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पुलिस भर्ती की तैयारी के साथ दिया फर्जीवाड़े को अंजाम, गिरफ्तार

Rishi

RishiBy Rishi

Published on 12 Sep 2018 1:51 PM GMT

पुलिस भर्ती की तैयारी के साथ दिया फर्जीवाड़े को अंजाम, गिरफ्तार
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नोएडा : इंश्योरेंस पॉलिसी लैप्स होने और दोगुना पैसा दिलाने का झांसा देकर लोगों से ठगी करने वाले आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। आरोपी पुलिस भर्ती की तैयारी कर रहा था। यह लोगों को आरबीआई कर्मचारी बताकर अपने झांसे में लेते थे।

कन्नौज के छिबरामऊ थाना क्षेत्र स्थित डालूपुर गांव का रहने वाला आरोपित ब्रजेश कुमार ने यूपी पुलिस में कांस्टेबल की परीक्षा दी है। दिल्ली के न्यू अशोक नगर में रह कर वह पुलिस भर्ती की तैयारी कर रहा था। वह सेक्टर 63 में रहने वाले दोस्त अवधेश कुमार और सेक्टर 19 में रहने वाले प्रवीण कुमार के साथ फर्जी कंपनी बनाकर लोगों से ठगी करने लगा। उन्होंने सेक्टर 62 के हरमोनी अपार्टमेंट में रहने एनटीपीसी से सेवानिवृत्त अधिकारी रोबिन मजुमदार से 6 लाख रुपये ठग लिए। मजुमदार की शिकायत पर साइबर क्राइम सेल ने सोमवार रात खोड़ा तिराहे से तीनों को गिरफ्तार करके जेल भेज दिया। पुलिस ने आरोपितों के खाते में पड़े तीन लाख रुपये को फ्रीज करा दिया है।

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इंश्योरेंस कंपनी में किया था काम वहीं से मिला आइडिया

मुख्य आरोपित ब्रजेश कुमार अप्रैल 2017 में सेक्टर 10 स्थित डीएसए इंश्योरेंस कंपनी में नौकरी कर चुका है। यह कंपनी तीन महीने बाद भाग गई। यहीं से उसे इंश्योरेंस पॉलिसी के लैप्स होने, पॉलिसी को नवीनीकरण करने और दोगुना पैसा देकर ठगी करने का आइडिया आया था। उसने कंपनी से मिला मोबाइल और सिम अपने पास रख लिया और दोस्त अवधेश व प्रवीण के साथ कंपनी बना कर लोगों से ठगी करने लगा।

ठगी के पैसों में 50 प्रतिशत की होती थी हिस्सेदारी

जुलाई 2017 में प्रवीण के वोडाफोन मिनी स्टोर को आॅफिस बना लिया और पॉलिसी धारकों को फोन पर झांसे में लेकर ठगी करने लगा। उसने रोबिन मजुमदार से पॉलिसी लैप्स होने और दोगुना पैसा देने का लालच देकर जुलाई 2017 से मई 2018 के बीच 6 लाख रुपये प्रवीण के खाते में जमा करा लिया। ठगी के पैसे में से ब्रजेश 20 प्रतिशत प्रवीण और 30 प्रतिशत अवधेश को देकर 50 प्रतिशत अपने पास रख लेता था। ठगी की जानकारी होने पर मजुमदार ने साइबर क्राइम सेल से मई 2018 में शिकायत की थी।

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एसएसपी अजय पाल शर्मा ने कहा, मुख्य आरोपित ब्रजेश तीन महीने तक फर्जी इंश्योरेंस कंपनी में नौकरी कर चुका है। यहीं से उसे ठगी का आइडिया आया। अवधेश व प्रवीण के साथ मिल कर आरबीआइ का कर्मचारी बन कर लोगों से ठगी कर रहा था। अभी एक व्यक्ति से 6 लाख की ठगी करने की जानकारी हुई है, लेकिन आशंका है कि आरोपितों ने कइयों से लाखों की ठगी की है। इसकी जांच की जा रही है।

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आशीष शर्मा ऋषि वेब और न्यूज चैनल के मंझे हुए पत्रकार हैं। आशीष को 13 साल का अनुभव है। ऋषि ने टोटल टीवी से अपनी पत्रकारीय पारी की शुरुआत की। इसके बाद वे साधना टीवी, टीवी 100 जैसे टीवी संस्थानों में रहे। इसके बाद वे न्यूज़ पोर्टल पर्दाफाश, द न्यूज़ में स्टेट हेड के पद पर कार्यरत थे। निर्मल बाबा, राधे मां और गोपाल कांडा पर की गई इनकी स्टोरीज ने काफी चर्चा बटोरी। यूपी में बसपा सरकार के दौरान हुए पैकफेड, ओटी घोटाला को ब्रेक कर चुके हैं। अफ़्रीकी खूनी हीरों से जुडी बड़ी खबर भी आम आदमी के सामने लाए हैं। यूपी की जेलों में चलने वाले माफिया गिरोहों पर की गयी उनकी ख़बर को काफी सराहा गया। कापी एडिटिंग और रिपोर्टिंग में दक्ष ऋषि अपनी विशेष शैली के लिए जाने जाते हैं।

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