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पहली बार शपथ के बाद राज्यपाल की नसीहत, हिंसा रोकने की बात पर ममता ने भी दिया जवाब

राज्यपाल जगदीप धनखड़ ने ममता बनर्जी को हिंसा रोकने की नसीहत दे डाली और जिस पर ममता ने भी तुरंत राज्यपाल को जवाब दिया।

Anshuman Tiwari

Anshuman TiwariWritten By Anshuman TiwariShreyaPublished By Shreya

Published on 5 May 2021 8:25 AM GMT

पहली बार शपथ के बाद राज्यपाल की नसीहत, हिंसा रोकने की बात पर ममता ने भी दिया जवाब
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ममता बनर्जी- जगदीप धनखड़ (फोटो साभार- सोशल मीडिया)

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नई दिल्ली: पहली बार किसी मुख्यमंत्री के शपथग्रहण समारोह में ऐसा नजारा दिखा। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री के रूप में ममता (Mamata Banerjee) की तीसरी बार ताजपोशी के तुरंत बाद राज्यपाल जगदीप धनखड़ (Governor Jagdeep Dhankhar) ने उन्हें हिंसा रोकने की नसीहत दे डाली और ममता बनर्जी ने भी तुरंत राज्यपाल को जवाब भी दिया। शपथग्रहण समारोह के तत्काल बाद राज्यपाल धनखड़ ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का ध्यान राज्य में जारी हिंसा की ओर खींचा और उन्हें हिंसा की घटनाओं पर तुरंत लगाम लगाने की नसीहत दे डाली।

हमेशा मुखर होकर जवाब देने वाली ममता बनर्जी भी कहां शांत रहने वाली थीं। उन्होंने भी तुरंत माइक अपने हाथ में लेकर राज्यपाल को जवाब दिया कि अभी तक राज्य की व्यवस्था चुनाव आयोग के हाथों में थी। अब मैं नई व्यवस्था शुरू करूंगी।

ममता ने तीसरी बार संभाली राज्य की कमान

पश्चिम बंगाल की कमान तीसरी बार संभालने के लिए ममता बनर्जी शपथ ग्रहणसमारोह के लिए तय समय से पहले ही राजभवन स्थित टाउन हॉल पहुंच गई थीं। उनके पहुंचने के करीब 15 मिनट बाद 10:45 बजे राज्यपाल धनखड़ समारोह स्थल पर पहुंचे और करीब 5 मिनट बाद उन्होंने ममता बनर्जी को तीसरी बार पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री पद की शपथ दिलाई।

बांग्ला भाषा में शपथ लेने के बाद मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने राज्यपाल को औपचारिक का अभिवादन किया और राज्यपाल धनखड़ ने ममता को गुलदस्ता भेंट किया। इसके बाद ममता बनर्जी ने सरकारी कागजातों पर दस्तखत किए और फिर सीधे मीडिया से बातचीत करने के लिए पहुंच गईं।

ममता बनर्जी (फोटो साभार- सोशल मीडिया)

कोरोना से जंग को पहली प्राथमिकता बताया

मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने तीसरी बार मौका देने के लिए हर किसी का शुक्रिया अदा किया और कोरोना के खिलाफ जंग को अपनी पहली प्राथमिकता बताया। सभी राजनीतिक दलों से शांति बनाए रखने की अपील की और यह भी कहा कि हम भी कुछ गलत नहीं करेंगे और हमारे दल का कोई कार्यकर्ता भी नहीं करेगा।

बंगाल में हिंसा की घटना नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि आज के बाद किसी भी तरह की हिंसक घटना होती है तो हम कड़ी कार्रवाई जरूर करेंगे। किसी भी व्यक्ति को क्षमा नहीं किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि मैं हमेशा शांति की पक्षधर रही हूं और मेरा मानना है कि बंगाल में शांति थी, है और आगे भी शांति बनी रहेगी।

राज्यपाल की हिंसा रोकने की नसीहत

ममता बनर्जी के अपनी बात समाप्त करने के तुरंत बाद राज्यपाल जगदीप धनखड़ ने माइक ले लिया और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को नसीहत दे डाली। उन्होंने कहा कि मुझे आशा है कि ममता बनर्जी बंगाल में संविधान और कानून व्यवस्था के अनुसार शासन करेंगी। उन्होंने कहा कि मुझे पूरी उम्मीद है कि ममता संविधान का मान रखेंगी और उसी के अनुरूप मुख्यमंत्री के रूप अपना दायित्व निभाएंगी। बंगाल और देश के अन्य प्रांत इस वक्त जिस स्थिति में हैं उससे लोग परेशान हैं।

लोकतंत्र में हिंसा का स्थान नहीं

इन हालात में हमारी सबसे बड़ी प्राथमिकता राज्य में जारी हिंसा को तुरंत बंद करना होनी चाहिए। राज्यपाल ने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में हिंसा के लिए कोई स्थान नहीं है और अगर यह हिंसा चुनावों के बाद बदला लेने के लिए की जा रही है तो यह निश्चित रूप से संविधान के खिलाफ है। राज्यपाल ने कहा कि उन्हें पूरी उम्मीद है कि मुख्यमंत्री कानून व्यवस्था का राज स्थापित करने के लिए तत्काल कड़े कदम उठाएंगी।

ममता बनर्जी- जगदीप धनखड़ (फोटो साभार- सोशल मीडिया)

ममता को बताया छोटी बहन

राज्यपाल ने मुख्यमंत्री को अपनी छोटी बहन बताते हुए कहा कि लगातार तीसरी बार मुख्यमंत्री बनना कोई साधारण बात नहीं है। इतिहास में कई मौके ऐसे आते हैं जब हमें पार्टी और निजी हितों से ऊपर उठकर काम करना पड़ता है। उन्होंने कहा कि मुझे उम्मीद है कि ममता ऐसी व्यवस्था बनाएंगी जिससे राज्य खुशहाली और विकास के रास्ते पर आगे बढ़ेगा और राज्य में तनाव और हिंसा का माहौल समाप्त होगा।

जवाब में ममता ने चुनाव आयोग को घेरा

हर मंच पर हमेशा मुखर रहने वाली ममता बनर्जी भी राज्यपाल की नसीहत पर कहां चुप रहने वाली थीं। राज्यपाल के अपनी बात समाप्त करने के तत्काल बाद ममता ने फिर माइक उठा लिया और कहा कि पिछले कुछ समय से बंगाल की व्यवस्था पूरी तरह चुनाव आयोग के हाथों में थी।

कानून व्यवस्था का मामला भी चुनाव आयोग ने अपने हाथों में ले रखा था। मुझे हिंसा के संबंध में जानकारियां मिली हैं। चुनाव आयोग को घेरते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले दिनों जो कुछ भी घटनाएं हुई हैं उसका जिम्मेदार चुनाव आयोग ही है। उन्होंने राज्य में नई व्यवस्था बनाने का वादा किया और कहा कि बंगाल में अब किसी भी प्रकार की हिंसा नहीं होगी।

बंगाल में हुई हिंसा की तस्वीरें (फोटो साभार- सोशल मीडिया)

राज्य में विभिन्न स्थानों पर हिंसा की खबरें

इस बार के विधानसभा चुनाव में ममता बनर्जी को प्रचंड जीत हासिल हुई है और उनकी पार्टी तृणमूल कांग्रेस ने 213 विधानसभा सीटों पर जीत हासिल की है। हालांकि ममता बनर्जी खुद नंदीग्राम विधानसभा सीट से चुनाव हार गई हैं। चुनाव नतीजों की घोषणा के बाद बंगाल के कई जिलों में हिंसा की खबरें सामने आई हैं और हिंसा की घटनाओं में करीब 11 लोगों के की मौत हो चुकी है। भाजपा ने हिंसा की इन घटनाओं के लिए तृणमूल कांग्रेस को जिम्मेदार ठहराया है।

पीएम मोदी ने भी की थी राज्यपाल से बात

बुधवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी इस सिलसिले में राज्यपाल धनखड़ से फोन पर बातचीत की थी और इन घटनाओं पर चिंता जताई थी। माना जा रहा है कि राज्यपाल ने इसी कारण शपथग्रहण के तुरंत बाद ममता बनर्जी को राज्य में कानून व्यवस्था की स्थिति बहाल करने की नसीहत दे डाली।

जानकारों का कहना है कि शायद यह पहला मौका है जब शपथग्रहण समारोह के बाद किसी राज्यपाल ने मुख्यमंत्री को ऐसी नसीहत दी है। ममता बनर्जी के पिछले कार्यकाल में भी राज्यपाल धनखड़ से उनके रिश्ते सहज नहीं थे। शपथ ग्रहण समारोह से ही इस बात का संकेत मिल गया कि दोनों के रिश्ते आगे भी तल्खी वाले ही रहेंगे।

Shreya

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