UP Cabinet Portfolio Allocation: योगी कैबिनेट विस्तार तो हो गया, पर विभाग बंटवारा कब? यूपी-दिल्ली के बीच क्या चल रहा है ‘खेला’?
UP Cabinet Portfolio Allocation: योगी आदित्यनाथ सरकार 2.0 के मंत्रिमंडल विस्तार को एक सप्ताह से अधिक समय बीत चुका है, लेकिन अब तक नए मंत्रियों के विभागों का बंटवारा नहीं हो सका है।
UP Cabinet Portfolio Allocation
UP Cabinet Portfolio Allocation: योगी आदित्यनाथ सरकार 2.0 के मंत्रिमंडल विस्तार को एक सप्ताह का समय होने वाला है। लेकिन अब तक नए मंत्रियों के विभागों का बंटवारा नहीं हो सका है। शपथ लेने वाले मंत्री फिलहाल केवल सरकारी बंगले, खाली दफ्तर और नई सरकारी गाड़ियों तक सीमित नजर आ रहे हैं। विभाग आवंटन में हो रही इस देरी ने राजनीतिक गलियारों में कई तरह की चर्चाओं को जन्म दे दिया है।
कुछ विभागों को लेकर मची खींचतान
राजनीतिक सूत्रों के अनुसार उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और भारतीय जनता पार्टी के शीर्ष नेतृत्व के साथ हुई बैठकों के बाद उम्मीद जताई जा रही थी कि जल्द विभागों के बंटवारे भी कर दिये जाएंगे। लेकिन अभी तक नए मंत्रियों के बीच विभागों के बंटवारे न होने के बाद मामला तूल पकड़ता जा रहा है। यह मामला दिल्ली और लखनऊ के बीच खींचतान का रूप लेता दिखाई दे रहा है। माना जा रहा है कि कुछ अहम विभागों जैसे लोक निर्माण विभाग, नगर विकास, स्वास्थ्य और सूचना को लेकर आपसी सहमति नहीं बन पा रही है। सूत्रों के मुताबिक मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ कुछ महत्वपूर्ण विभागों को लेकर अपनी अलग राय रखते हैं, जबकि बीजेपी का शीर्ष नेतृत्व अपनी प्राथमिकताओं को लेकर सक्रिय है। यही वजह है कि विभागों के बंटवारे का फॉर्मूला तय होने का समय लग रहा है।
सीएम योगी लेंगे अंतिम निर्णय
मामला केवल नए मंत्रियों तक सीमित नहीं है। खबरें यह भी सामने आ रही हैं कि यूपी के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य और ब्रजेश पाठक के विभागों में बदलाव किया जा सकता है। साथ ही बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र चौधरी को भी बड़ा विभाग देने की मांग सामने आ रही है। इन सभी समीकरणों ने विभाग आवंटन को और जटिल बना दिया है। सूत्र बताते हैं कि बीजेपी नेतृत्व अपनी राय मुख्यमंत्री तक पहुंचा चुका है और अब अंतिम निर्णय योगी आदित्यनाथ को ही लेना है। फिलहाल मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ गोरखपुर में हैं और माना जा रहा है कि जल्द ही इस मुद्दे पर अंतिम फैसला लिया जा सकता है।
वहीं विपक्ष भी कैबिनेट विस्तार के बाद विभाग बंटवारे में देरी को लेकर निशाना साध रहा है। समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव ने तंज कसते हुए कहा कि “डबल इंजन सरकार के डिब्बे आपस में टकरा रहे हैं” और दिल्ली से “पर्ची” आने का इंतजार किया जा रहा है। मंत्रिमंडल विस्तार में पहले हुई देरी और अब विभागों के बंटवारे में जारी गतिरोध ने एक बार फिर दिल्ली और लखनऊ के बीच राजनीतिक तालमेल को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब सभी की नजर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के अगले फैसले पर टिकी हुई है।