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Tulsi Vivah 2023 Date and Time: कब और कैसे होता तुलसी विवाह, जानिए इस शुभ मुहूर्त और विधि

Tulsi Vivah 2023 Date and Time कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी को तुलसी विवाह किया जाता है, इस दिन तुलसी का विवाह शालीग्राम भगवान के साथ होता है।

Suman  Mishra
Written By Suman Mishra
Published on: 24 Oct 2023 7:13 AM IST
Tulsi Vivah 2023 Date and Time: कब और कैसे होता तुलसी विवाह, जानिए इस शुभ मुहूर्त और विधि
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Tulsi Vivah 2023 Date and Time तुलसी विवाह 2023 कब मनाया जाता है:भगवान श्री विष्णु के स्वरूप शालिग्राम का विवाह तुलसी माता से जिस दिन हुआ था। उस दिन को तुलसी विवाह के नाम से जानते हैं। तुलसी विवाह का उत्सव हर साल कार्तिक मास की शुक्ल पक्ष की देवउठनी एकादशी तिथि को मनाया जाता हैं। शास्त्रों के अनुसार भगवान श्री विष्णु देवशयनी एकादशी के दिन विश्राम करने के लिए अपने शयनकक्ष में चले जाते हैं। इस दिन से सभी मांगलिक कार्य जैसे – गृहप्रवेश, विवाह, व्रत, त्योहार रूक जाते हैं। मानते हैं कि कार्तिक मास की एकादशी के दिन विष्णु भगवान जागते हैं और इस दिन से ही शुभ कार्य शुरू हो जाते हैं।

इस बार 2023 में तुलसी विवाह का आयोजन 05 नवंबर, 2022 दिन शनिवार को किया जाएगा. मान्यता है कि इस दिन भगवान विष्णु चार माह की लंबी निद्रा के बाद जागते हैं। इसके साथ ही सारे शुभ मुहूर्त खुल जाते हैं।इस दिन भगवान विष्णु के शालीग्राम अवतार के साथ माता तुलसी के विवाह करने की परंपरा है।। तुलसी विवाह के साथ ही सभी मांगलिक और धार्मिक कार्य शुरू हो जाते हैं

तुलसी विवाह का शुभ मुहूर्त

तुलसी विवाह 2023 : 24 नवंबर, 2023, शनिवार

कार्तिक एकादशी तिथि शुरू: 22 नवंबर को रात 11 बजकर 53 मिनट पर शुरू होगी

एकादशी तिथि समाप्त: 23 नवंबर को रात 9 बजकर 1 मिनट पर होगा

द्वादशी तिथि 23 नवंबर को रात 9.1 मिनट पर शुरू होगी और 24 नवंबर को शाम 7.6 मिनट पर समाप्त होगी।ऐसे में 24 नवंबर को द्वादशी के दिन भी तुलसी विवाह किया जाता है।

24 नवंबर को तुलसी विवाह के लिए शुभ मुहूर्त सुबह 11.43 मिनट से लेकर दोपहर 12.26 मिनट तक रहेगा। इसके अलावा दोपहर 1.54 मिनट से लेकर दोपहर 2 .38 मिनट तक शुभ मुहूर्त है और यह तुलसी विवाह के लिए बेहद ही शुभ मुहूर्त है।


तुलसी विवाह पूजन विधि

भगवान विष्णु का आवाहन इस मन्त्र के साथ करें –

आगच्छ भगवन देव अर्चयिष्यामि केशव। तुभ्यं दास्यामि तुलसीं सर्वकामप्रदो भव

तुलसी विवाह के दिन तुलसी माता के पौधे को गेरू से सजा लें।इसके बाद तुलसी के पौधे पर ओढ़नी के रूप में एक लाल रंग की चुन्नी ओढा दें।अब गमले के चारों ओर गन्नों को खड़ा करके विवाह का मंडप बना लें। इसके बाद तुलसी माता को साड़ी से लपेट दें और उन पर सभी श्रृंगार की वस्तुएं चढ़ा दें।इसके बाद श्री गणेश भगवान की वंदना से पूजा आरम्भ करने के बाद ॐ तुलस्यै नाम: का जाप करते हुए तुलसी की पूजा करें। इसके पश्चात् सभी देवताओं का नाम लें और उन्हें भी धूप बत्ती दिखाएं।अब एक नारियल लें और उसे तुलसी माता के समक्ष टिके के रूप में चढ़ा दें।इसके बाद भगवान शालिग्राम जी की मूर्ति को अपने हाथ में लेकर तुलसी माता के पौधे की सात बार परिक्रमा करें। इस प्रकार तुलसी विवाह व तुलसी पूजा सम्पन्न होती है। साथ ही जीवन में सुख सौभाग्य की पूर्ति होती है।

कैसे मनाते हैं तुलसी विवाह का पर्व?

तुलसी विवाह के दिन ​भगवान विष्णु के शालिग्राम स्वरूप का तुलसी से विवाह होता है. इस दौरान तुलसी के पौधे और शालिग्राम को स्नान कराया जाता है. फिर माता तुलसी को लाल चुनरी, बिंदी व अन्य आभूषण से तैयार किया जाता है. इसके बाद तुलसी और भगवान शालिग्राम का एक धागे से गठबंधन होता है और फिर सिंदूर चढ़ाया जाता है। तुलसी विवाह के दिन मंदिरों में विशेष आयोजन किए जाते हैं। घरों में लोग माता तुलसी का विवाह सम्पन्न करते हैं।

Suman  Mishra

Suman Mishra

एस्ट्रोलॉजी एडिटर

मैं वर्तमान में न्यूजट्रैक और अपना भारत के लिए कंटेट राइटिंग कर रही हूं। इससे पहले मैने रांची, झारखंड में प्रिंट और इलेक्ट्रानिक मीडिया में रिपोर्टिंग और फीचर राइटिंग किया है और ईटीवी में 5 वर्षों का डेस्क पर काम करने का अनुभव है। मैं पत्रकारिता और ज्योतिष विज्ञान में खास रुचि रखती हूं। मेरे नाना जी पंडित ललन त्रिपाठी एक प्रकांड विद्वान थे उनके सानिध्य में मुझे कर्मकांड और ज्योतिष हस्त रेखा का ज्ञान मिला और मैने इस क्षेत्र में विशेषज्ञता के लिए पढाई कर डिग्री भी ली है Author Experience- 2007 से अब तक( 17 साल) Author Education – 1. बनस्थली विद्यापीठ और विद्यापीठ से संस्कृत ज्योतिष विज्ञान में डिग्री 2. रांची विश्वविद्यालय से पत्राकरिता में जर्नलिज्म एंड मास कक्मयूनिकेश 3. विनोबा भावे विश्व विदयालय से राजनीतिक विज्ञान में स्नातक की डिग्री

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