×

Vaishakh Amavasya 2024 वैशाख अमावस्या की तारीख को लेकर कन्फ्यूजन करें दूर

Vaishakh Amavasya 2024 : वैशाख माह का हर दिन बहुत खास होता है। इसमें अमावस्या और पूर्णिमा तिथि का बहुत महत्व है, जानते हैं वैशाख अमावस्या की सही तारीख

Suman  Mishra
Published on: 3 May 2024 12:00 PM IST (Updated on: 3 May 2024 5:58 PM IST)
Vaishakh Amavasya 2024 वैशाख अमावस्या की तारीख को लेकर कन्फ्यूजन करें दूर
X

Vaishakh Amavasya 2024 : हर मास के कृष्ण पक्ष की अंतिम तिथि अमावस्या होती है 12 अमावस्या में वैशाख की अमावस्या का अलग ही महत्व है। इस दिन आकाश में चंद्रमा दिखाई नहीं देता, रात्रि में सर्वत्र गहरा अंधकार छाया रहता है। तंत्र शास्त्र में अमावस्या का बहुत महत्व है और इस दिन होने वाले उपाय बहुत ही प्रभावकारी होते हैं और इनका फल भी शीघ्र मिलता है। वैशाख माह की शुरुआत हो चुकी है। इस माह में आने वाली अमावस्या बहुत महत्वपूर्ण मानी गई है। जो कि 8 मई को पड़ रही है। इस दिन गंगा स्नान और दान करने का भी विशेष महत्व होता है। जानते हैं दान- स्नान का शुभ मुहूर्त और महत्व…

वैशाख अमावस्या शुभ-मुहूर्त

इस साल वैशाख मास के कृष्ण पक्ष की अमावस्या तिथि 07 मई मंगलवार को सुबह 11 .41 पर आरंभ होगी।

साथ ही इसका अंत अगले दिन 08 मई बुधवार सुबह 08 . 52 मिनट पर होगा।

इसलिए उदयातिथि को आधार मानते हुए वैशाख अमावस्या 8 मई को मनाई जाएगी।

वैशाख अमावस्या पर स्नान और दान के कई शुभ मुहूर्त बन रहे हैं।

ब्रह्म मुहूर्त प्रातः 04 .11 मिनट से शुरू होकर 04 . 51 मिनट तक रहेगा।

इसके बाद लाभ-उन्नति मुहूर्त सुबह 05.34 मिनट से से आरंभ होकर 07 . 14 मिनट तक रहेगा।

अमृत-सर्वोत्तम शुभ मुहूर्त सुबह 07 .14 मिनट से शुरू होकर 08 .55 मिनट तक रहेगा। बता दें कि इस दिन दान- स्नान करने से व्यक्ति को अक्षय पुण्य की प्राप्ति होती है।

वैशाख अमावस्या के दिन करें उपाय

पितृ दोष हो या किसी भी ग्रह का दोष, उसे दूर करना, तो अमावस्या के दिन करें ये उपाय। इस दिन तंत्र विद्या और सिद्धियां प्राप्त की जाती हैं। जीवन के कष्टों से मुक्ति पाने के लिए अमावस्या के दिन अचूक उपाय किए जाते हैं…

अमावस्या के दिन पित्रों को दान करने से सूर्य और चंद्रमा के दोषों से मुक्ति मिलती है। भोजन से पहले किसी भी पशु को भोजन का अंश जरूर खिलाएं। इस उपाय से नौकरी में भी लाभ मिलता है।

जीवन में आई समस्याओं के निवारण के लिए एक सूखे नारियल में एक छोटा सा छेद कर के उसमें भूरा भर दें और इसे किसी उजाड़ जमीन, जहां चींटियों की बांबी हो, नारियल पर किया गया छेद धरती के ऊपर की तरफ कर के गाड़ दें। यह उपाय करते समय सतर्क रहें और लौटते समय पीछे मुड़कर न देखें। इस उपाय से घर में सुख समृद्धि का वास होगा।

घर की समृद्धि को बढ़ाने के लिए सबसे ज्‍यादा जरूरी है कि घर में रखें अतिरिक्त सामान, कपड़ों और अनुपयोगी वस्‍तुओं को बाहर निकाला जाए। घर में साफ-सफाई का पूरा ध्यान रखा जाए और चारों कोनों में गंगाजल छिड़क कर सारे नकारात्‍मक ऊर्जा को नष्ट कर दिया जाए।

इस दिन पीपल के पेड़ की पूजा करने से विशेष लाभ प्राप्त होता है। किसी दुर्घटना, बीमारी और पीड़ा के निवारण हेतु अमावस्या के दिन मछुआरे से दो जीवित मछलियों को लेकर उन्हें किसी नजदीकी नदी, तालाब और सरोवर में छोड़ दें। राहु-केतु के प्रभाव से बचने और धन लाभ के लिए भी यह उपाय सर्वोत्तम है।

नजर दोष से बचना चाहते हैं तो घर के दरवाजे पर काले घोड़े की नाल का मुंह ऊपर की ओर खुला रखकर स्थापित करें। अमावस्या के दिन ब्राह्मण को भोजन में खीर अवश्य खिलाएं। ऐसा करने से महापुण्य की प्राप्ति होती है। पित्तरों के लिए शाम के समय पीपल के पेड़ के नीच एक कटोरी खीर अवश्य रखें।

वैशाख अमावस्या पर श्रीमद् भागवत कथा के श्रवण से ​अक्षय पुण्य मिलता है। साथ ही जिन लोगों की कुंडली में पितृ दोष है, उनको पितृ दोष से मुक्ति मिलती है। इस दिन पवित्र नदी में स्नान करने और दान करने से शुभ फलों की प्राप्ति होती है। वहीं इस दिन भगवान विष्णु की पूजा करने से मोक्ष की प्राप्ति होती है। साथ ही इस दिन पीपल के पेड़ की पूजा करें और जल अर्पित करें। ऐसा करने से त्रिदेवों का आशीर्वाद प्राप्त होगा।

Suman  Mishra

Suman Mishra

एस्ट्रोलॉजी एडिटर

मैं वर्तमान में न्यूजट्रैक और अपना भारत के लिए कंटेट राइटिंग कर रही हूं। इससे पहले मैने रांची, झारखंड में प्रिंट और इलेक्ट्रानिक मीडिया में रिपोर्टिंग और फीचर राइटिंग किया है और ईटीवी में 5 वर्षों का डेस्क पर काम करने का अनुभव है। मैं पत्रकारिता और ज्योतिष विज्ञान में खास रुचि रखती हूं। मेरे नाना जी पंडित ललन त्रिपाठी एक प्रकांड विद्वान थे उनके सानिध्य में मुझे कर्मकांड और ज्योतिष हस्त रेखा का ज्ञान मिला और मैने इस क्षेत्र में विशेषज्ञता के लिए पढाई कर डिग्री भी ली है Author Experience- 2007 से अब तक( 17 साल) Author Education – 1. बनस्थली विद्यापीठ और विद्यापीठ से संस्कृत ज्योतिष विज्ञान में डिग्री 2. रांची विश्वविद्यालय से पत्राकरिता में जर्नलिज्म एंड मास कक्मयूनिकेश 3. विनोबा भावे विश्व विदयालय से राजनीतिक विज्ञान में स्नातक की डिग्री

Next Story