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वेबवर्क फर्जीवाड़ा: नोएडा पुलिस की रिपोर्ट से संतुष्ट नहीं हाईकोर्ट, जांच को बताया बचकाना

कोर्ट ने कहा कि यह एक अलग प्रकार का केस है। इसके लिए पुलिस किसी बाहरी एजेंसी की मदद लेनी चाहिये थी। लेकिन नोएडा पुलिस ने ऐसा नहीं किया। कोर्ट ने जांच पर सवाल उठाये। बहरहाल, अब इस मामले की जांच सीबीआई से कराई जा रही है।

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zafarBy zafar

Published on 9 May 2017 1:48 PM GMT

वेबवर्क फर्जीवाड़ा: नोएडा पुलिस की रिपोर्ट से संतुष्ट नहीं हाईकोर्ट, जांच को बताया बचकाना
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नोएडा: सोशल ट्रेड के नाम पर ठगी करने वाली वेबवर्क कंपनी के खिलाफ नोएडा पुलिस की जांच से हाइकोर्ट संतुष्ट नहीं है। कोर्ट ने कहा कि आईओ द्वारा कोर्ट में प्रस्तुत जांच रिपोर्ट में ऐसा कुछ नहीं है जिससे शिकायतकर्ताओं को कुछ जवाब हासिल होता हो। कोर्ट ने यह भी कहा कि इस केस की जांच पुलिस को किसी बाहरी एजेंसी से करानी चाहिये थी।

आगे स्लाइड में 40 हजार लोगों से ठगी...

256 करोड़ का फर्जीवाड़ा

कोर्ट ने कहा कि यह एक अलग प्रकार का केस है। इसके लिए पुलिस को किसी बाहरी एजेंसी की मदद लेनी चाहिये थी। लेकिन नोएडा पुलिस ने ऐसा नहीं किया। कोर्ट ने जांच पर सवाल उठाये। बहरहाल, अब इस मामले की जांच सीबीआई से कराई जा रही है।

बता दें कि वेबवर्क कंपनी का प्रमोशन बॉलीवुड एक्टर नवाजुद्दीन सिद्दीकी और शाहरुख खान ने किया था। पुलिस जांच में 40 हजार लोगों से कुल 256 करोड़ की धोखाधड़ी की जानकारी मिली थी। वेबवर्क कंपनी के निदेशक अनुराग गर्ग मेरठ, जबकि संदेश वर्मा मुजफ्फरनगर के रहने वाले हैं।

डिप्लोमा होल्डर संदेश ने पहले 3700 करोड़ का फर्जीवाड़ा करने वाली एब्लेज कंपनी में लाइक कर पैसे कमाने के लिए निवेश किया था। वहीं से आरोपी संदेश को इस प्रकार की कंपनी खोल कर कमाई करने का आइडिया मिला। 2001 से 2016 तक रीयल स्टेट का काम करने वाले अनुराग गर्ग के साथ मिल कर दोनों ने 11 सितंबर 2016 को वेबवर्क की स्थापना कर दी थी।

आगे स्लाइड में शाहरुख-नवाज ने किया प्रमोशन...

एक्टर्स ने किया प्रमोशन

नोएडा पुलिस की जांच में कंपनी के लिए विज्ञापन करने वाले नवाजुद्दीन और शाहरुख खान की संदिग्ध भूमिका सामने नहीं आई है। इन दोनों से कंपनी का प्रमोशन करने के लिए एजेंट के माध्यम से संपर्क किया गया था। दोनों को ठगी के धंधे की जानकारी नहीं थी।

फिलहाल याचिकाकर्ता एके जैन की याचिका पर कोर्ट ने नोएडा पुलिस से जांच रिपोर्ट जमा करने को कहा था। जांच रिपोर्ट पढ़ने के बाद कोर्ट ने असंतोष जताया।

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