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कोरोना संकट में मिली सफलता, किसान का बेटा बना IITian, गुरु संग मनाई खुशियां

Mathematics Guru RK Srivastava के छात्र ने आईआईटी बीएचयू से बीटेक की परीक्षी पास कर ली है। वह एक किसान का बेटा है।

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NetworkNewstrack Network NetworkShivaniPublished By Shivani

Published on 19 May 2021 5:28 PM GMT

कोरोना संकट में मिली सफलता, किसान का बेटा बना IITian, गुरु संग मनाई खुशियां
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IIT छात्र उज्ज्वल अनुराग (Photo Social Media)

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Mathematics Guru RK Srivastava: अच्छा लगता है जब नन्हा सा बीज पौधा का रूप धारण करता है। लेकिन असली खुशी तब होती है जब हमारे सामने मीठे फलों से लदा हुआ वृक्ष हो।

ऐसा ही ऐहसास Mathematics Guru Rk Srivastava को तब हुआ, जब बिहार राज्य के रोहतास जिले के सूर्यपूरा वारुण के किसान का बेटा उज्ज्वल अनुराग आईआईटी प्रवेश परीक्षा में सफल हुआ। रिजल्ट की खुशी में डिब्बे भर मिठाई के साथ गुरु से मिलने आया। अब वह आईआईटी बीएचयू से बीटेक कर चुका है।
कुछ वर्ष पहले पिताजी के साथ उज्ज्व्वल अनुराग आरके श्रीवास्तव के संस्था में पढ़ने के लिए आया। उसके अभिभावकों ने बताया की यह पढ़ने में काफी बेहतर है। बेटे की पढ़ाने की लालसा और उसके 10 वी के marks को देखकर आरके श्रीवास्तव का मन काफी खुश हुआ और वे उसे पढाने के लिये तैयार हो गये । दो वर्षों की पढ़ाई के बाद वह IIT Entrance Exam में बैठा और पहले ही प्रयास में वह सफल होकर आईआईटी बीएचयू में दाखिला ले लिया।
आरके श्रीवास्तव ने दो तस्वीरे सोशल मीडिया पर डाली हैं, एक तस्वीर है जब वह आईआईटी प्रवेश परीक्षा में सफल होने के बाद अपने गुरु के साथ victory का sign दे रहा है और दूसरी तस्वीर जब वह अब अपने सपने साकार कर रहा है।

कौन है आरके श्रीवास्तव (Rk Srivastava)

एक रुपया में पढ़ाने वाले मैथमैटिक्स गुरु आर के श्रीवास्तव 540 गरीब स्टूडेंट्स को इंजीनियर बना चुके हैं। बिहार के रोहतास जिले के रहने वाले आरके श्रीवास्तव देश में मैथेमैटिक्स गुरु के नाम से मशहूर हैं। खेल-खेल में जादुई तरीके से गणित पढ़ाने का उनका तरीका लाजवाब है। कबाड़ की जुगाड़ से प्रैक्टिकल कर गणित सिखाते हैं। आर्थिक रूप से सैकड़ों गरीब स्टूडेंट्स को आईआईटी, एनआईटी, बीसीईसीई सहित देश के प्रतिष्ठित संस्थानों में पहुँचाकर उनके सपने को पंख लगा चुके हैं।
आरके श्रीवास्तव File Photo
इनके द्वारा चलाया जा रहा नाइट क्लासेज अभियान अद्भुत, अकल्पनीय है। स्टूडेंट्स को सेल्फ स्टडी के प्रति जागरूक करने लिये 450 क्लास से अधिक बार पूरी रात लगातार 12 घंटे गणित पढ़ा चुके हैं। इनकी शैक्षणिक कार्यशैली की खबरें देश के प्रतिष्ठित अखबारों में छप चुकी हैं, विश्व प्रसिद्ध गूगल ब्वाय कौटिल्य के गुरु के रूप में भी देश इन्हें जानता है।

भारतीय सेना में भी आरके श्रीवास्तव के छात्र

आरके श्रीवास्तव के स्टूडेंट्स उनके पढ़कर सिर्फ इंजीनियर ही नहीं बन रहे बल्कि आर्मी, नेवी, एयरफोर्स, स्टेट पुलिस में जाकर देश सेवा भी कर रहे। यग सभी स्टूडेंट्स बिहार राज्य के रोहतास जिले के रहने वाले हैं। हर उस गुरू को खुशी मिलती है जब उसका पढ़ाया बच्चा सफल होता है। परंतु वह खुशी तब कई गुना और बढ़ जाती है जब वह सफल बच्चा ग्रामीण परिवेश में पल बढ़कर सफलता पाता है।

आरके श्रीवास्तव को मिले कई पुरस्कार

वर्ल्ड बुक ऑफ रिकार्ड्स लंदन से सम्मानित, इंडिया बुक ऑफ रिकार्ड्स में नाम दर्ज, एशिया बुक ऑफ रिकार्ड्स में नाम दर्ज, बेस्ट शिक्षक अवॉर्ड, इंडिया एक्सीलेन्स प्राइड अवॉर्ड, ह्यूमैनिटी अवॉर्ड, इंडियन आइडल अवॉर्ड, युथ आइकॉन अवॉर्ड सहित दर्जनों अवॉर्ड आरके श्रीवास्तव को उनके शैक्षणिक कार्यशैली के लिए मिल चुकें है। इसमें कोई शक नही की आरके श्रीवास्तव बिहार के गौरव हैं।

स्टूडेंट संग मैथमेटिक्स गुरु (Photo Social media)

सैकड़ों असहाय गरीब स्टूडेंट्स के सपनों को दी उड़ान

सैकड़ों असहाय गरीब स्टूडेंट्स को इंजीनियर बनाकर उनके सपने को पंख लगाने वाले मैथमेटिक्स गुरु फेम आरके श्रीवास्तव ने क्लासरूम प्रोग्राम में बिना रुके पाइथागोरस थ्योरम को 50 से ज्यादा अलग-अलग तरीकों से सिद्ध कर इतिहास रचा। इसके लिए इनका नाम वर्ल्ड बुक ऑफ रिकार्ड्स लंदन में भी दर्ज हो चुका है। बिहार के रोहतास जिले के छोटे से गांव बिक्रमगंज के रहने वाले आरके श्रीवास्तव है हजारो स्टूडेंट्स के रोल मॉडल।

आरके श्रीवास्तव अपने शैक्षणिक कार्यशैली के लिए हमेशा सुर्खियों में रहते है, चाहे वह वंडर किड्स प्रोग्राम हो या स्टूडेंट्स को अग्नि के सामने शपथ दिलाकर सेल्फ स्टडी के लिए प्रेरित करना हो या इनके द्वारा चलाया जा रहा नाईट क्लासेज अभियान।

निःशुल्क शिक्षा के अलावा प्रत्येक वर्ष अपनी माँ के हाथों से 50 गरीब स्टूडेंट्स को निःशुल्क किताबें भी बंटवाते हैं। गरीब परिवार में जन्मे आरके श्रीवास्तव का जीवन काफी संघर्षो से गुजरा। आरके श्रीवास्तव के द्वारा " आर्थिक रूप से गरीबों की नही रुकेगी पढ़ाई" अभियान भी चलाया जाता है।

Shivani

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