बिस्मिल्लाह खां की विरासत पर संकट! पोते नासिर अब्बास ICU में भर्ती, ब्रेन अटैक के बाद हालत नाजुक
Ustad Nasir Abbas Khan Hospitalized: भारत रत्न उस्ताद बिस्मिल्लाह ख़ाँ की शहनाई विरासत को आगे बढ़ाने वाले उनके पोते उस्ताद नासिर अब्बास ख़ाँ की तबीयत बेहद नाजुक बताई जा रही है। ब्रेन अटैक के बाद उन्हें वाराणसी के अस्पताल के ICU में भर्ती कराया गया है, जहां डॉक्टरों की विशेष टीम निगरानी कर रही है।
Ustad Nasir Abbas Khan Hospitalized: भारत के महान संगीत साधक और भारत रत्न पुरस्कार से सम्मानित उस्ताद बिस्मिल्लाह ख़ाँ की महान विरासत को आगे बढ़ा रहे उनके पोते उस्ताद नासिर अब्बास ख़ाँ की सेहत अचानक बहुत ज्यादा बिगड़ गई है। मस्तिष्क में गंभीर आघात लगने के कारण उन्हें वाराणसी स्थित सिटी न्यूरोलॉजी सेंटर अस्पताल के आईसीयू (ICU) में भर्ती कराया गया है। 5 अगस्त और 6 अगस्त के बीच उनकी हालत ज्यादा नाजुक होने पर डॉक्टरों की विशेष टीम को उनके इलाज में लगाया गया है। इस खबर के सामने आते ही देश-विदेश में मौजूद उनके समर्थकों और संगीत प्रेमियों के बीच गहरी चिंता की लहर दौड़ गई है।
कौन हैं नासिर अब्बास
उस्ताद नासिर अब्बास ख़ाँ अपने पिता उस्ताद नय्यर हुसैन बिस्मिल्लाह ख़ाँ के पदचिन्हों पर चलते हुए बनारस की समृद्ध शास्त्रीय संगीत परंपरा को निरंतर जीवंत बनाए हुए हैं। वाराणसी के ऐतिहासिक दालमंडी इलाके से ताल्लुक रखने वाले नासिर अब्बास ने अपने दादा द्वारा शुरू की गई शहनाई वादन की विश्वप्रसिद्ध शैली को पूरी दुनिया में पहचान दिलाई है। वे उस अनमोल सांस्कृतिक धरोहर के संरक्षक हैं, जिसने भारतीय शास्त्रीय संगीत को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक नया आयाम और सम्मान दिया था। आज उनकी यह अस्वस्थता केवल एक व्यक्ति का संकट नहीं, बल्कि पूरी भारतीय कला परंपरा के लिए एक बड़ा धक्का है।
आर्थिक तंगी और स्वास्थ्य संकट से जूझ रहा है परिवार
पीढ़ियों से भारतीय संस्कृति को संवारने वाले पारंपरिक कलाकारों की तरह ही उस्ताद नासिर अब्बास ख़ाँ का परिवार भी लंबे समय से भारी आर्थिक तंगी का सामना कर रहा है। शास्त्रीय कला को अपना पूरा जीवन समर्पित करने के बावजूद आज वे गंभीर स्वास्थ्य आपात स्थिति और वित्तीय कठिनाइयों के दोहरे संकट से लगातार गुजर रहे हैं। इस कठिन समय में उनके परिवार और शुभचिंतकों ने सभी देशवासियों से उनके जल्द स्वस्थ होने के लिए दुआ और प्रार्थना करने की बेहद भावुक अपील की है।
केंद्र व राज्य सरकार से मदद की उठने लगी मांग
शास्त्रीय संगीत की इस अमर विरासत को सुरक्षित रखने के लिए अब सरकारी मदद की मांग तेजी से उठने लगी है। देश के बुद्धिजीवियों और कला प्रेमियों का मानना है कि केंद्र सरकार, उत्तर प्रदेश सरकार और संस्कृति मंत्रालय को तुरंत आगे आकर उनके समुचित इलाज का पूरा खर्च उठाना चाहिए। साथ ही उन्हें दीर्घकालिक स्वास्थ्य सुरक्षा और आवश्यक वित्तीय सहायता प्रदान करनी चाहिए, ताकि भारत की यह अमूल्य धरोहर हमेशा सुरक्षित रह सके।
हर कोई मांग रहा दुआ
अस्पताल में भर्ती नासिर अब्बास की स्थिति पर डॉक्टरों की टीम निगरानी रख रही है। बनारस से लेकर पूरे देश में संगीत साधक उनकी सलामती के लिए प्रार्थना कर रहे हैं। लोगों का कहना है कि जिस शहनाई ने दशकों तक पूरे भारत को आनंदित किया, आज उसके संरक्षक को हमारी दुआओं और त्वरित सहायता की सख्त जरूरत है।