Top

Etah Crime News: सरकारी मालखाने से गायब हो गए 2300 कारतूस, आखिर जिम्मेदार कौन?

Etah Crime News: एटा के थाना कोतवाली नगर के मालखाने में साल 2011 से 2300 कारतूस गायब हैं, जिसकी अधिकारियों को भनक तक नहीं लगी।

Sunil Mishra

Sunil MishraReporter Sunil MishraShreyaPublished By Shreya

Published on 17 Jun 2021 12:31 PM GMT

Etah Crime News: सरकारी मालखाने से गायब हो गए 2300 कारतूस, आखिर जिम्मेदार कौन?
X

अपर पुलिस अधीक्षक ओपी सिंह (फाइल फोटो साभार- सोशल मीडिया) 

  • Facebook
  • Twitter
  • Whatsapp
  • Telegram
  • Linkedin
  • Print
  • Facebook
  • Twitter
  • Whatsapp
  • Telegram
  • Linkedin
  • Print
  • Facebook
  • Twitter
  • Whatsapp
  • Telegram
  • Linkedin
  • Print

Etah Crime News: उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के जिले एटा (Etah) के थाना कोतवाली नगर के मालखाने में साल 2011 से चले आ रहे 2300 कारतूसों के गायब होने की जांच के बाद आज कोतवाली नगर के हेड मुंशी विजय सिंह की तहरीर पर तत्कालीन मुंशी व कोतवाल के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।

मामले में अपर पुलिस अधीक्षक ओपी सिंह (OP Singh) ने बताया कि साल 2011 से पूर्व कोतवाली नगर के मुंशी विजय सिंह के 2000 के करीब कारतूस मिसिंग होने की खबर होने पर साल 2017 में एक आख्या वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को भेजी गई थी। जिसमें पाया गया कि पूर्व में हेड मुंशियों द्वारा कारतूसों का गवन किया गया है। मामले में मुकदमा दर्ज करा दिया गया है।

वहीं, प्रभारी निरीक्षक सुभाष कठेरिया ने बताया कि साल 2011 से तैनात मुंशी व प्रभारी निरीक्षक के विरुद्ध थाने के सरकारी मालखाने से 2300 कारतूसों के गायब हो जाने की जांच निवर्तमान क्षेत्राधिकारी नगर देवानंद द्वारा की गयी थी। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक उदय शंकर के आदेश पर कोतवाली नगर में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।

आखिर अधिकारियों को कैसे नहीं हुई भनक

आपको बताते चलें कि नियमानुसार समय समय पर जनपद स्तर के अधिकारियों द्वारा थानों का तथा उनके कार्यालयों का निरीक्षण किया जाता रहता है। सवाल तो ये उठता है कि आखिर अधिकारी 10 वर्षों तक क्या निरीक्षण करते रहे और कारतूस जैसी चीज संवेदनशील चीज भारी संख्या में गायब हो गयी और थानाध्यक्ष मुंशियो को भनक तक नहीं लगी?

थाने के मुंशी लखन ने बताया कि यह कारतूस मालखाने में वर्ष 2011 से पूर्व से ही कम चले आ रहे थे और तभी से सभी हेडमुंशी एक दूसरे को 2300 कारतूस कम दिखाकर चार्ज देते चले आ रहे हैं। इतने बड़े कारतूस घोटाले में इतनी बड़ी लापरवाही ने अधिकारियों से लेकर मुंशी तक की कर्तव्य निष्ठा पर सवालिया निशान लगा दिया है।

किसी बड़े घोटाले की संभावना?

आखिर अभी तक किसी ने दोषियों के विरूद्व कोई कार्यवाही क्यों नहीं की और मालखाने जैसी जिम्मेदारी वाले मुंशी ने इतना बड़ा घोटाला करके दूसरे मुंशी व थाना प्रभारी को चार्ज कैसे दे दिया। अगर ऐसे मालखानों के चार्ज लिये व दिये जाते हैं तो पूरे जनपद के 16 थानों के असलहा व कारतूस के साथ साथ पुलिस लाइन के बड़े मालखाने की भी जांच की जानी चाहिए। इस कांड से बड़े घोटाले की बू आ रही है।

दोस्तों देश और दुनिया की खबरों को तेजी से जानने के लिए बने रहें न्यूजट्रैक के साथ। हमें फेसबुक पर फॉलो करने के लिए @newstrack और ट्विटर पर फॉलो करने के लिए @newstrackmedia पर क्लिक करें।

Shreya

Shreya

Next Story