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हाथ व पैर की ये रेखा बताती है व्यक्ति की प्रकृति, चोर है या अपराधी

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sumanBy suman

Published on 4 Feb 2019 1:17 AM GMT

हाथ व पैर की ये रेखा बताती है व्यक्ति की प्रकृति, चोर है या अपराधी
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जयपुर:हस्तरेखा के अनुसार सबसे पहले उंगलियों एवं अंगूठे की बनावट देखी जाती है।हस्‍तरेखा के जरिए यह बताया जा सकता है कि व्‍यक्‍ति अपराधी है अथवा नहीं। इसके अलावा पैर के भी फलादेश के लिए पुरुषों का दायां और महिलाओं का बायां पैर महत्वपूर्ण माना जाता है। इसका मतलब यह भी है कि स्त्रियों के बाएं एवं पुरुषों के दाएं पैर की रेखाएं सौद फीसदी फलदायक होती हैं इसलिए फलादेश में दोनों पैरों का महत्‍व होता है। तो जानते है हाथ व पैर की रेखाओं के बारे में...

हाथ की इस रेखा का महत्व

अगर दोनों हथेलियों की त्वचा खुरदरी, उंगलियां आगे से नुकीली, अंगूठा चपटा हो और मस्तिष्क रेखा हथेली के बीचो-बीच नीचे की तरफ झुकती चली जाए अथवा ऊपर की तरफ उठती हुई ह्रदय रेखा से मिलने की कोशिश करे या मिल जाय तो समझिए वह व्‍यक्‍ति मानसिक रूप से विक्षिप्त, अपराधी है ऐसा व्‍यक्‍ति समय के साथ उग्र होता जाएगा। ऐसे व्यक्ति के हाथ में शनि और मंगल पर्वत की स्थिति का भी आकलन जरूरी है।

यदि मस्तिष्क रेखा या उससे निकल कर कोई शाखा अगर सूर्य पर्वत के नीचे आकर ह्रदय रेखा से मिले तो ऐसा व्‍यक्‍ति 25 वर्ष की उम्र में अपराध करेगा। अगर मस्तिष्क रेखा, सूर्य एवं शनि पर्वत के मध्य आकर ह्रदय रेखा से मिले तो वह 30 वर्ष की आय में अपराध करेगा। इसके साथ ही मंगल, शनि एवं चन्द्र पर्वत पर स्थित क्रॉस, जाल एवं काले धब्बे भी आपराधिक स्वभाव के संकेतक होते हैं। रेखाओं से हम अपराध की प्रकृति भी जान सकते हैं। नीचे की तरफ अत्यधिक झुकी हुई मस्तिष्क रेखा अवसाद एवं आत्महत्या की प्रवृति को बढ़ावा देती है।

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पैर की रेखा व भाग्य

जिस तरह हाथ में भाग्य रेखा होती है उसी प्रकार पैर में यह खड़ी रेखा पाई जाती है। यह रेखा जितनी गहरी, लंबी, स्पष्ट एवं निर्दोष होती है, जातक उतना ही अधिक सुख-संपत्तियुक्त जीवन यापन करता है। यह पद्म रेखा भी कहलाती है। अगर यह रेखा एड़ी के निचले भाग से प्रांरभ होकर अंगूठे तक जाए तो जातक देश-विदेश में प्रसिद्ध राजा होता है।

पैरों के मध्य से निकलकर तीन रेखाएं साथ चलकर आगे बढ़े और उसमें से एक रेखा अंगुलियों तक पहुंच जाए तो ऐसा जातक परम ऐश्वर्यशाली एवं प्रत्येक क्षेत्र में सफलता प्राप्त करता है।यदि एक तीन इंच की खडी रेखा एड़ी के मध्य स्थित हो तो ऐसा जातक मदिरापान करने वाला तथा अपने स्वजन बंधु-बांधव, पुत्र आदि से विरोध रखता है। उसे अपनी मदिरापान मंडली के मित्र ही अच्छे लगते हैं।

यदि ऐड़ी के मध्य चार इंच की कोई रेखा हो तो ऐसे स्त्री या पुरुष चोर प्रवृत्ति के होते हैं। पैरों के मध्यभाग से निकलकर एक खड़ी रेखा अंगुलियों तक जाए तो ऐसा व्यक्ति सौभाग्यशाली होता है। यदि यही रेखा अनामिका उंगली पर जाए तो जातक आलसी होता है।

यदि किसी के पैरों के अंगूठे के नीचे कोई खड़ी रेखा हो तो जातक धनवान, यशस्वी, विद्यावान होता है।यदि पैरों के मध्य अंगुलियों तक खड़ी रेखा के समकक्ष एक और रेखा हो तो स्त्री या पुरुष राज्याधिकारी, उच्च पदाधिकारी, सुख-समृद्धि एवं वैभव प्राप्त करते हैं।

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