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मकर संक्रांति कब है और कितने बजे से है? 2022 में, जानिए कितने बजे से कितने बजे तक है महापुण्य संक्रांति काल

Makar Sankranti kab hai aur kitne baje se hai 2022: मकर संक्रांति का दिन सूर्य और शनि के मिलन और पूजा और गायत्री-सूर्य मंत्र के जाप करने का उत्तम फल मिलने का दिन है। मकर संक्राति के कई नामों से जानते हैं। जैसे खिचड़ी , दही चुरा, पोंगल, बिहू, लोहड़ी और ओणम पूरब से पश्चिम, उत्तर से दक्षिण तक इस रूप में मनाते हैं।

Suman  Mishra | Astrologer

Suman  Mishra | AstrologerPublished By Suman Mishra | Astrologer

Published on 25 Nov 2021 9:52 AM GMT

Makar Sankranti kab hai aur kitne baje se hai 2022
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सांकेतिक तस्वीर ( सौ. से सोशल मीडिया)

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मकर संक्रांति कब है और कितने बजे से है? 2022 में

मकर संक्रांति ( Makar Sankranti) की तिथि को नई फसल और नए ऋतु के आगमन के उत्सव के रुप में मनाया जाता है। इस तिथि का हिंदू धर्म में बहुत धार्मिक महत्व है। इस दिन लोग पवित्र नदियो में स्नान और दान करते हैं। साल 2022 में मकर संक्रांति 14 जनवरी शुक्रवार ( Friday ) के दिन पड़ रहा है। मकर संक्रांति के दिन सूर्य मकर राशि में गोचर करते हैं और उत्तरार्ध में जाते हैं वैसे तो पूरे देश में मकर संक्रांति का त्योहार मनाया जाता है, लेकिन बिहार बंगाल, यूपी , पंजाब समेत तमिलनाडू में किसान इस दिन को नई फस के जश्न की तरह मनाते हैं।

मकर संक्रांति का शुभ मुहूर्त ( Makar Sankranti Ka Shubh Muhurat)

  • मकर संक्रांति 2022 का शुभ काल- 14 जनवरी
  • संक्रांति काल - 14:42 बजे (14 जनवरी 2022)
  • पुण्यकाल - 14:42 से 17:42 बजे तक
  • महापुण्य काल - 14:42 से 15:06 बजे तक
  • संक्रांति स्नान - सुबह14:12:26, 14 जनवरी 2022
  • तिथि- द्वादशी 10:19 PM तक उसके बाद त्रयोदशी

नक्षत्र-रोहिणी 08:18 PM तक उसके बाद मॄगशिरा

  • अभिजीत मुहूर्त -11:46 AM से 12:29 PM
  • अमृत काल – 04:40 PM से 06:29 PM
  • ब्रह्म मुहूर्त – 05:38 AM से 06:26 AM
  • विजय मुहूर्त- 01:54 PM से 02:37 PM
  • गोधूलि बेला- 05:18 PM से 05:42 PM
  • त्यौहार - रोहिणी व्रत, मकर संक्रांति
  • सूर्य जनवरी 14 , 2022 को 02:34 PM तक धनु राशि, के बाद मकर राशि में प्रवेश करेगा।


सांकेतिक तस्वीर ( सौ. से सोशल मीडिया)

मकर संक्रांति ओणम, पोंगल

मकर संक्रांति को लेकर मान्यता है कि इस दिन सूर्यदेव ( Sun) सब कुछ भूल कर अपने पुत्र शनि ( Shani) से मिलने जाते है। इसलिए इस दिन सारे शिकवे भुलाकर रिश्तों को एक चांस दिया जाता है। इस साल 2022 की मकर संक्रांति खास इस लिए भी है कि सूर्य और शनि 30 साल बाद मकर राशि में एक साथ मिलेेंगे। इस दिन 4 ग्रह मकर राशि में हैं, जो शक्तिशाली युति बना रहे हैं। बृहस्पति-शनि-बुध-सूर्य मकर राशि में गोचर करेंगे,इससे सभी राशियों में बदलाव आएगा। इसका हमारे जीवन पर प्रभाव पड़ सकता है। यह दिन नकारात्मकता से सकारात्मकता की ओर ले जाता है। इस समय सूर्य की रौशनी बढने लगती है। मकर संक्रांति के दिन नदियों में स्नान करने से पापों से छुटकारा मिल जाता है। इस दिन भगवान सूर्य और शनि की पूजा और गायत्री मंत्र और सूर्य मंत्र का जाप करते हैं। मकर संक्राति के कई नाम से जाना जाता है। जैसे खिचड़ी , दही चुरा, पोंगल, बिहू, लोहड़ी और ओणम पूरब से पश्चिम, उत्तर से दक्षिण तक इस रूप में मनाते हैं।

Suman  Mishra | Astrologer

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