×

Business News : निर्मला सीतारमण- हर तरह के लेन-देन के लिए साझा KYC लाने का प्रयास

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि विभिन्न वित्तीय संस्थानों के बीच लेनदेन को आसान बनाने के लिए एकसमान 'अपने ग्राहक को जानो' (केवाईसी) को लागू करने की दिशा में काम चल रहा है।

Jugul Kishor
Written By Jugul Kishor
Updated on: 2022-09-21T15:01:52+05:30
निर्मला सीतारमण
X
निर्मला सीतारमण (Pic : Social Media)
  • Whatsapp
  • Telegram
  • Linkedin
  • Print
  • koo
  • Whatsapp
  • Telegram
  • Linkedin
  • Print
  • koo
  • Whatsapp
  • Telegram
  • Linkedin
  • Print
  • koo

Business News : वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (Finance Minister Nirmala Sitharaman) ने फिक्की लीड्स सम्मेलन (FICCI Leeds Conference) में कहा, कि वित्तीय संस्थानों के बीच में लेनदेन प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए 'एक समान 'अपने ग्राहक को जानो' (KYC) प्रक्रिया को लागू करने की दिशा में लगातार काम किया जा रहा है।

निर्मला सीतारमण ने सम्मेलन को आगे संबोधित करते हुए कहा कि एक ही केवाईसी से हर तरह का लेनदेन हो इस पर काम चल रहा है, यह प्रक्रिया बहुत ही जल्द लागू भी करने का काम किया जाएगा। एक तरह की केवाईसी लागू हो जाने से आम आदमी को भी सुगमता मिलेगी क्योंकि विभिन्न सेवाओं के लिए तरह तरह के कागज जमा करने की बाध्यता खत्म हो जाएगी।

KYC का कई बार इस्तेमाल

वित्त मंत्री ने आगे कहा, कि 'एक केंद्रीय संग्राहक ही है जो KYC का विशेष ध्यान रखता है, इसीलिए हम इस दिशा में कर रहे हैं। ग्राहक के द्वारा एक बार केवाईसी जमा कर दिए जाने के बाद में उस केवाईसी का इस्तेमाल विभिन्न संस्थानों में कई बार किया जा सकेगा। यह प्रक्रिया लागू हो जाने के बाद में लेनदेन के लिए अलग-अलग संस्थानों में केवाईसी नहीं जमा करना होगा।'

'कारोबारियों की सुगमता के लिए..'

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आगे कहा कि, 'कारोबारियों की सुगमता को बढ़ाने के लिए सरकार और वित्तीय क्षेत्र से जुड़े नियामकों को एक मंच पर लाने के लिए इसीलिए प्रयास किया जा रहा है। उन्होने आगे कहा कि बैंकिंग, बीमा एवं पूंजी बाजारों में एक समान केवाईसी लागू करने के मामले में पिछले सप्ताह बैठक में चर्चा भी की गई है।'

UPI के जरिए बढ़ा लेनदेन

वित्त मंत्री ने आगे जानकारी देते हुए बताया, कि 'यूपीआई के जरिए होने वाले लेनदेन जुलाई में बढ़कर 10.62 लाख करोड़ रुपए हो गया, जबकि 6.28 अरब लेनदेन किए गए। उन्होंने आगे कहा, कि अगले 5 सालों में यूपीआई लेनदेन की संख्या को 1 अरब पर पहुचाने का एक नया लक्ष्य निर्धारित किया गया है।

Jugul Kishor

Jugul Kishor

Next Story