया गया है।
जिला अध्यक्षों की भी हुई घोषणा
बसपा ने मिर्जापुर मंडल के तीनों जिलों के जिला अध्यक्षों की भी घोषणा कर दी है। मिर्जापुर में अलगूराम भारती, सोनभद्र में रामचंद्र रत्ना और भदोही में जयप्रकाश चौधरी को संगठन की कमान सौंपी गई है।बसपा ने इस बार संगठन में सामाजिक समीकरणों पर भी विशेष जोर दिया है। पिछड़ा वर्ग को पार्टी से जोड़ने के लिए मंडल स्तर पर भीम राजभर और गुड्डूराम चमार को विशेष संयोजक बनाया गया है। वहीं मुस्लिम समाज के बीच संगठन विस्तार की जिम्मेदारी सादाब आलम और महेंद्र गौतम को सौंपी गई है।इसके अलावा मिर्जापुर, सोनभद्र और भदोही में ओबीसी समाज भाईचारा संगठन के जिला संयोजकों की भी अलग-अलग नियुक्तियां की गई हैं, जिससे सामाजिक आधार को मजबूत करने की रणनीति साफ दिखाई दे रही है।
बूथ से लेकर मंडल तक संगठन को धार देने की रणनीति
पूर्वांचल में पिछले कुछ चुनावों में बसपा का जनाधार कमजोर हुआ है। ऐसे में मिर्जापुर मंडल में संगठन की नई संरचना बनाकर पार्टी बूथ स्तर तक अपनी पकड़ मजबूत करने की कोशिश में है। सोनभद्र, मिर्जापुर और भदोही की कुल 12 विधानसभा सीटों पर दो-दो प्रभारियों की नियुक्ति यह संकेत देती है कि बसपा अब केवल घोषणाओं तक सीमित नहीं रहना चाहती, बल्कि कार्यकर्ताओं की जवाबदेही तय कर चुनावी मशीनरी को सक्रिय करना चाहती है।राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यदि नई टीम बूथ स्तर तक प्रभावी ढंग से काम करती है, तो बसपा पूर्वांचल की राजनीति में फिर से अपनी मौजूदगी मजबूत करने की कोशिश कर सकती है। अब निगाह इस बात पर रहेगी कि यह संगठनात्मक बदलाव जमीन पर कितना असर छोड़ पाता है और आगामी चुनावों में बसपा को इसका कितना राजनीतिक लाभ मिलता है।