×

Krishna Janmashtami 2021 Kab Hai : कृष्ण जन्माष्टमी कब है, जानिए सही मुहूर्त और रोहिणी नक्षत्र की अवधि

Krishna Janmashtami 2021 Kab Hai कृष्ण जन्माष्टमी के दिन रोहिणी नक्षत्र में कृष्ण के बाल रुप की माखन, मिश्री, गंगाजल पंचामृत से पूजा की जाती है और व्रत-उपवास कर श्रीकृष्ण से धर्म के मार्ग पर चलने की कामना की जाती है।

Suman  Mishra
Published By Suman Mishra
Published on: 15 Jun 2021 3:06 PM IST
कृष्ण जन्माष्टमी
X

सांकेतिक तस्वीर ( सौ.से सोशल मीडिया)

कृष्ण जन्माष्टमी ( Krishna Janmashtami 2021 ) कब है ?

श्रीकृष्ण का जन्म भगवान श्रीविष्णु के आठवें अवतार के रुप में हुआ था। इस दिन को कृष्ण जन्माष्टमी के रुप में मनाते हैं। श्रीकृष्ण का जन्म मथुरा में भाद्रपद के कृष्ण पक्ष की अष्टमी को रोहिणी नक्षत्र में मध्यरात्रि के समय हुआ था। द्वापर युग में श्रीकृष्ण ने असुरों और मामा कंस के आतंक से जन मानस को बचाने के लिए अवतार लिया था। इस साल 2021 में जन्माष्टमी का त्योहार 29-30 अगस्त को है।

कृष्ण जन्माष्टमी का शुभ मुहूर्त

भाद्र मास के दिन कृष्ण पक्ष की अष्टमी को यदि रोहिणी नक्षत्र लगता है तो वह और भी भाग्यशाली माना जाता है। जानते हैं कृष्ण जन्माष्टमी के दिन का शुभ मुहूर्त

अष्टमी तिथि का आरंभ – 23.24 (29 अगस्त)

अष्टमी तिथि का समाप्त – 01.59 (31 अगस्त)

कृत्तिका नक्षत्र- 29 अगस्त 03.35 AM से 30 अगस्त 06.39 AM

रोहिणी नक्षत्र -30 अगस्त 06.39 AM से 31 अगस्त 09:44 AM

निशिता काल पूजा– 23.58 से 00.44

पारण– 09.44 ,31 अगस्त के बाद

अभिजीत मुहूर्त -12.02 PM से 12.52 PM

अमृत काल – नहीं

ब्रह्म मुहूर्त – 04.36 AM से 05.24 AM

विजय मुहूर्त- 02.05 PM से 02.56 PM

गोधूलि बेला- 06.06 PM से 06.36 PM

सर्वार्थसिद्धि योग – 30 अगस्त 06.39 AM – 31 अगस्त 06.12 AM

कृष्ण जन्माष्टमी के दिन कृष्ण के बाल रुप की माखन, मिश्री, गंगाजल पंचामृत से पूजा की जाती है और व्रत-उपवास कर श्रीकृष्ण से धर्म के मार्ग पर चलने की कामना की जाती है।

Suman  Mishra

Suman Mishra

एस्ट्रोलॉजी एडिटर

मैं वर्तमान में न्यूजट्रैक और अपना भारत के लिए कंटेट राइटिंग कर रही हूं। इससे पहले मैने रांची, झारखंड में प्रिंट और इलेक्ट्रानिक मीडिया में रिपोर्टिंग और फीचर राइटिंग किया है और ईटीवी में 5 वर्षों का डेस्क पर काम करने का अनुभव है। मैं पत्रकारिता और ज्योतिष विज्ञान में खास रुचि रखती हूं। मेरे नाना जी पंडित ललन त्रिपाठी एक प्रकांड विद्वान थे उनके सानिध्य में मुझे कर्मकांड और ज्योतिष हस्त रेखा का ज्ञान मिला और मैने इस क्षेत्र में विशेषज्ञता के लिए पढाई कर डिग्री भी ली है Author Experience- 2007 से अब तक( 17 साल) Author Education – 1. बनस्थली विद्यापीठ और विद्यापीठ से संस्कृत ज्योतिष विज्ञान में डिग्री 2. रांची विश्वविद्यालय से पत्राकरिता में जर्नलिज्म एंड मास कक्मयूनिकेश 3. विनोबा भावे विश्व विदयालय से राजनीतिक विज्ञान में स्नातक की डिग्री

Next Story