Top

यूपी में सिपाहियों की मुहिम को हवा देने वाला पहुंचा ‘हवालात’

sudhanshu

sudhanshuBy sudhanshu

Published on 5 Oct 2018 10:22 AM GMT

यूपी में सिपाहियों की मुहिम को हवा देने वाला पहुंचा ‘हवालात’
X
  • Facebook
  • Twitter
  • Whatsapp
  • Telegram
  • Linkedin
  • Print
  • Facebook
  • Twitter
  • Whatsapp
  • Telegram
  • Linkedin
  • Print
  • Facebook
  • Twitter
  • Whatsapp
  • Telegram
  • Linkedin
  • Print

वाराणसी: लखनऊ में एप्पल के एरिया मैनेजर विवेक तिवारी हत्याकांड ने तूल पकड़ लिया है। हत्यारोपी सिपाहियों के समर्थन में सूबे के पुलिसवाले लामबंद होने लगे हैं। लखनऊ के बाद वाराणसी में भी हत्यारोपी सिपाही प्रशांत चौधरी और संदीप राणा के समर्थन में सिपाहियों ने प्रदर्शन किया। वहीं पूरे मुहिम को हवा दे रहे रक्षक कल्याण संघ के अध्यक्ष और बर्खास्त सिपाही ब्रजेद्र यादव को वाराणसी पुलिस ने सुबह गिरफ्तार कर लिया।

प्रदर्शन में शामिल होने के लिए पहुंचा था वाराणसी

एसएसपी आनंद कुलकर्णी के मुताबिक पहले से तय विरोध प्रदर्शन के सिलसिले में ब्रजेंद्र यादव वाराणसी पहुंचा था। इसी बीच सूचना मिलते ही कैंट पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया। पुलिस उसे गुप्त स्थान पर ले गई। पूछताछ के बाद उसे जेल भेज दिया गया। एसएसपी आनंद कुलकर्णी के अनुसार ब्रजेंद्र यादव रक्षक कल्याण संघ नाम से एक संस्था चलाता है। साथ ही वह पुलिस वेलफेयर एसोशिएसन का राष्ट्रीय अध्यक्ष भी है। कुछ साल पहले अनुशासनहिनता के आरोप में उसे पीएसी से बर्खास्त किया गया था।

सिपाहियों ने काली पट्टी बांधकर किया प्रदर्शन

वहीं हत्यारोपी प्रशांत चौधरी और संगीप राणा को इंसाफ दिलाने के लिए सिपाहियों के एक वर्ग ने प्रदेश सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। तय कार्यक्रम के तहत 5 अक्टूबर को सिपाहियों ने काली पट्टी बांधकर विरोध प्रदर्शन किया। वाराणसी में जिला मुख्यालय के बाहर सिपाहियों ने प्रदर्शन किया। हालांकि प्रदर्शनकारी वर्दी में नहीं थे। प्रदर्शनकारियों के मुताबिक दोनों सिपाहियों पर जो धाराएं लगाई गई हैं उसे बदला जाए। ये हत्या का मामला नहीं है बल्कि अनैच्छित हत्या। घटना के वक्त दोनों सिपाही ड्यूटी दे रहे थे। जवाबी कार्रवाई में दोनों ने विवेक तिवारी को गोली मारी है। प्रदर्शनकारियों के मुताबिक अगर सरकार हमारी मांगें नहीं मानती है तो 11 अक्टूबर को बड़ा आंदोलन किया जाएगा। आंदोलन को धार देने के लिए संगठन फेसबुक,ट्विटर और व्हाट्सअप का सहारा लिया जा रहा है।

sudhanshu

sudhanshu

Next Story