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छत्तीसगढ़ में एयर स्ट्राइक: नक्सली हमले पर बड़ा खुलासा, ड्रोन से गिराए गए बम

छत्तीसगढ़ में सुकमा और बीजापुर के जंगलों में सुरक्षा बलों और नक्सलियों की मुठभेड़ के बाद 22 जवान शहीद होने के बाद सुरक्षा बलों की तरफ से पहली बार एयर स्ट्राइक किये जाने का दावा किया गया है।

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NewstrackNewstrack Network NewstrackVidushi MishraPublished By Vidushi Mishra

Published on 21 April 2021 12:38 PM GMT

कोरोना वायरस के संक्रमण का खतरा दिन प्रति दिन बढ़ता ही जा रहा है।
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एयरस्ट्राइक(फोटो-सोशल मीडिया)

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बीजापुर: छत्तीसगढ़ में सुरक्षाबलों और नक्सलियों के बीच मुठभेड़ को लेकर बड़ी खबर आई है। सुकमा और बीजापुर (Bijapur) के जंगलों में सुरक्षा बलों और नक्सलियों (Naxalite) की मुठभेड़ के बाद 22 जवान शहीद होने के बाद सुरक्षा बलों की तरफ से पहली बार एयर स्ट्राइक किये जाने का दावा किया गया है। ये दावा माओवादी संगठन की तरफ से किया गया। इसमें किसी भी नुकसान को खारिज किया गया।

ऐसे में भारत की कम्युनिस्ट पार्टी माओवादी दंडकारण्य स्पेशल जोनल कमेटी की तरफ से जारी की गई रिपोर्ट में कहा गया है कि इसके पहले ही माओवादियों ने जगह बदल दी थी। माओवादियों का आरोप है कि पुलिस ने 19 अप्रैल को ड्रोन से माओवादियों पर ड्रोन हमला कर12 बम गिराए थे। ये दावा है कि हमले से पहले ही माओवादियों ने जगह बदल दी थी। वहीं इससे माओवादियों को कोई नुकसान नहीं पहुंचा।

सख्त कार्रवाई के संकेत

बीते दिनों छत्तीसगढ़ के बीजापुर और सुकमा के जंगलों में सुरक्षा बलों पर नक्सलियों ने हमला कर दिया था। इस हमले में 22 जवान शहीद हो गए थे। हमले के बाद देश के गृहमंत्री अमित शाह छत्तीसगढ़ पहुंचे थे। फिर केन्द्र और राज्य सरकार द्वारा सख्त कार्रवाई के संकेत दिए गए थे।

बता दें, पहली बार नक्सलियों के ठिकानों पर ड्रोन हमले की जानकारी सामने आई है। इस बारे में पुलिस की तरफ से वीडियो और फोटो जारी कर माओवादियों को नुकसान की जानकारी दी गई। हालाकिं दंडकारण्य स्पेशल जोनल कमेटी (DKSZC) के प्रवक्ता विकल्प द्वारा जारी रिपोर्ट को पुलिस के दावों को खारिज कर दिया। इस रिपोर्ट के साथ ही प्रमाण के तौर पर फोटो और वीडियो भी जारी कर मौके की सच्चाई बताने की कोशिश की है।



माओवादियों को दिया जाएगा करारा जवाब

साथ ही माओवादियों का आरोप है कि पुलिस ने 19 अप्रैल को ड्रोन से माओवादियों पर 12 बम ड्रोन उड्राकर गिराए हैं। ड्रोन हमले से पहले ही माओवादियों को इसकी सूचना मिल गई थी, जिसके चलते ही उन्होंने जगह को बदल दिया। इससे माओवादियों को कोई नुकसान नहीं पहुंचा है।

वहीं माओवादियों के अनुसार, पामेड़ थानाक्षेत्र के बोत्तालंका और पाला गुडेम गांव में ड्रोन से हमला किया गया। दंडकारण्य स्पेशल जोनल कमेटी ने पत्र के साथ वीडियो फुटेज और फोटो जारी कर दावा किया कि जहां पर बम गिराए गए वहां कुछ जानवरों, पेड़ पौधों और प्रकृति को नुकसान हुआ है।

आगे इस बारे में CRPF के डीजी कुलदीप सिंह ने कहा कि बीजापुर मुठभेड़ के बाद सुरक्षाबलों की तरफ से माओवादियों को करारा जवाब दिया जाएगा। माओवादियों पर नकेल कसने के लिए पुलिस उनकी मांद में घुसेगी और बड़ी कार्रवाई करेगी। जमीन से लेकर आसमान तक की कार्रवाई कर माओवादियों को नेस्तनाबूत करने तक ये ऑपरेशन चलेगा।

Vidushi Mishra

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