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IIM लखनऊ में छात्र ने दी जान, पुलिस को नहीं मिला कोई सुसाइड नोट

Rishi

RishiBy Rishi

Published on 15 Nov 2017 2:10 PM GMT

IIM लखनऊ में छात्र ने दी जान, पुलिस को नहीं मिला कोई सुसाइड नोट
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लखनऊ : लखनऊ आईआईएम एक बार फिर से चर्चा में है। ये चर्चा किसी अच्छे कारणों से नहीं हो रही। बल्कि यहां फंदे से झूलते छात्र सोहम मुखर्जी का शव मिला है। इसके बाद से ही छात्रों और आईआईएम प्रशासन सकते की हालत में है।

आपको बता दें, ये पहला मौका नहीं है। बल्कि 2004 में भी वीर करिया सीकरी हंसदा नाम के छात्र का रहस्मय स्थिति में शव मिला था। उसने अपनी जान क्यों दी, इस बात का खुलासा अभीतक नहीं हो सका।

ऐसे में सोहम की मौत ने एक बार फिर आईआईएम प्रशासन पर उंगली उठा दी है।

कोलकाता निवासी निहरेंद्रू मुखर्जी का बेटा सोहम यहां पीजी सेकंड इयर का छात्र था। आईआईएम स्वयं ये मनाता है कि वो एक होनहार छात्र था। सोहम कैम्पस हास्टल में रह कर पढाई कर रहा था। उसके दोस्त भी इस घटना से हैरान हैं। उनके मुताबिक सोहम ऐसा बिल्कुल नहीं था कि किसी बात से परेशान हो मौत को गले लगा ले। सोहम के दोस्त अभी भी यकीन नहीं कर पा रहे कि उनका हमेशा मुस्कराने वाला दोस्त उनका साथ छोड़ बहुत दूर चला गया।

पढने में था अव्वल

आईआईएम की मीडिया रिलेशन अफसर स्वपना वर्मा कहती हैं कि हम सोहम मुखर्जी की मौत से दुखी और हैरान हैं। वो एक होनहार छात्र था। जिसने आईआईटी क्रैक करने के बाद आईआईएम में एडमिशन लिया था।

उन्होंने बताया कि सोहम के सेमेस्टर में हमेशा अच्छे ग्रेड आते थे। उसने फ्लिप्कार्ट में भी जॉब की थी। उसके माता पिता को इस दुर्घटना के बारे में बता दिया गया है।

पुलिस खोजती रही सुसाइड नोट

छात्र की सुसाइड की खबर मिलते ही मौके पर पहुंची मड़ियाव पुलिस के मुताबिक, दोस्तों का कहना है कि दोपहर लगभग 1 बजे जब हम उसके कमरे में पहुंचे तो हमें सोहम का शव नायलान की रस्सी के सहारे पंखे से झूलता नजर आया, हमने इस बात की जानकारी फैकल्टी मेंबर को दे दी।

इसके बाद करीब 1:30 बजे पुलिस को इस घटना की सुचना मिली। मौके पर पहुंचे पुलिस कर्मियों को काफी खोजने के बाद भी कोई सुसाइड नोट नहीं मिलापहुंचे थक हार कर पुलिस कर्मी सोहम की डायरी और मोबाईल फोन सील कर अपने साथ ले गए। इसके साथ ही सोहम के दोस्तों और फैकल्टी से सवाल जवाब किए जा रहे हैं।

काफी कुछ मिल सकता है फेसबुक प्रोफाइल में !

सोहम की फेसबुक प्रोफाइल पर लगी तस्वीरें जहां उसके जिंदादिल होने की गवाही देती हैं। वहीं उसके कुछ कोट्स उसके किसी परेशानी में घिरे होने की भी गवाही देते नजर आ रहे हैं। यदि उसकी इस प्रोफाइल और दोस्तों के साथ सवाल जवाब किए जाएं तो हो सकता है की कुछ ऐसा जरुर मिल जाए जो उसकी मौत की गुत्थी सुलझाने में पुलिस की मदद कर सके।

वैसे आमतौर पर देखा जाता है कि बहुत से फेसबुक यूजर अधिक से अधिक लाइक और कमेंट के लिए कुछ ऐसा स्टेटस डालते रहते हैं जो उनकी शख्सियत से मेल नहीं खाते। तो ऐसे में जांच अधिकारी को काफी सतर्कता बरतनी होगी।

Rishi

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आशीष शर्मा ऋषि वेब और न्यूज चैनल के मंझे हुए पत्रकार हैं। आशीष को 13 साल का अनुभव है। ऋषि ने टोटल टीवी से अपनी पत्रकारीय पारी की शुरुआत की। इसके बाद वे साधना टीवी, टीवी 100 जैसे टीवी संस्थानों में रहे। इसके बाद वे न्यूज़ पोर्टल पर्दाफाश, द न्यूज़ में स्टेट हेड के पद पर कार्यरत थे। निर्मल बाबा, राधे मां और गोपाल कांडा पर की गई इनकी स्टोरीज ने काफी चर्चा बटोरी। यूपी में बसपा सरकार के दौरान हुए पैकफेड, ओटी घोटाला को ब्रेक कर चुके हैं। अफ़्रीकी खूनी हीरों से जुडी बड़ी खबर भी आम आदमी के सामने लाए हैं। यूपी की जेलों में चलने वाले माफिया गिरोहों पर की गयी उनकी ख़बर को काफी सराहा गया। कापी एडिटिंग और रिपोर्टिंग में दक्ष ऋषि अपनी विशेष शैली के लिए जाने जाते हैं।

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