TRENDING TAGS :
Bihar: बिहार के इस करप्ट इंजीनियर के पास से मिला 2.62 करोड़ का कालाधन, EOU ने 5 ठिकानों पर की रेड
Bihar: ईओयू को छापेमारी में भ्रष्ट इंजीनियर फिरोज आलम से 2.62 करोड़ का कालाधन मिला। दरअसल EOU ने पटना से लेकर दिल्ली तक कुल 5 ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की गई थी।
इंजीनियर फिरोज आलम के घर से मिले आभूषण।
Bihar: बिहार के एक सरकारी इंजीनियर के पास से कालाधन मिला है। आरोप है कि इस इंजीनियर ने अपने पद का दुरूपयोग किया। काली कमाई के जरिए 2.62 करोड़ की प्रॉपर्टी बनाई। यह उसके मूल कमाई से 92% अधिक राशि है। इस करप्ट इंजीनियर की पहचान भवन निर्माण विभाग (building construction department) के इंजीनियर फिरोज आलम (corrupt engineer Firoz Alam) के रूप में हुई। वह कार्यपालक अभियंता सह रेसिडेंट इंजीनियर है। इसकी पोस्टिंग नई दिल्ली स्थित बिहार भवन और बिहार सदन में है। 28 जुलाई को EOU ने भ्रष्टाचार और आय से अधिक संपत्ति के मामले में इंजीनियर फिरोज आलम के खिलाफ FIR दर्ज किया था।
EOU ने इंजीनियर फिरोज आलम पर कसा था शिकंजा
दरअसल रविवार सुबह को आर्थिक अपराध इकाई (EOU) ने इंजीनियर फिरोज आलम (building construction department) पर शिकंजा कस था। एक साथ पटना से लेकर दिल्ली तक कुल 5 ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की गई थी। इनमें से 4 ठिकाने दिल्ली में हैं, जबकि एक ठिकाना पटना में मिले। EOU के अनुसार इंजीनियर ने खुद के और पत्नी के नाम पर नई दिल्ली के सुखदेव नगर में 1.30 करोड़ का सिर्फ एक फ्लैट खरीद रखा है। इस फ्लैट के रजिस्ट्री पर 6.50 लाख रुपए खर्च किए गए थे। इतना ही नहीं फिरोज आलम ने अपनी पत्नी के नाम पर दिल्ली में ही नूर नगर एक्सटेंशन में भी एक फ्लैट खरीद रखा है। पटना में भी भाई के नाम पर समनपुरा में एक फ्लैट खरीद रखा है। खुद के नाम पर 7 लाख की तो पत्नी के नाम पर 8.20 लाख की कार इन्होंने खरीद रखी है। अपने भतीजे के नाम पर इन्होंने एक सियाज कार खरीद रखा है, जिसे रेंट पर ये बिहार निवास में ही चलवाते हैं।
EOU ने किया ये खुलासा
EOU ने खुलासा किया है कि दिल्ली के जौहरी बाग में 2, शाहीन बाग में एक फ्लैट और मेरठ में जमीन खरीदने का भी सबूत मिले हैं। इसकी जांच चल रही है। दिल्ली में घर से 1.45 लाख रुपया कैश और लाखों रुपए की ज्वेलरी बरामद हुई है।
झारखंड का रहने वाला है इंजीनियर फिरोज आलम
बता दें कि फिरोज आलम (corrupt engineer Firoz Alam) मूल रूप से झारखंड के पलामू में हरिहरगंज का निवासी है। 11 अप्रैल 1991 में जूनियर इंजीनियर के रूप बिहार सरकार की नौकरी जॉइन की थी। इसकी पोस्टिंग दरभंगा और नालंदा जिले में बिहार शरीफ में रही। वहां भी इनके उपर काली कमाई के गंभीर आरोप लगे थे।