Sonbhadra News: नौकरी दिलाने के नाम पर 6.40 लाख की ठगी, कलिंगा कंपनी से जुड़े दो भाइयों पर केस

Sonbhadra News: मूलतः थाना चितरंगी के आमा पड़री गांव निवासी श्यामराज सिंह, जो वर्तमान में सिंगरौली जिले के ओएच-5, ओल्ड कॉलोनी, निगाही में रहते हैं, ने मोरवा थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई है।

Update:2025-06-28 21:16 IST

नौकरी दिलाने के नाम पर 6.40 लाख की ठगी, कलिंगा कंपनी से जुड़े दो भाइयों पर केस (Photo- Newstrack)

Sonbhadra News: सोनभद्र और सिंगरौली की सीमा पर स्थित एनसीएल की आउटसोर्सिंग कंपनी 'कलिंगा' में नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी का एक बड़ा मामला सामने आया है। इस बार आरोप सीधे कंपनी से जुड़े दो सगे भाइयों पर लगा है, जिन्होंने तीन युवकों से विभिन्न पदों पर नियुक्ति कराने के नाम पर कुल 6.40 लाख रुपये वसूल लिए, लेकिन न तो नौकरी दी और न ही रकम लौटाई।

नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी

मूलतः थाना चितरंगी के आमा पड़री गांव निवासी श्यामराज सिंह, जो वर्तमान में सिंगरौली जिले के ओएच-5, ओल्ड कॉलोनी, निगाही में रहते हैं, ने मोरवा थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई है। उन्होंने बताया कि दिसंबर 2023 में उनकी मुलाकात प्रवीण कुमार श्रीवास्तव और दीपक श्रीवास्तव से हुई, जो कथित रूप से कलिंगा कंपनी में कार्यरत हैं। उन्होंने अपने भतीजे गगन सिंह, भांजे सत्यम सिंह (विंध्याचल, मिर्जापुर), और साले अजीत सिंह (सतना, एमपी) के लिए हेल्पर और सुपरवाइजर की नौकरी दिलाने के लिए सौदा तय किया।

तहरीर के अनुसार, अमलोरी में झिगुरदह साइट पर प्रशांत श्रीवास्तव (जीएम), मोहम्मद शाहिन, प्रवीण और दीपक श्रीवास्तव के साथ मुलाकात हुई, जिसमें कुल 6.40 लाख रुपये की मांग की गई। श्यामराज ने 11 जनवरी 2024 को प्रवीण श्रीवास्तव के खाते में 50 हजार रुपये ट्रांसफर किए, फिर नगद और ऑनलाइन भुगतान कर कुल 2.90 लाख रुपये उन्हें दिए। इसके अतिरिक्त 3.5 लाख रुपये दीपक श्रीवास्तव और मोहम्मद शाहिन को फोन-पे के माध्यम से भेजे गए।

बावजूद इसके, न नौकरी लगी और न ही पैसे वापस किए गए। मोरवा पुलिस ने शिकायत के आधार पर धारा 420, 120बी आईपीसी तथा 318(4), 61 बीएनएस के तहत केस दर्ज कर लिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है।

कर्मचारियों में हड़कंप की स्थिति

पुलिस ने बताया कि आरोप प्रथमदृष्टया सही प्रतीत हो रहे हैं और जल्द ही पूछताछ व कार्रवाई की जाएगी। इस मामले के सामने आने के बाद कलिंगा कंपनी की अमलोरी साइट पर काम कर रहे कर्मचारियों में हड़कंप की स्थिति है।

यह पहला मौका नहीं है जब एनसीएल की किसी आउटसोर्सिंग साइट पर इस तरह की ठगी का मामला सामने आया हो। खड़िया कोल प्रोजेक्ट में भी इसी तरह नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी का मामला दर्ज है, जिसकी जांच शक्तिनगर पुलिस कर रही है।

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