मंदी में स्टॉक मार्केट की चांदी, एस एंड पी 500 टॉप शेयर चमके

महामारी के दौर में कुछ आंकड़े हैरान करने वाले रहे हैं। प्रति शेयर आधार पर एस एंड पी 500 की कंपनियों के प्रॉफिट में पहली तिमाही में 13 फीसदी की गिरावट आई लेकिन इसी अवधि में एस एंड पी 500 शेयरों में 30 फीसदी की तेजी रही।

लखनऊ। आर्थिक निराशा के इस माहौल में एक जगह तेजी चल रही है। और वो जगह है, स्टॉक मार्केट। जी हां, अमेरिका के नैस्डेक यानी न्यूयॉर्क स्टॉक एक्सचेंज में ऐतिहासिक ऊंचाई की स्थिति बन रही है।

कहने को इसे एक अचानक हुई घटना कह सकते हैं लेकिन इतिहास बताता है कि इस तरह के संकट के माहौल में निवेशक आशावादी दृष्टिकोण रखते आये हैं। निवेशकों में आधा गिलास खाली के बजाए आधा गिलास भरा होने की मानसिकता या नजरिया देखा गया है।

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एक विश्लेषण के अनुसार, बेरोजगारी चरम पर पहुंचने के बाद के 5 साल में एस एंड पी 500 टॉप शेयर्स में 72 फीसदी की उछाल रही। लेकिन बेरोजगारी दर नीचे रहने पर, जो कि मजबूत अर्थ व्यवस्था का संकेत है, एस एंड पी 500 टॉप शेयरों में सिर्फ 25.3 फीसदी की वृद्धि रही।

यही आशावादी मानसिकता शेयर बाजार को संभाले हुए है।

महामारी का असर

महामारी के दौर में कुछ आंकड़े हैरान करने वाले रहे हैं। प्रति शेयर आधार पर एस एंड पी 500 की कंपनियों के प्रॉफिट में पहली तिमाही में 13 फीसदी की गिरावट आई लेकिन इसी अवधि में एस एंड पी 500 शेयरों में 30 फीसदी की तेजी रही।

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सामान्य दिनों में यदि किसी कम्पनी की आमदनी घटती है तो उसके शेयर की वैल्यू में 3 फीसदी कमी आने की संभावना रहती है। तो फिर महामारी के दौर में जब कंपनियां अभूतपूर्व घटा दर्ज कर रहीं हैं तो शेयरों में औसतन सिर्फ एक फीसदी की ही कमी क्यों आ रही है?

जवाब यही दिया जा रहा है कि निवेशकों को भारी नुकसान का अनुमान था, स्टॉक मार्केट वर्तमान नहीं बल्कि भविष्य के संकेत बताता है और तीसरी वजह सरकार द्वारा उठाये गए आर्थिक कदम हैं।