समुद्र में महाधोखा! भारतीय जहाज 'सैनमार हेराल्ड' पर फायरिंग का क्या है 'क्रिप्टो कनेक्शन'? होर्मुज से आई ये खबर उड़ा देगी होश

होर्मुज स्ट्रेट में भारतीय जहाज ‘सैनमार हेराल्ड’ पर ईरान की गोलीबारी को लेकर अब क्रिप्टो ठगी की आशंका जताई जा रही है। माना जा रहा है कि फर्जी क्लीयरेंस संदेशों के चलते जहाज को लगा कि उसे सुरक्षित रूप से होर्मुज पार करने की अनुमति मिल गई है, जिसके बाद वह ईरानी नौसेना के हमले का शिकार हो गया।

By :  Shivam
Update:2026-04-22 19:08 IST

होर्मुज स्ट्रेट में पिछले हफ्ते ईरान द्वारा जिस भारतीय जहाज पर फायरिंग की गई, उसे लेकर एक नया शक सामने आया है—क्या वह किसी क्रिप्टो ठगी का शिकार हुआ था? फर्जी ‘क्लीयरेंस’ मैसेज की खबरों ने इस आशंका को जन्म दिया है कि जहाज को लगा होगा कि उसे सुरक्षित गुजरने की अनुमति मिल चुकी है, और इसी भ्रम में वह हमले की चपेट में आ गया।

शनिवार को भारतीय व्यापारी जहाज ‘सैनमार हेराल्ड’ जब होर्मुज स्ट्रेट पार करने की कोशिश कर रहा था, तभी उस पर भारी गोलीबारी हुई। हमले के दौरान घबराए कप्तान ने ईरानी अधिकारियों को रेडियो पर संदेश भेजते हुए कहा कि उन्हें पहले ही गुजरने की अनुमति दी गई थी, फिर भी उन पर फायरिंग क्यों हो रही है।

अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि अगर जहाज को वास्तव में अनुमति मिली थी, तो फिर हमला क्यों हुआ?

ग्रीस की समुद्री रिस्क मैनेजमेंट कंपनी MARISKS के मुताबिक, गोलीबारी का शिकार हुए जहाजों में से एक संभवतः धोखाधड़ी का शिकार हो सकता है। अंतरराष्ट्रीय एजेंसी रॉयटर्स ने भी इस आशंका का जिक्र किया है।

बताया गया कि एक अन्य भारतीय जहाज ‘जग अर्णव’, जो सऊदी अरब के अल जुबैल जा रहा था, उस पर भी फायरिंग हुई। वहीं ‘सैनमार हेराल्ड’ इराक से कच्चा तेल लेकर भारत लौट रहा था।

इस घटना के बाद भारत ने कड़ा रुख अपनाते हुए ईरानी राजनयिक को तलब किया। विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने कहा कि सरकार इस पूरे घटनाक्रम को लेकर गंभीर रूप से चिंतित है।

इसी बीच, होर्मुज स्ट्रेट में अन्य हमलों की खबरें भी सामने आईं। एक फ्रांसीसी कंटेनर जहाज को अज्ञात प्रोजेक्टाइल से नुकसान पहुंचा, जबकि क्रूज शिप ‘माइन शिफ 4’ के पास धमाका हुआ और उसे IRGC की ओर से धमकी दी गई।

MARISKS ने चेतावनी दी है कि पिछले दो महीनों से होर्मुज में फंसे सैकड़ों जहाज साइबर ठगी का निशाना बन सकते हैं। ठग खुद को ईरानी अधिकारी बताकर जहाजों से सुरक्षित मार्ग दिलाने के नाम पर बिटकॉइन या USDT जैसी क्रिप्टोकरेंसी में भुगतान मांग रहे हैं।

एक कथित फर्जी संदेश में कहा गया कि दस्तावेजों की जांच के बाद क्रिप्टो में फीस देने पर ही जहाज को बिना बाधा स्ट्रेट पार करने की अनुमति मिलेगी।

घटना के बाद MARISKS और UKMTO ने शिपिंग कंपनियों को अलर्ट जारी कर सतर्क रहने को कहा है। हालांकि अब तक किसी प्रभावित जहाज की आधिकारिक पहचान सार्वजनिक नहीं की गई है।

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