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Vat Savitri Vrat 2021:अखंड सौभाग्य का महाव्रत वट सावित्री कब है, जानिए सही मुहूर्त और पूजा विधि

Vat Savitri Vrat 2021: इस दिन खास मुहूर्त और नक्षत्र में महिलाएं पूजा करें तो उनका सुहाग अखंड बना रहता है।

Suman  Mishra | Astrologer
Updated on: 2021-06-08T13:35:22+05:30
सावित्री का व्रत
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कांसेप्ट फोटो ( सौ. से सोशल मीडिया)

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वट सावित्री व्रत 2021 कब है ?

इस साल 10 जून को कृष्ण पक्ष की अमावस्या के दिन वट सावित्री व्रत (Vat Savitri Vrat ) किया जाता है। इस दिन महिला अपने अखंड सौभाग्य और पति की दीर्घायु के लिए व्रत रखती हैं। वट के वृक्ष की पूजा कर महिलाएं इस दिन रक्षा सूत्र बांधते हुए पति की लंबी उम्र के लिए कामना करती हैं।

मान्यता है कि वट के वृक्ष में त्रिदेव ब्रह्मा, विष्णु और महेश का वास होता है। वट सावित्री के दिन ही सावित्री ने यमराज से लड़कर अपने पति सत्यवान की जान बचाई थी।

शुभ मुहूर्त कब है

बुधवार 09 जून दोपहर 01 बजकर 57 मिनट पर अमावस्या तिथि शुरू होगी 10 जून गुरुवार शाम 04 बजकर 22 मिनट पर समाप्त होगी। इस दिन इस बीच वट वृक्ष की पूजा से घर में सुख-शांति, धनलक्ष्मी का भी वास होता है।

अमृत काल -08:09 AM से 09:57 AM, 04:42 AM

अभिजीत मुहूर्त- 11:30 AM से 12:25 PM

विजय मुहूर्त- 02:14 PM से 03:09 PM

ब्रह्म मुहूर्त- 03:44 AM

वट सावित्री व्रत की विधि

अमावस्या के दिन रोहिणी नक्षत्र में इस व्रत को करने से ईश्वर की कृपा बरसती है। व्रत रखने वाली महिलाओं इस दिन सुबह ब्रह्म मुहूर्त में उठकर नित्यकर्म से निवृत होने के बाद विधि-विधान से पूजा करनी चाहिए। इसके लिए खरबूज, खीरा, पंखा, मीठा पुआ कच्चा सूत और बांस की टोकरी में 7 अनाज लिये जाते हैं। साथ ही भीगा चना और गुड़ भी रहता है, जिसका प्रसाद बनाया जाता है और वट वृक्ष में चढ़ाकर पूजा की जाती है।

इस दिन वट वृक्ष की परिक्रमा का बहुत महत्व है। 11, 21 या 108 बार परिक्रमा से ईश्वर की कृपा बरसती हैं और पति के ऊपर आने वाला हर संकट दूर हो जाता है। अंत में कथा सुनकर और आरती के साथ व्रत पूरा किया जाता है।

Suman  Mishra | Astrologer

Suman Mishra | Astrologer

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