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बुलंदशहर हिंसा: जीतू फौजी ने STF के सामने उगले राज, भाई ने कहा निर्दोष

बुलंदशहर कांड में आरोपी सेना के जवान जितेंद्र मलिक उर्फ जीतू ने यूपी एसटीएफ के सामने कई रहस्यों से पर्दा उठाया। जीतू ने पूछताछ में स्वीकार किया कि घटना के समय वो भीड़ के साथ मौजूद था। पुणे में तैनात जीतू के बड़े भाई धर्मेंद्र फौजी ने कहा मेरा भाई निर्दोष है।

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RishiBy Rishi

Published on 9 Dec 2018 5:36 AM GMT

बुलंदशहर हिंसा: जीतू फौजी ने STF के सामने उगले राज, भाई ने कहा निर्दोष
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बुलंदशहर : बुलंदशहर कांड में आरोपी सेना के जवान जितेंद्र मलिक उर्फ जीतू ने यूपी एसटीएफ के सामने कई रहस्यों से पर्दा उठाया। जीतू ने पूछताछ में स्वीकार किया कि घटना के समय वो भीड़ के साथ मौजूद था। फिलहाल जांच टीम के पास ऐसा कोई पुख्ता सबूत नहीं है कि उसकी ही गोली से इंस्पेक्टर शहीद हुए इसके लिए पुलिस आरोपी के मोबाइल को फरेंसिक जांच के लिए भेजेगी।

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क्या कहते हैं जांच अधिकारी

एसटीएफ के एसएसपी अभिषेक सिंह कहते हैं जीतू ने स्‍वीकार किया है कि जब भीड़ इकट्ठा होना शुरू हुई तो वह घटनास्‍थल पर मौजूद था। लेकिन अभी निश्चित नहीं है कि उसी ने इंस्‍पेक्‍टर सुबोध कुमार या सुमित को गोली मारी। पूछताछ में जीतू ने बताया कि वह गांववालों के साथ घटनास्थल पर था लेकिन उसने पत्‍थरबाजी के आरोप से इंकार किया है। आरोपी के मोबाइल की जल्द ही फरेंसिक जांच होगी।

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शनिवार को हुई गिरफ्तारी

जीतू को शनिवार रात 12:50 पर सेना ने एसटीएफ को सौंपा। जीतू से प्राथमिक पूछताछ कर उसे बुलंदशहर भेजा गया है। सोमवार को उसे उसे न्‍यायिक हिरासत के लिए कोर्ट में पेश किया जाएगा।

सामने आए सेना प्रमुख बिपिन रावत

सेना प्रमुख बिपिन रावत ने शनिवार को कहा कि जीतू के खिलाफ अगर कोई सबूत होगा और पुलिस को उस पर शक है तो हम उसे सामने लाएंगे। हम पुलिस को पूरी तरह से मदद कर रहे हैं।

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भाई बोला- निर्दोष है जीतू

पुणे में तैनात जीतू के बड़े भाई धर्मेंद्र फौजी ने कहा मेरा भाई निर्दोष है मेरे पास ऐसे सबूत हैं, जिनसे वह जीतू को बेगुनाह साबित कर देंगे। धर्मेंद्र कहते हैं, मेरा भाई 2013 में 22 राष्ट्रीय राइफल्स में भर्ती हुआ था। वह 19 नवंबर को 16 दिनों की छुट्टी पर घर आया था। उसे 4 दिसंबर को वापस जॉइन करना था। उस दिन गांव में जो अवशेष मिले थे। 3 दिसंबर को जीतू को वापस लौटना था, 4 तारीख को उसे कश्मीर में रिपोर्ट करना था। हमें बस पकड़ने के लिए चिंगरावठी जाना पड़ता है। जब गांव से वापस लौटते हैं तो हम अपने दोस्तों को कह देते हैं और वह हमें छोड़ने जाते हैं। जीतू ड्यूटी जॉइन करने के लिए घर से निकल चुका था। दोस्त उसके साथ जा रहे थे। चिंगरावठी में पहले से भीड़ इकट्ठा थी। वहां जीतू को बुला लिया गया कि फौजी इधर आ जा।'

धर्मेंद्र कहते हैं, कुछ लोगों के बुलाने पर जीतू वहां चला गया। उसके हाथ में न तो डंडा था और न यह किसी को भड़का रहा था। वह वापस जॉइन करने के लिए जा रहा था, लोगों ने बुलाया तो यह भीड़ का हिस्सा हो गया। मुझे बुलाया जाता तो मैं भी जाता।

जानिए जीतू के बारे में

जीतू का कोई आपराधिक रेकॉर्ड नहीं है।

इंटर कॉलेज चित्सौना से हाईस्कूल तक पढ़ाई की।

इसके बाद पब्लिक इंटर कॉलेज स्याना से 12वीं की परीक्षा पास की।

जीतू की उम्र 24 साल के लगभग है

4 साल पहले ही सेना में भर्ती हुआ है।

जीतू शादीशुदा है, 10 महीने का एक बच्चा भी है।

जब से सेना में भर्ती हुआ है तबसे छुट्टियों में ही घर आता था।

क्या कहती है एफआईआर

जीतू का नाम स्याना में हिंसा, आगजनी और हत्या के मामले में लिखी एफआईआर में आरोपी नंबर 11 के तौर पर है और उसका नाम जीतू फौजी पुत्र राजपाल सिंह लिखा हुआ है।

विरोधाभास भी है

एसटीएफ जहां जीतू को हत्या का आरोपी मान रही है। वहीं पुलिस के कुछ अधिकारी इस बात से सहमत नहीं हैं। ग्रामीण भी उसे निर्दोष मानते हैं। जांच अधिकारियों के पास भी कोई ऐसे सबूत नहीं हैं जो ये साबित कर सकें कि जीतू दोषी है।

Rishi

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आशीष शर्मा ऋषि वेब और न्यूज चैनल के मंझे हुए पत्रकार हैं। आशीष को 13 साल का अनुभव है। ऋषि ने टोटल टीवी से अपनी पत्रकारीय पारी की शुरुआत की। इसके बाद वे साधना टीवी, टीवी 100 जैसे टीवी संस्थानों में रहे। इसके बाद वे न्यूज़ पोर्टल पर्दाफाश, द न्यूज़ में स्टेट हेड के पद पर कार्यरत थे। निर्मल बाबा, राधे मां और गोपाल कांडा पर की गई इनकी स्टोरीज ने काफी चर्चा बटोरी। यूपी में बसपा सरकार के दौरान हुए पैकफेड, ओटी घोटाला को ब्रेक कर चुके हैं। अफ़्रीकी खूनी हीरों से जुडी बड़ी खबर भी आम आदमी के सामने लाए हैं। यूपी की जेलों में चलने वाले माफिया गिरोहों पर की गयी उनकी ख़बर को काफी सराहा गया। कापी एडिटिंग और रिपोर्टिंग में दक्ष ऋषि अपनी विशेष शैली के लिए जाने जाते हैं।

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