विनाश का कारण बनती है भगवान की इन मूर्तियों का दर्शन,जानिए कैसे आती है अड़चन

अयोध्या में होगी भगवान श्री राम की विशालकाय मूर्ति की स्थापना, CM के समक्ष किया प्रस्तुतीकरण

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जयपुर:हर घर में मंदिर या भगवान की मूर्ति होती हैं, जिसके दर्शन कर व्यक्ति अपनी सुबह की शुरुआत करता हैं। क्योंकि भगवान के दर्शन मात्र से शरीर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता हैं और पूरा दिन शुभ व्यतीत होता हैं। लेकिन क्या  जानते है कि भगवान की कुछ मूर्तियों के दर्शन करना वर्जित हैं, क्योंकि वे अशुभ प्रभावों का कारण बन सकती हैं। वास्तु के अनुसार भगवन की कुछ मूर्तियों के दर्शन करना अच्छा नहीं माना गया हैं।

* भगवान की मूर्ति घर में इस तरह रखनी चाहिए कि इनके पीछे का भाग यानि पीठ दिखाई नहीं दे। भगवान की पीठ का दिखना शुभ नहीं माना जाता।

* पूजा स्थल में एक ही भगवान की दो मूर्तियां रखना भी अच्छा नहीं होता है। खासतौर पर अगर दोनों मूर्तियां आस-पास या आमने-सामने हो। ऐसी मूर्तियों के दर्शन करने से बार-बार लड़ाई होती है।

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* भले ही किसी मूर्ति से कितनी ही गहरी आस्था जुडी हो, लेकिन मूर्ति खंडित हो जाए तो उसके दर्शन करना अच्छा नहीं होता है। ऐसी मूर्ति के दर्शन या पूजा करना अशुभ फलों का कारण बनता है।

* मंदिर में भगवान की ऐसी मूर्ति रखनी चाहिए, जिसमें उनका मुंह सौम्य और हाथ आशीर्वाद की मुद्रा में हो। रौद्र और उदास मूर्ति के दर्शन करने से नकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।

* भगवान की ऐसी किसी मूर्ति के दर्शन नहीं करने चाहिए, जिसमे वे युद्ध करते या किसी का विनाश करते नज़र आए। ऐसी मूर्ति के दर्शन करना भी दुःखों का कारण बन सकता है।