140 टन मलबे के नीचे 8 दिन... फिर भी नहीं टूटी सांसें, रेस्क्यू देख छलक पड़े आंसू
Venezuela Earthquake: वेनेजुएला में भूकंप के बाद 8 दिन तक 140 टन मलबे में दबा शख्स जिंदा मिला। BBC की रिपोर्ट के अनुसार, कई देशों की टीम ने चलाया सफल रेस्क्यू अभियान।
Venezuela Earthquake: वेनेजुएला में आए दो भीषण भूकंपों के बाद एक ऐसी कहानी सामने आई है, जिसने पूरी दुनिया को भावुक कर दिया। BBC की रिपोर्ट के अनुसार, एक व्यक्ति 8 दिनों तक करीब 140 टन मलबे के नीचे दबा रहने के बावजूद जिंदा बच गया। लगातार कई दिनों तक चले मुश्किल रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद बचाव दल ने उसे सुरक्षित बाहर निकाल लिया। बताया जा रहा है कि इस शख्स का नाम हर्नान गिल है। जब उसे मलबे से बाहर निकाला गया तो वहां मौजूद बचावकर्मी और स्थानीय लोग भावुक हो गए। कई लोगों ने इसे किसी चमत्कार से कम नहीं माना।
भूकंप ने मचाई भारी तबाही
24 जून को वेनेजुएला में आए दो शक्तिशाली भूकंपों ने बड़े पैमाने पर तबाही मचाई। BBC की रिपोर्ट के अनुसार, इस आपदा में अब तक 2,595 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि हजारों लोग अब भी लापता बताए जा रहे हैं। कई इमारतें पूरी तरह ढह गईं और राहत-बचाव कार्य लगातार जारी है। इसी दौरान एक ढही हुई इमारत के नीचे से हर्नान गिल की हल्की आवाज सुनाई दी, जिसने बचाव दल की उम्मीद को जिंदा रखा।
मलबे के नीचे से सुनाई दी जिंदगी की आवाज
रिपोर्ट के मुताबिक, कोस्टा रिका रेड क्रॉस के पैरामेडिक एलन मैड्रिगल ने सबसे पहले मलबे के नीचे से किसी के मदद के लिए पुकारने की आवाज सुनी। शुरुआत में उन्हें यकीन ही नहीं हुआ कि कोई इतने दिनों बाद भी जिंदा हो सकता है। उन्होंने अपने साथी से भी पुष्टि कराई, जिसके बाद तुरंत बड़े स्तर पर रेस्क्यू अभियान शुरू किया गया। बचाव दल ने बेहद सावधानी से मलबा हटाना शुरू किया क्योंकि थोड़ी सी भी लापरवाही अंदर फंसे व्यक्ति की जान के लिए खतरा बन सकती थी।
एक छोटी सी जगह बनी जिंदगी की ढाल
जानकारी के मुताबिक, हर्नान गिल एक पार्किंग क्षेत्र के बेसमेंट में स्थित छोटे से सुरक्षा कक्ष में ड्यूटी पर थे। भूकंप आने के बाद पूरी इमारत ढह गई, लेकिन वह छोटा कंक्रीट का केबिन उनके चारों ओर सुरक्षा कवच की तरह बन गया। इसी वजह से भारी मलबे के बावजूद उन्हें गंभीर चोट नहीं आई। रेस्क्यू टीम ने एक संकरी सुरंग बनाकर उन्हें पानी पहुंचाया। डॉक्टरों ने उन्हें ड्रिप भी लगाई ताकि उनके शरीर में पानी और जरूरी पोषण की कमी न हो।
कई देशों की टीम ने मिलकर बचाई जान
इस रेस्क्यू ऑपरेशन में वेनेजुएला के अलावा चिली, कोस्टा रिका, मैक्सिको, पुर्तगाल, अल सल्वाडोर और अमेरिका के बचाव दल भी शामिल थे। अभियान के दौरान कई बार मलबे के बीच बनाई गई सुरंगें भी टूट गईं, जिससे बचावकर्मियों की जान भी खतरे में पड़ गई। इसके बावजूद किसी ने हार नहीं मानी। बचावकर्मियों ने छोटे कैमरे के जरिए हर्नान गिल तक पहुंच बनाई और उनसे लगातार बात करते रहे ताकि उनका हौसला बना रहे।
'हम फिर लौट आए', सुनकर मुस्कुराया हर्नान
BBC की रिपोर्ट के अनुसार, मैक्सिको रेड क्रॉस के एक सदस्य ने बताया कि हर्नान गिल लगातार बचावकर्मियों से बात करते रहे। वह अपने परिवार की चर्चा करते थे और टीम के सदस्यों को पहचानकर कहते थे, "अच्छा लगा कि आप लोग फिर मेरे पास लौट आए।" यहां तक कि उन्होंने अपनी पसंद के फ्लेवर वाला हाइड्रेशन ड्रिंक भी मांगा, जिसे बचाव दल ने उन्हें उपलब्ध कराया। इस दौरान बचावकर्मी लगातार उनका हौसला बढ़ाते रहे और आखिरकार कई दिनों की मेहनत के बाद उन्हें सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया।
दुनिया के लिए बनी उम्मीद की मिसाल
हर्नान गिल का सुरक्षित बच निकलना इस भीषण त्रासदी के बीच उम्मीद की सबसे बड़ी खबर बन गया। जहां एक ओर हजारों परिवार अपनों को खोने के गम में डूबे हैं, वहीं यह रेस्क्यू ऑपरेशन यह साबित करता है कि जब तक उम्मीद जिंदा है, तब तक जिंदगी भी हार नहीं मानती।