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कोरोना मौत के आंकड़ों पर लालू का नीतीश पर वार, कहा-'बन आंकड़ों का दर्जी, घटा-बढ़ा दिया मनमर्जी'

बिहार में कोरोना से हुई मौतों के आंकड़ों को लेकर सियासत तेज हो गई है। लालू प्रसाद यादव ने नीतीश सरकार पर हमला बोला है, उन्होंने कहा 'बन आंकड़ों का दर्जी, घटा-बढ़ा दिया मनमर्जी..फिर भी शर्म ना आई'।

Rahul Singh

Rahul SinghWritten By Rahul Singh

Published on 10 Jun 2021 1:15 PM GMT

कोरोना मौत के आंकड़ों पर घिरी नीतीश सरकार, लालू का तंज, बन आंकड़ों का दर्जी, घटा-बढ़ा दिया मनमर्जी’
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लालू यादव और सीएम नीतीश कुमार, फाइल फोटो, सोशल मीडिया

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बिहार में कोरोना से हुई मौतों के आंकड़ों को लेकर सियासत गर्मा गई है। बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री और आरजेडी प्रमुख लालू प्रसाद यादव और नेता विरोध दल तेजस्वी यादव ने नीतीश सरकार को आड़े हाथों लिया है। लालू प्रसाद यादव ने अपने अंदाज में ट्वीट कर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर निशाना साधा है। तेजस्वी यादव ने भी चार हजार मौतों को ऑडिट के बाद रिकॉर्ड में शामिल किए जाने पर सरकार को घेरा है।

पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव ने एक अखबर की खबर को पोस्ट करते हुए शायराना अंदाजा में ट्वीट किया है, लालू यादव ने लिखा "बन आँकड़ों का दर्ज़ी, घटा-बढ़ा दिया मनमर्ज़ी, फर्ज भुला नीतीश बने फ़र्जी, अपार हुई जगहंसाई , फिर भी शर्म ना आई"।

तेजस्वी यादव ने भी बोला हमला

लालू यादव से पहले उनके छोटे बेटे और बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने भी ट्वीट कर सीएम नीतीश कुमार पर हमला बोला है, उन्होंने कहा "नीतीश जी, इतनी झूठ मत बोलिए और बुलवाइए कि उसके बोझ तले दबने के बाद कभी उठ ना पाएं। जब फँसे तो एकदम से एक दिन में 4000 मौतों की संख्या बढ़ा दी। नीतीश सरकार मौतों का जो आँकड़ा बता रही है उससे 20 गुणा अधिक मौतें हुई है। नीतीश सरकार ही फ़र्जी है तो आँकड़े भी तो फ़र्जी होंगे"।

क्या है पूरा मामला?

दरअसल, बिहार सरकार पर कोरोना से मौत के आंकड़े को छिपाने का आरोप लगा रहा था। 18 मई को ही राज्य सरकार ने कोरोना से होने वाली मौतों के आंकड़ों को लेकर जांच कराने का निर्णय लिया था। इसके लिए दो तरह की टीमें बनाई गई थीं, जिनकी जांच रिपोर्ट में ये लापरवाही सामने आई है।

स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय की सफाई

बुधवार को स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने प्रेस कांफ्रेंस करते हुए ये जानकारी दी कि अब तक मौतों का जो आंकड़ा 5424 बताया गया था, वो गलत है जबकि असली आंकड़ा 9375 (7 जून तक) है। इस मामले में स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय ने कहा कि हम आंकड़े को छिपाना नहीं चाहते हैं, यही वजह है कि जांच कराई और आंकड़े दुरुस्त किए। स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि आंकड़ों के कमी में अगर कोई अधिकारी की लापरवाही सामने आई तो सरकार कार्रवाई करेगी। मंगल पांडेय ने कहा अगर केंद्र के प्रोटोकाल के तहत कोरोना से मृत्यु के मामले सामने आते हैं तो उसे भी शामिल किया जाएगा यानी संख्या और बढ़ सकती है।

बता दें कि बिहार सरकार ने कोरोना से हुई मौतों का ऑडिट करवाया था, जिसके बाद अब नया आंकड़ा जारी किया गया है। अभी तक बिहार में कोरोना के कारण साढ़े पांच हजार के करीब मौतें दिखाई जा रही थीं, लेकिन अब एक ही दिन में पुराने आंकड़े को जोड़ दिया गया और अब बिहार में कोरोना के कारण हुई मौतों की संख्या नौ हज़ार को पार कर गई है।

पूर्व सांसद पप्पू यादव ने साधा निशाना

राज्य में बहुत पहले से विपक्षी दल मौत के आंकड़ों के छुपाने का आरोप लगाते रहे हैं। कांग्रेस समेत पप्पू यादव ने भी गलत आंकड़ों को लेकर सरकार पर निशाना साधा। पप्पू यादव ने कहा कि प्रदेश में कोरोना से मरने वाले के आंकड़ों के साथ बड़ा फर्जीवाड़ा किया गया । पूर्व सांसद पप्पू यादव ने कहा, 'बिहार में मौत घोटाला! पटना में कल 1000 से अधिक लोगों की कोरोना से मौत की क्या है सच्चाई? कहा जा रहा है कि पहले मौत के आंकड़ों को छुपाया गया था, अब उन्हें जारी किया गया है, आखिर यह खेल किसका है। स्वास्थ्य विभाग में मौत के आंकड़ों का घोटाला कौन कर रहा है?

Rahul Singh

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