Sonbhadra News: विजयगढ़ दुर्ग पर लगेंगे सीसीटीवी कैमरे, श्रावण मेले के मद्देनजर डीएम ने दिए निर्देश; दुधिया रोशनी से नहाएगा किला

Meta Keywords: सोमवार को कलेक्ट्रेट सभागार में सीएम डैशबोर्ड की बैठक के दौरान उन्होंने इसको लेकर जरूरी निर्देश दिए।

Update:2025-06-30 21:34 IST

Sonbhadra News: विजयगढ़ दुर्ग पर लगेंगे सीसीटीवी कैमरे, श्रावण मेले के मद्देनजर डीएम ने दिए निर्देश; दुधिया रोशनी से नहाएगा किला

Sonbhadra News: सोनभद्र, उत्तर प्रदेश: श्रावण मास में विजयगढ़ दुर्ग स्थित रामसरोवर से जल लेने के लिए उमड़ने वाली कांवड़ियों की भारी भीड़ को देखते हुए, सोनभद्र के जिलाधिकारी बीएन सिंह ने दुर्ग पर पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था और निगरानी के लिए सीसीटीवी कैमरे लगाए जाने का निर्णय लिया है। सोमवार को कलेक्ट्रेट सभागार में सीएम डैशबोर्ड की बैठक के दौरान उन्होंने इसको लेकर जरूरी निर्देश दिए। हिदायत दी गई कि जल्द ही इसको लेकर काम शुरू कर दिया जाए ताकि श्रावण मास शुरू होने के साथ ही, किले पर सीसीटीवी कैमरे से निगरानी और पर्याप्त प्रकाश की व्यवस्था सुनिश्चित हो सके, जिससे किला दुधिया रोशनी से नहाया नजर आएगा।

डीएम ने कहा कि विजयगढ़ किले पर श्रावण मास में काफी संख्या में शिवभक्त जलाभिषेक के लिए जल लेने के निमित्त पहुंचते हैं और वे रात में यहां रुकते भी हैं। ऐसी स्थिति में प्रकाश की कोई व्यवस्था न होने से उन्हें खासी परेशानी होती है। इसको देखते हुए सावन मास में कांवड़ यात्रा से जुड़ी तैयारियां सुनिश्चित करने के साथ ही विजयगढ़ किले पर पर्याप्त प्रकाश की भी व्यवस्था जरूरी है। किले पर आने वाले श्रद्धालुओं की सुरक्षा और अवांछनीय तत्वों की निगरानी व्यवस्था में कहीं से कोई कमी न रहने पाए, इसके लिए सीसीटीवी कैमरे लगाए जाने के भी निर्देश दिए। डीएम ने जिला पंचायत राज अधिकारी (डीपीआरओ) सहित अन्य संबंधित विभाग को निर्देश दिया कि इसको लेकर अविलंब कार्य-तैयारियां शुरू कर दी जाएं।

संक्रामक रोगों के नियंत्रण के लिए समन्वय:

डीएम बीएन सिंह ने सोमवार को 'विशेष संचारी रोग नियंत्रण अभियान और दस्तक अभियान के द्वितीय चरण' को लेकर की गई तैयारियों की भी समीक्षा की। बताया गया कि पहली जुलाई से 31 जुलाई तक संचारी रोग नियंत्रण अभियान चलाया जाएगा। इसको प्रभावी बनाने के लिए 11 जुलाई से 31 जुलाई तक घर-घर दस्तक दी जाएगी। लोगों को संक्रामक रोगों से बचाव के उपाय तथा बुखार आने पर 'क्या करें क्या ना करें' और एक्यूट डायरियल डिजीजेज (दस्त रोग से बचने के उपाय) के बारे में जागरूक किया जाएगा।

इस दौरान आशा, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता गृह भ्रमण कर बुखार, क्षय कुष्ठ, फाइलेरिया, आईएलआई आदि के रोगियों की लाइन लिस्टिंग और कुपोषित बच्चों का चिन्हीकरण कर पोषाहार उपलब्ध कराने का काम करेंगी। आवश्यकतानुसार बच्चों को एनआरसी सेंटर भेजा जाएगा। शिक्षा विभाग को निर्देशित किया गया कि बच्चों को प्रार्थना सभा में डेंगू, मलेरिया, दस्त रोग एवं अन्य संक्रामक रोगों के विषय में जागरूक किया जाए। उन्हें साफ-सफाई, फुल बॉडी यूनिफॉर्म पहनने, हाथ धोने के तरीके के बारे में बताया जाए।

मानक के विपरीत बिक रहे खाद्य पदार्थों जैसे गन्ने का जूस, खुले फल, खुली मिठाइयों, आलू टिकियों, चाट-फुल्की आदि पर रोक लगाने, आबादी में चल रहे पोल्ट्री फार्मों, सुअर बाड़ों की जांच कर आबादी से दूर करने का निर्देश दिया गया। मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी को सुअर पालकों की सूची जिलाधिकारी को उपलब्ध कराने की हिदायत दी गई। मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. अश्वनी कुमार, जिला अर्थ एवं संख्याधिकारी, अपर अर्थ सवं संख्याधिकारी, डीसी मनरेगा रवींद्र वीर सिंह, अधिशासी अभियंता विद्युत सहित अन्य मौजूद रहे।

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