Top

लापरवाही की हद: डॉक्टर्स ने जिंदा नवजात को बताया मृत, पर टेक्नीशियन बना भगवान

By

Published on 5 Sep 2017 4:49 AM GMT

लापरवाही की हद: डॉक्टर्स ने जिंदा नवजात को बताया मृत, पर टेक्नीशियन बना भगवान
X
  • Facebook
  • Twitter
  • Whatsapp
  • Telegram
  • Linkedin
  • Print
  • Facebook
  • Twitter
  • Whatsapp
  • Telegram
  • Linkedin
  • Print
  • Facebook
  • Twitter
  • Whatsapp
  • Telegram
  • Linkedin
  • Print

बहराइच: शहर के मोहल्ला सूफीपुरा निवासी एक नवजात की हालत खराब होने पर जिला अस्पताल के चिकित्सकों ने लखनऊ रेफर कर दिया। एंबुलेंस से नवजात को लेकर दंपति लखनऊ जा रहे थे। इसी दौरान हालत और खराब हो गई। इस पर एंबुलेंस चालक व टेक्नीशियन उसे फखरपुर स्वास्थ्य केंद्र ले गए।

यह भी पढ़ें: गोरखपुर हादसा : एसटीएफ ने मुख्य आरोपी कफील खान को किया गिरफ्तार

यहां पर मौजूद चिकित्सक ने उसे मृत घोषित कर दिया। लेकिन नवजात की पल्स चल रही थी। टेक्नीशियन ने लखनऊ बात की तो चिकित्सकों के बताए अनुसार टेक्नीशियन ने प्राथमिक उपचार किया। इसके बाद लखनऊ ले गए। वहां पर नवजात पूरी तरह स्वस्थ है। पिता ने चिकित्सक पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए सीएमओ से शिकायत की है।

यह भी पढ़ें: गोरखपुर : BRD मेडिकल कॉलेज में 72 घंटो में 63 मासूमों की मौत

क्या है पूरा मामला

-शहर के मोहल्ला सूफीपुरा निवासी सुशील कुमार ने बताया कि बताया कि पत्नी गुंजा ने चार दिन पूर्व बेटे को जन्म दिया था।

-जन्म के कुछ देर बाद ही उसकी हालत बिगड़ गई। इस पर शनिवार को उसे जिला अस्पताल पहुंचाकर भर्ती कराया गया।

-जिला अस्पताल के चिकित्सकों ने हालत गंभीर देखकर नवजात को मेडिकल कालेज लखनऊ रेफर कर दिया।

-दंपति 102 एंबुलेंस से नवजात को लेकर लखनऊ रवाना हुए।

-तभी लखनऊ-बहराइच मार्ग स्थित मरौचा के निकट पहुंचने पर नवजात को तेज झटके आने लगे, स्वांस तेज चलने लगी।

-इस पर एंबुलेंस के टेक्नीशियन कुशल कुमार व चालक रंजीत शुक्ला उसे रास्ते में फखरपुर स्वास्थ्य केंद्र ले गए।

-यहां ड्यूटी पर मौजूद चिकित्सक ने नवजात को मृत बता दिया। लेकिन नवजात की नब्ज चल रही थी। |

-इस पर टेक्नीशियन ने लखनऊ के चिकित्सकों से संपर्क साधा।

-लखनऊ के चिकित्सकों ने प्राथमिक उपचार का तरीका बताया।

-उसी तरह उपचार करने के बाद ऑक्सीजन लगाने पर तबीयत कुछ सुधरी तब उसे लखनऊ पहंचाया गया।

-वहां पर नवजात पूरी तरह से स्वस्थ है।

क्या है सीएमओ का कहना

टेक्नीशियन की सजगता से नवजात की जान बचने पर एंबुलेंस सेवा के प्रभारी संजय विश्वकर्मा ने उन्हें प्रोत्साहित करते हुए सम्मानित किया। वहीं इस मामले में नवजात के पिता सुशील कुमार ने सीएमओ डॉ. अरुण कुमार पांडेय से चिकित्सक पर हीलाहवाली बरतने का आरोप लगाते हुए पत्र दिया है। सीएमओ एके पांडेय का कहना है कि उन्हें पत्र नहीं मिला है। पत्र मिलने पर जांच कर कार्रवाई की जाएगी।

Next Story