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RBI Monetary Policy: EMI पर फिर आम आदमी को नहीं मिली राहत, 4 प्रतिशत ही रहेगा रेपो रेट

भारतीय रिजर्व बैंक (Reserve Bank of India) ने बुधवार 08 दिसंबर को अपनी मौद्रिक नीति समीक्षा के नतीजे घोषित किए। जारी नतीजों में नीतिगत दरों में किसी प्रकार का कोई बदलाव नहीं किया गया।

aman
Updated on: 2021-12-08T11:39:28+05:30
RBI Monetary Policy: EMI पर फिर आम आदमी को नहीं मिली राहत, 4 प्रतिशत ही रहेगा रेपो रेट
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RBI Monetary Policy: भारतीय रिजर्व बैंक (Reserve Bank of India) ने बुधवार 08 दिसंबर को अपनी मौद्रिक नीति समीक्षा के नतीजे घोषित किए। जारी नतीजों में नीतिगत दरों में किसी प्रकार का कोई बदलाव नहीं किया गया। रेपो रेट(Repurchase agreement) 4 प्रतिशत और रिवर्स रेपो रेट (Reverse Repo Rate) 3.35 फीसद पर बरकरार रखा गया है। आज रिजर्व बैंक के गवर्नर शक्तिकांत दास ने इसका ऐलान किया।

RBI के गवर्नर शक्तिकांत दास ने मौद्रिक नीति समीक्षा के नतीजे जारी करते हुए कहा, कि वैश्विक बाजारों में कोविड-19 महामारी की वजह से कई चुनौतियों का सामना करना पड़ा। दुनिया के साथ भारत के सामने भी कई चुनौतियां रही हैं, इनका सामना करने में रिजर्व बैंक ने अहम भूमिका निभाई है। उन्होंने कहा, अब हम कोरोना से निपटने के लिए पहले से बेहतर स्थिति में तैयार हैं।

और क्या कहा RBI ने?

मार्जिनल स्टैंडिंग फैसिलिटी (Marginal standing facility) तथा बैंक दरों में कोई बदलाव देखने को नहीं मिला। मौद्रिक नीति समीक्षा के नतीजों का ऐलान करते हुए शक्तिकांत दास ने कहा,कि देश में अभी भी निजी निवेश में तेजी लाने की जरूरत महसूस हो रही है। हाल के दिनों में देश के कुछ हिस्सों में आई प्राकृतिक आपदा के चलते भी राज्यों से आने वाले राजस्व पर असर पड़ा है।

महंगाई दर 5.3 प्रतिशत रहने की उम्मीद

रिजर्व बैंक के गवर्नर के मुताबिक, वित्त वर्ष 2022 में महंगाई दर आरबीआई के अनुमान के मुताबिक ही रहेगी। RBI ने महंगाई दर को ये 5.3 प्रतिशत के करीब होने की संभावना जताई है। शहरी मांग में एक बार फिर बढ़त जारी है। जबकि, ट्रैवल-टूरिज्म पर कोरोना महामारी के दौरान खर्च बढ़ा है।

GDP पर ये बोले दास

रिजर्व बैंक ने कहा, वित्त वर्ष 2022 में आर्थिक विकास की दर 9.5 प्रतिशत रह सकती है। इसी समय की स्थिति को देखते हुए कहा जा सकता है कि भारतीय अर्थव्यवस्था बेहतर स्थिति में है। देश कोरोना से लड़ने के लिए भी बेहतर स्थिति में है।

एमपीसी छह में से पांच सदस्य एकमत

आरबीआई गवर्नर शक्तिकांत दास ने कहा, कि कोरोना के नए ओमिक्रोन वेरिएंट की वजह से स्थितियां अनुकूल नहीं हैं। लेकिन, आरबीआई वित्तीय स्थिरता बनाए रखने के लिए लिक्विडिटी में कमी नहीं होने देगा। उन्होंने कहा, सिस्टम में लिक्विडिटी की कोई कमी नहीं है। एमपीसी के 6 में से 5 सदस्यों का मत एक था, जिसके आधार पर आज नीतिगत दरों में कोई बदलाव न करने का फैसला लिया गया।

बता दें, कि भारतीय रिजर्व बैंक के इस बैठक में उसके ऊपर महंगाई काबू में करने का दबाव था। महंगाई पिछले तीन-चार महीने से आम लोगों को परेशान किए हुए है। इस बारे में ज्यादातर अर्थशास्त्रियों की राय थी, कि अभी ओमिक्रॉन का खतरा महंगाई के दबाव अधिक है।

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