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जवाहर बाग हिंसा: नये सिरे से होगी रामवृक्ष की मौत की जांच, सीबीआई ने मांगे शवों के सैंपल

लैब रिपोर्ट के अनुसार रामवृक्ष यादव के डीएनए से उसके पुत्र राज नारायण का डीएनए मैच नहीं हुआ। इस रिपोर्ट के बाद सीबीआई ने सारे मामले की नये सिरे से जांच का फैसला किया है। एजेंसी ने फोरेंसिक लैबोरेटरी से सभी जले शवों के सैंपल मांगे हैं।

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zafarBy zafar

Published on 27 April 2017 2:04 PM GMT

जवाहर बाग हिंसा: नये सिरे से होगी रामवृक्ष की मौत की जांच, सीबीआई ने मांगे शवों के सैंपल
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मथुरा: मथुरा के चर्चित जवाहर बाग कांड की जांच कर रही सीबीआई टीम ने हिंसा में जले सभी शवों के सैंपल मांगे हैं। सीबीआई ने रामवृक्ष यादव की मौत की गुत्थी सुलझाने के लिए सभी शवों की जांच का फैसला किया है। सैंपल से एजेंसी यह पता करेगी कि वास्तव में रामवृक्ष यादव मारा गया है या नहीं।

मौत की गुत्थी

करीब पांच हजार कथित सत्याग्रहियों के स्वयंभू नेता रामवृक्ष यादव की मौत को लेकर संशय बरकरार है।

रामवृक्ष के कब्जे से जवाहर बाग को खाली कराने के दौरान 2 जून 2016 को भयानक हिंसा हुई थी।

तब कहा गया था कि रामवृक्ष भी इस हिंसा में मारा गया।

लेकिन हैदराबाद की फोरेंसिक लैब की रिपोर्ट के बाद एक बार फिर उसकी मौत की गुत्थी उलझ गई है।

लैब रिपोर्ट के अनुसार रामवृक्ष यादव के डीएनए से उसके पुत्र राज नारायण का डीएनए मैच नहीं हुआ।

इस रिपोर्ट के बाद सीबीआई ने सारे मामले की नये सिरे से जांच का फैसला किया है।

एजेंसी ने फोरेंसिक लैबोरेटरी से सभी जले शवों के सैंपल मांगे हैं।

इस हिंसा में 27 लोगों के मारे जाने की पुष्टि हुई थी, जिनमें एक शव रामवृक्ष यादव का बताया गया था।

इससे पहले रामवृक्ष के दोनों बेटों राज नारायण और विवेक यादव के सैंपल लिए जा चुके हैं।

हिंसा ने लिया था राजनीतिक रंग

बता दें कि इस कांड ने राजनीतिक तूल पकड़ लिया था और सत्ताधारी सपा आरोपों के घेरे में थी।

जवाहर बाग से अवैध कब्जा हटाने गए तत्कालीन एसपी सिटी मुकुल द्विवेदी और उनके साथ मौजूद एसओ फरह संतोष यादव इस हिंसा में शहीद हो गए थे।

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