4 महीने तक कैसे रखी गई खामेनई की लाश? अंतिम संस्कार में क्यों डर रहा ईरान

Ali Khamenei Funeral: अयातुल्लाह अली खामेनेई के अंतिम संस्कार में देरी, पार्थिव शरीर को महीनों तक सुरक्षित रखने की वजह और ईरान की अभूतपूर्व सुरक्षा तैयारियों को लेकर जानिए पूरी जानकारी।

Update:2026-07-02 15:53 IST

Ali Khamenei Funeral: ईरान के दिवंगत सर्वोच्च नेता अयातुल्लाह अली खामेनेई का पार्थिव शरीर पिछले फरवरी से विशेष कोल्ड स्टोरेज में सुरक्षित रखा गया है। आधिकारिक कार्यक्रम के अनुसार, 9 जुलाई को उन्हें उनके जन्मस्थान मशहद में सुपुर्द-ए-खाक किया जाएगा। अंतिम संस्कार से पहले ईरान और इराक में पांच दिनों तक धार्मिक और राजकीय रस्में आयोजित होंगी। इस दौरान सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह सतर्क हैं, क्योंकि प्रशासन को आशंका है कि अंतिम यात्रा में भारी भीड़ के कारण कोई बड़ा हादसा न हो जाए।

पांच दिन तक चलेंगी अंतिम संस्कार की रस्में

रिपोर्टों के मुताबिक, अंतिम यात्रा शुरू होने से पहले खामेनेई का पार्थिव शरीर तीन दिनों तक तेहरान के मोसल्ला नमाज परिसर में अंतिम दर्शन के लिए रखा जाएगा। इसके बाद शव को इराक के पवित्र शिया शहर नजफ और कर्बला ले जाया जाएगा। वहां धार्मिक अनुष्ठान पूरे होने के बाद पार्थिव शरीर को ईरान के कोम होते हुए मशहद पहुंचाया जाएगा, जहां इमाम रजा की दरगाह में उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा। हालांकि, अब तक यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि जनाजे की नमाज कौन पढ़ाएगा। कुछ जानकारों का मानना है कि उनके बेटे मोजतबा खामेनेई यह जिम्मेदारी निभा सकते हैं, लेकिन इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

अभूतपूर्व सुरक्षा व्यवस्था

ईरान प्रशासन इस पूरे कार्यक्रम को देश के सबसे बड़े सुरक्षा अभियानों में से एक मान रहा है। लाखों श्रद्धालुओं की संभावित मौजूदगी को देखते हुए भीड़ नियंत्रण के व्यापक इंतजाम किए गए हैं। रजावी खुरासान प्रांत के अधिकारियों ने संकेत दिया है कि अंतिम यात्रा की निगरानी के लिए हेलीकॉप्टरों की भी तैनाती की जा सकती है। वहीं, इराक में होने वाली रस्मों के समन्वय के लिए ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची पहले ही बगदाद का दौरा कर चुके हैं।

पुराने हादसों से सबक

कड़ी सुरक्षा के पीछे दो बड़े ऐतिहासिक हादसे भी वजह हैं। वर्ष 1989 में इस्लामी गणराज्य के संस्थापक अयातुल्लाह रूहुल्लाह खुमैनी के जनाजे में लाखों लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी थी। ताबूत तक पहुंचने की होड़ में अफरातफरी मच गई, जिससे अंतिम संस्कार को कुछ समय के लिए टालना पड़ा और कई लोग हताहत हुए। इसी तरह, जनवरी 2020 में ईरानी सैन्य कमांडर कासिम सुलेमानी के अंतिम संस्कार के दौरान करमान में भगदड़ मच गई थी, जिसमें 56 लोगों की मौत हुई थी और 200 से अधिक लोग घायल हो गए थे। इस घटना के बाद भी दफन की प्रक्रिया स्थगित करनी पड़ी थी।

चार महीने तक कैसे सुरक्षित रखा गया पार्थिव शरीर?

खामेनेई के अंतिम संस्कार में कई महीनों की देरी के बाद यह सवाल भी उठा कि उनका पार्थिव शरीर किस तरह सुरक्षित रखा गया। इस्लाम में सामान्यतः मृत्यु के तुरंत बाद दफनाने की परंपरा है और शव पर रासायनिक लेप लगाने की अनुमति नहीं होती। विशेषज्ञों का कहना है कि सुरक्षा कारणों और विशेष परिस्थितियों को देखते हुए पार्थिव शरीर को रेफ्रिजरेटेड कोल्ड स्टोरेज में सुरक्षित रखा गया। शिया धार्मिक कानून असाधारण परिस्थितियों में दफन में देरी और शव को कोल्ड स्टोरेज में रखने की अनुमति देता है, इसलिए इस प्रक्रिया को धार्मिक और कानूनी मानकों के अनुरूप माना जा रहा है।

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