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Paytm Share Price 2021: पेटीएम ने किया था ओवरवैल्यूएशन, जल्दी पूरा नहीं होगा नुकसान

पेटीएम ने अपने शेयरों की कीमत 2,080 से 2,150 रुपये प्रति शेयर के दायरे में रखी लेकिन लिस्टिंग के बाद ये 44 फीसदी नीचे जा चुका है।

Neel Mani Lal

Neel Mani LalWritten By Neel Mani LalVidushi MishraPublished By Vidushi Mishra

Published on 23 Nov 2021 12:57 PM GMT

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डिजिटल भुगतान की दिग्गज कंपनी पेटीएम (PayTM) के आईपीओ ने निवेशकों और स्टॉक मार्केट को हिला कर रख दिया है। कॉरपोरेट इतिहास में देश का ये सबसे बड़ा आईपीओ था जिससे निवेशकों ने बड़ी उम्मीदें बांध रखी थीं लेकिन शेयर लिस्ट होते ही सब अरमान मिट्टी में मिल गए। पेटीएम (paytm share price) ने अपने शेयरों की कीमत 2,080 से 2,150 रुपये प्रति शेयर के दायरे में रखी लेकिन लिस्टिंग के बाद ये 44 फीसदी नीचे जा चुका है। इस क्रैश की सबसे बड़ी वजह कंपनी द्वारा अपना वैल्यूएशन बहुत बढ़ा चढ़ा कर किया जाना है।।

पहले से दी गई थी चेतावनी

पेटीएम की पेरेंट कंपनी (parent company of paytm) वन नाइंटी सेवन कम्युनिकेशंस लिमिटेड (One97 Communications) के शेयरों को लेकर विशेषज्ञ पहले ही चेतावनी दे रहे थे। कंपनी के कामकाज, मुनाफे और घाटे, कारोबार में लगातार बढ़ती प्रतिस्पर्धा के कारण कंपनी के अनिश्चित भविष्य की आशंकाएं कारपोरेट जगत में जताई जा रही थीं।

अब एक्सपर्ट्स कह रहे हैं कि कंपनी ने अपने बारे में बहुत बढ़ा चढ़ा कर दावे किए थे। इसके शेयर लम्बी अवधि के निवेश के लायक हैं, इनसे तात्कालिक मुनाफे की उम्मीद नहीं करनी चाहिए। इस शेयर में आने वाले दिनों में गिरावट का सिलसिला थमेगा या नहीं, इसकी गारंटी विशेषज्ञ नहीं दे पा रहे हैं। अक्टूबर में कंपनी की पूंजी में पिछले साल के मुकाबले 131 फीसदी की तेजी आई थी और यह 11.2 अरब डालर पहुंच गई थी।

फोटो- सोशल मीडिया

किन्होंने लगाया पैसा

पेटीएम के आईपीओ (paytm ipo price) में बड़ी रकम ब्लैकरॉक, कनाडा पेंशन योजना निवेश बोर्ड, जीआईसी, एडीआईए, एपीजी, टेक्सास टीचर्स रिटायरमेंट, एनपीएस जापान, टेक्सास विश्वविद्यालय, सिंगापुर एनटीयूसी पेंशन, कैम्ब्रिज विश्वविद्यालय आदि ने लगाई थी। इनमें दस म्युचुअल फंड हैं, जिनके प्रबंधकों ने इसमें 'एंकर इंवेस्टर' के तौर पर अपने फंड का पैसा लगाया। ऐसे में सवाल उठ रहे हैं कि उनसे ऐसी चूक क्यों हो गई और वे बाजार को समझ क्यों नहीं पाए।

कुछ ही दिन पहले जोमैटो का आइपीओ (zomato ipo) आया, वह कंपनी भारी घाटे में चल रही है और भविष्य का पता नहीं, लेकिन उसके शेयर 53 फीसदी से ज्यादा की कीमत पर सूचीबद्ध हुए। इसी तरह नायका का आईपीओ भी रहा। इन कंपनियों में शेयर की कीमत काफी ऊंची रही और लिस्टिंग होते ही निवेशकों का पैसा दोगुना हो गया।

दरअसल, इस साल काफी संख्या में आईपीओ आए हैं। स्टॉक मार्केट (stock market) में करीब 50 कंपनियां सूचीबद्ध हुईं, जिनमें लिस्टिंग के पहले दिन औसतन 31 फीसदी की कमाई हुई। हालांकि, हर आइपीओ में कमाई नहीं हुई और पेटीएम भी उनमें से एक है। पेटीएम के साथ आईपीओ लाने वाली कंपनियों में कल्याण ज्वैलर्स और विंडलास बायोटेक के शेयर 10 फीसदीसे ज्यादा गिरे।

फोटो- सोशल मीडिया

सूर्योदय, कार ट्रेड, नुवोको विस्टाज और एसआईएस एंटरप्राइजेज जैसी कंपनियों के शेयर पहले दिन पांच से 10 फीसदी तक गिरे। हालांकि, हमेशा यही ट्रेंड नहीं रहता है। आईपीओ में नुकसान के बड़े उदाहरण इंफोसिस, एचडीएफसी और मारुति जैसे शेयर हैं, जिनके निवेशकों ने पहले तो नुकसान उठाया लेकिन बाद में जमकर कमाई की।

क्रैश के कारण
Paytm Share Price Crash

- कंपनी लगातार आठ साल से घाटे में है। कंपनी का जरूरत से ज्यादा वैल्यूएशन किया गया।

- कंपनी कब मुनाफे में आएगी, कुछ पता नहीं है।

- बीते वर्षों में कंपनी ने ढेरों क्षेत्रों में पैर फैलाये लेकिन किसी भी बिजनेस में वांछित कमाई नहीं हुई।

- गूगल पे और फ़ोन पे जैसे प्रतिद्वंदियों से पेटीएम को काफी तगड़ा कम्पटीशन मिल रहा है।

- मार्केट को पेटीएम के बिजनेस मॉडल पर भरोसा नहीं है।।

Vidushi Mishra

Vidushi Mishra

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