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सहारनपुर जेल ब्रेक कांड का आरोपी अरेस्‍ट, 7 सालों से दे रहा था चकमा

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sudhanshuBy sudhanshu

Published on 2 Nov 2018 1:40 PM GMT

सहारनपुर जेल ब्रेक कांड का आरोपी अरेस्‍ट, 7 सालों से दे रहा था चकमा
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सहारनपुर: करीब सात साल पूर्व जिला कारागार से फरार हुए 50 हजार के इनामी बदमाश को जनकपुरी थाना पुलिस और स्वाट टीम ने शुक्रवार को संयुक्त कार्रवाई करते हुए जनता रोड पर पुवारंका ब्लाक के सामने से गिरफ्तार करने में सफलता प्राप्त कर ली।

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7 साल पहले जेल की दीवार फांदकर हुआ था फरार

एसपी सिटी प्रबल प्रताप सिंह ने प्रेसवार्ता में जानकारी देते हुए बताया कि नकुड़ के अंबेहटा पीर निकट जैन मंदिर निवासी सोनू शर्मा पुत्र सोहनलाल शर्मा 12 अक्तूबर 2011 को अपने एक अन्य साथी के साथ कारागार की दीवार फांदकर फरार हो गया था। जिस पर बाद में 50 हजार का इनाम घोषित हुआ। पुलिस लगातार उसकी गिरफ्तारी के प्रयास कर रही थी कि आज एक सूचना पर जनकपुरी थाना पुलिस और स्वाट टीम ने संयुक्त रुप से घेराबंदी कर सोनू को जनता रोड स्थित पुवांरका ब्लाक कार्यालय के बाहर से गिरफ्तार कर लिया। उसके पास से एक तमंचा व कारतूस भी मिले हैं।

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पहले ही कर ली थी फरारी की तैयारी

पुलिस पूछताछ में सोनू ने बताया कि 12 अक्तूबर 2011 की सुबह करीब आठ बजे वह नंबरदार के कहने पर नई बनी जेल में सब्जी लेने गया था। गैंगस्टर में बंद उसके साथी विपिन उर्फ काला ने जेल से भागने की योजना बनाई थी। जिसके तहत उन्होंने पहले ही पाइपके टुकड़े को मोड़कर छिपा लिया था। भागने के लिए गमछा व चादर की रस्सी बनाई और पाइप के टुकड़े को उससे बांधकर जेल की दीवार के पार फेंक दिया और फिर दोनो उसके सहारे दीवार पर चढ़ कर फरार हो गए थे।

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घर आता-जाता रहा, पुलिस को नहीं लगी भनक

हैरत की बात ये है कि फरारी के दौरान सोनू नजदीक में हरियाणा में रहता रहा और वहीं से अपने घर भी आता-जाता रहा, लेकिन पुलिस को उसकी भनक तक नहीं लगी। सोनू ने बताया कि जेल से भागने के बाद वो और उसका साथी पहले नागल पहुंचे थे और ट्रेन में बैठकर सरसावा पहुंचे। इस दौरान विपिन ने फोन कर अपने घर से दो हजार रुपये भी मंगवाए थे। सरसावा से अंबाला और वहां से अगले दिन ट्रेन से जोधपुर पहुंचे थे। जहां उसका साथी अलग हो गया था। तीन दिन जोधपुर रुकने के बाद वो दिल्ली और वहां से पश्चिम बंगाल के गांव दुर्गापुर पहुंचा। वहीं उसने अपनी फरारी काटी। एक साल पूर्व वो हरियाणा आ गया था और वहीं से अपने घर भी आता-जाता रहा। आज सहारनपुर पहुंचा तो पकड़ा गया।

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