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मुस्कुराने की वजह बनी यूपी पुलिस : 1090 के साथ जुड़ीं एक और उपलब्धि

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RishiBy Rishi

Published on 5 Jan 2018 3:35 PM GMT

मुस्कुराने की वजह बनी यूपी पुलिस : 1090 के साथ जुड़ीं एक और उपलब्धि
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लखनऊ : यूपी पुलिस की महिला हेल्पलाइन 1090 पर 2017 में कुल 2 लाख 21 हजार 354 शिकायतें आयीं जिनमें से 2 लाख 12 से ज्यादा शिकायते पुलिस ने सुलझा दी। यह यूपी पुलिस की किसी उपलब्धि से कम नहीं है।

महिलाओं को भयमुक्त वातावरण देने के लिए ही प्रदेश सरकार ने 1090 नंबर जारी किया था। जिसपर मिलने वाली शिकायतों को प्राथमिकता के तौर पर हल किया जाता है। इस मामले में यूपी पुलिस ने 90 फीसदी से ज्यादा समस्याएं सुलझा दीं। आंकड़ों के अनुसार इस हेल्पलाइन पर प्रतिदिन 600 से ज्यादा शिकायतें मिलती हैं। जबकि प्रतिदिन आने वाले कॉल्स की संख्या करीब 10 हजार है। इनमे में 15 से 20 वर्ष आयुवर्ग से सबसे ज्यादा 32 प्रतिशत शिकायते मिलती हैं। हालाँकि कामकाजी महिलाये सबसे कम शिकायत करती हैं और इनका प्रतिशत मात्र 14 फीसदी है, जबकि गैर कामकाजी 44 फीसदी महिलाये इस नंबर पर शिकायत करती हैं। कुल 42 फीसदी छात्रों ने इस नंबर पर अपनी समस्या बताई है।

10 लाख छात्रों का किया गया सशक्तिकरण

यूपी पुलिस के आंकड़ों की माने तो नारी सुरक्षा सप्ताह के दौरान कुल 5632 स्कुल और कालेजों में अभियान चलाकर 10 लाख से ज्यादा छात्राओं का सशक्तिकरण किया गया। इस नंबर पर फोन पर परेशान करने की 77 फीसदी शिकायते मिली जिसे पुलिस ने तुरंत ही हल कर दिया।

1090 के कुछ आंकड़े

कुल दर्ज शिकायतें- 221354

निस्तारित शिकायत- 212177

प्रक्रियाधीन शिकायत- 9177

फोन पर उत्पीड़न की शिकायत- 77 %

सार्वजनिक जगहों पर उत्पीड़न -19. 9 %

शोसल साइट्स पर उत्पीड़न- 1. 1 %

घरेलु हिंसा के मामले - 1. 5 %

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आशीष शर्मा ऋषि वेब और न्यूज चैनल के मंझे हुए पत्रकार हैं। आशीष को 13 साल का अनुभव है। ऋषि ने टोटल टीवी से अपनी पत्रकारीय पारी की शुरुआत की। इसके बाद वे साधना टीवी, टीवी 100 जैसे टीवी संस्थानों में रहे। इसके बाद वे न्यूज़ पोर्टल पर्दाफाश, द न्यूज़ में स्टेट हेड के पद पर कार्यरत थे। निर्मल बाबा, राधे मां और गोपाल कांडा पर की गई इनकी स्टोरीज ने काफी चर्चा बटोरी। यूपी में बसपा सरकार के दौरान हुए पैकफेड, ओटी घोटाला को ब्रेक कर चुके हैं। अफ़्रीकी खूनी हीरों से जुडी बड़ी खबर भी आम आदमी के सामने लाए हैं। यूपी की जेलों में चलने वाले माफिया गिरोहों पर की गयी उनकी ख़बर को काफी सराहा गया। कापी एडिटिंग और रिपोर्टिंग में दक्ष ऋषि अपनी विशेष शैली के लिए जाने जाते हैं।

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