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Mamata vs Suvendu: शुभेंदु के घऱ CID का छापा, बंगाल में गर्माया माहौल, ममता से बढ़ी तनातनी

Mamata vs Suvendu: शुभेंदु अधिकारी के पूर्व सुरक्षा गार्ड शुभ्रवत चक्रवर्ती की की रहस्यमयी मौत की जांच को लेकर मेदिनीपुर जिले में एफआईआर दर्ज करवाई गई थी।

Anshuman Tiwari

Anshuman TiwariWritten By Anshuman TiwariShivaniPublished By Shivani

Published on 15 July 2021 8:45 AM GMT

suvendu adhikari-TMC
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सुवेंदु अधिकारी (डिजाइन फोटो- सोशल मीडिया)

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Mamata vs Suvendu: पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस की मुखिया ममता बनर्जी (Mamata Banerjee) और विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी (Suvendu Adhikari) के बीच तनातनी और बढ़ गई है। भाजपा नेता शुभेंदु अधिकारी के पूर्व सुरक्षा गार्ड (Former Bodyguard Death) की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत के मामले में सीआईडी की स्पेशल टीम की शुभेंदु के घर (Suvendu Residence) पर दबिश (CID Raid)के बाद राज्य का सियासी माहौल गरमा गया है। शुभेंदु अधिकारी ने आरोप लगाया कि ममता बनर्जी प्रतिशोध की भावना से काम कर रही हैं और इसी कारण उनके घर पर दबिश दी गई।

शुभेंदु अधिकारी के पूर्व सुरक्षा गार्ड शुभ्रवत चक्रवर्ती की पत्नी सुपर्णा कांजीलाल चक्रवर्ती ने अपने पति की रहस्यमयी मौत की जांच की मांग को लेकर मेदिनीपुर जिले में एफआईआर दर्ज करवाई थी। इसी सिलसिले में शुभेंदु अधिकारी के घर सीआईडी की ओर से दबिश दी गई है।

सीबीआई का जवाब सीआईडी से

नारदा रिश्वत कांड में सीबीआई की ओर से हाल में की गई कार्रवाई के बाद सीआईडी की इस सक्रियता को लेकर भाजपा की ओर से सवाल उठाए जा रहे हैं। पिछले महीने सीबीआई ने नारदा रिश्वत कांड में ममता सरकार के दो प्रमुख मंत्रियों फिरहाद हकीम व सुब्रतो मुखर्जी के अलावा दो पूर्व मंत्रियों मदन मित्रा और शोभन चटर्जी को गिरफ्तार कर लिया था। इस कार्रवाई का विरोध करने ममता बनर्जी खुद सीबीआई कार्यालय पहुंच गई थी और उन्होंने धरना भी दिया था।
माना जा रहा है कि सीबीआई की ओर से की गई इस कार्रवाई के बाद अब ममता बनर्जी ने सीआईडी के जरिए भाजपा को जवाब दिया है।

शुभेंदु के भाई से पूछताछ

शुभेंदु के पूर्व सुरक्षा गार्ड की संदिग्ध हालात में हुई मौत के मामले में एफआईआर दर्ज होने के बाद बंगाल पुलिस ने मामले की जांच सीबीआई को सौंप दी थी। इसी सिलसिले में सीआईडी की तीन सदस्यीय टीम बुधवार को दोपहर शुभेंदु के घर जांच पड़ताल के लिए पहुंची। सीआईडी की टीम ने शुभेंदु के परिवार के सदस्यों से पूछताछ की।

इस पूछताछ के दौरान शुभेंदु घर पर मौजूद नहीं थे। सीआईडी की टीम ने शुभेंदु के भाई और सांसद दिव्येंदु अधिकारी और अन्य लोगों से पूछताछ की। बाद में सीबीआई की टीम ने शुभेंदु के घर पर तैनात सेंट्रल फोर्स की बैरक में जाकर भी पूछताछ की।

शुभेंदु ने लगाया बदला लेने का आरोप

भाजपा की ओर से सीआईडी की ओर से की गई इस कार्रवाई को राजनीतिक प्रतिशोध की भावना से उठाया गया कदम बताया जा रहा है। भाजपा विधायक और विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी ने आरोप लगाया कि ममता बनर्जी अभी तक नंदीग्राम में मिली चुनावी हार को पचा नहीं पाई हैं। नंदीग्राम में हारने के बाद वे तिलमिला गई हैं और बदले की भावना से सालों पुराने झूठे मामले में उन्हें परेशान करने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने कहा कि मेरा उस घटना से कोई लेना देना नहीं है। फिर भी मुझे फंसाने की साजिश रची जा रही है

ममता की याचिका पर शुभेंदु को नोटिस

इस बीच ममता बनर्जी की ओर से नंदीग्राम में चुनावी अनियमितताओं के मामले में दायर याचिका पर कलकत्ता हाईकोर्ट ने शुभेंदु अधिकारी को नोटिस जारी किया है। ममता बनर्जी की ओर से हाईकोर्ट में दायर इस याचिका में नंदीग्राम में शुभेंदु अधिकारी की जीत को चुनौती दी गई है। उन्होंने अपनी याचिका में चुनाव के दौरान अनियमितताओं का आरोप लगाते हुए शुभेंदु अधिकारी का चुनाव रद्द करने की मांग की है। हाईकोर्ट की ओर से जारी नोटिस में शुभेंदु अधिकारी से 12 अगस्त तक जवाब मांगा गया है।

आयोग को दस्तावेज सुरक्षित रखने का आदेश

शुभेंदु अधिकारी को नोटिस जारी करने के साथ ही हाईकोर्ट ने चुनाव आयोग को भी नंदीग्राम के चुनाव से जुड़े सारे दस्तावेज और वीडियो रिकॉर्डिंग आदि को सुरक्षित रखने का आदेश दिया है। हाईकोर्ट ने कहा कि जांच पड़ताल में सहायक दस्तावेजों को सुरक्षित रखा जाना चाहिए क्योंकि इन दस्तावेजों की भविष्य में जरूरत पड़ सकती है।
कोर्ट ने रिटर्निंग ऑफिसर के साथ आयोग के सीईओ और चुनाव आयोग को भी इस मामले में पक्षकार बनाया है। इससे पूर्व हाईकोर्ट के एक अन्य जज ने ममता की ओर से जताई गई आपत्ति के बाद खुद को मामले की सुनवाई से अलग कर लिया था। अब यह मामला सम जस्टिस श॔पा सरकार की बेंच को सौंपा गया है।
दूसरी ओर भाजपा विधायक शुभेंदु अधिकारी ने इस मामले में सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की है। उनकी ओर से दायर याचिका में मांग की गई है कि नंदीग्राम से जुड़े मामले की सुनवाई कलकत्ता हाईकोर्ट से ट्रांसफर करके किसी दूसरे हाईकोर्ट को सौंपी जाए। अब हर किसी की नजर सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर टिकी हुई है। माना जा रहा है कि ममता और शुभेंदु अधिकारी के बीच सियासी जंग के बाद जोरदार अदालती जंग भी होगी।
Shivani

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