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भू-माफियाओं के खिलाफ बड़ी कार्रवाई, मुक्त कराई गई 200 करोड़ की जमीन

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Published on 6 Sep 2017 5:58 AM GMT

भू-माफियाओं के खिलाफ बड़ी कार्रवाई,  मुक्त कराई गई 200 करोड़ की जमीन
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नोएडा: मंगलवार सुबह नोएडा प्राधिकरण के अधिकारियों ने भारी पुलिस बल के साथ बड़े पैमाने पर अवैध निर्माण ध्वस्त किया। इस दौरान मौके पर करीब 250 पुलिसकर्मी मौजूद रहे। प्राधिकरण ने यहा गेझा गांव में 45 मीटर चौड़ी सड़क किनारे करीब 20,000 वर्गमीटर जमीन पर बने अवैध निर्माण को ध्वस्त किया। इस जमीन की कीमत करीब 200 करोड़ रुपए आंकी जा रही है।

यहां मौजूद प्राधिकरण के एक अधिकारी ने जानकारी देते हुए बताया कि बीते 25 अगस्त को ही इन लोगों को नोटिस जारी कर जगह खाली करने को कहा गया था। बतौर नोटिस को खंभों व दीवारों पर चस्पा किया गया था। बावजूद इसके नोटिस पर कोई संज्ञान नहीं लिया गया। जिसके बाद प्राधिकरण द्बारा अवैध निर्माण की कार्रवाई को अंजाम दिया गया है। अधिकारी के मुताबिक इन लोगों द्बारा जमीनों पर अवैध कब्जा किया गया था। बतौर प्राधिकरण अधिकारियों न बताया कि जमीन का मुआवजा किसानों द्वारा उठाया जा चुका था।

बावजूद इसके वहा बड़े पैनामे पर अवैध निर्माण किया गया था। प्राधिकरण की इस कार्यवाही से पहले इस जमीन पर भारतीय किसान यूनियन के नेता यहां धरने पर बैठे हुए थे और इस जमीन पर तोड़फोड़ का विरोध कर रहे थे। जिन्हें पुलिस बल द्बारा गिरफ्तार कर सेक्टर 6 ले जाया गया। जिसके बाद कार्रवाई शुरु की गई। बताते चले कि जमीन पर दो से तीन मंजिला के मकान व दुकानें व शो रूम तक बने थे। जिनको तोड़ने में प्राधिकरण अधिकारियों व कर्मचारियो के पसीने तक छूट गए।

कमरे खाली करने के लिए मिला एक घंटे का समय

जमीन पर एक सराय भी बनी हुई थी। जिसमे करीब 150 कमरे बने हुए थे। इन कमरों में 200 से ज्यादा लोग रह रहे थे। कार्यवाही से पहले इन लोगों को नोटिस दिया जा चुका था। लेकिन इन सभी ने नोटिस पर गौर नहीं किया। ऐसे में माइक के जरिए इन लोगों को कमरे खाली करने का एक घंटे का समय दिया गया। आलम यह रहा कि आनन-फानन में लोगों ने सड़क के बीच में ही अपना सारा सामान रख दिया। दोपहर करीब दो बजे कमरे तोड़ने की कार्रवाई की गई। हालांकि बेघर हुए परिवार वालों की सुध लेने वाला यहा कोई नहीं था। लिहाजा अधिकांश ने अपने जान पहचान वालों के यहा शरण ली। जिनको नहीं मिली वह सड़क पर सामान रख वहीं बैठ गए। लेकिन प्राधिकरण का जेसीबी नहीं रूका।

आठ जेसीबी ने तोड़ा अवैध निर्माण

कार्यवाही सुबह आठ बजे होनी थी। लेकिन भाकियू के विरोध के चलते ग्यारह बजे के आसपास कार्य शुरू हो सकी। जमीन पर दो से तीन मंजिला के शापिंग कांप्लेक्स के अलावा किराए के लिए कमरे व अन्य दुकानें बनी हुई थी। अवैध निर्माण को हटाने के लिए प्राधिरकण के आठ जेसीबी लगे। जिन्होंने चार घंटे की मशक्कत के बाद जमीन को अवैध कब्जे से मुक्त कराया। हालांकि किसान इसे आबादी की जमीन कहकर विरोध दर्ज कराते आ रहे है।

भारी पुलिस बल रहा मौजूद

कार्यवाही के दौरान गेझा की सड़क को दोनों तरफ कार्यवाही के स्थान 100 मीटर पहले ही ब्लाक कर दिया गया। किसी भी वाहन को सड़क पर जाने नहीं दिया गया। साथ ही लोगों को घरों के अंदर व कार्यवाही में व्यवधान न पैदा करने की हिदायद दी गई। जिसके बाद जेसीबी द्वारा जमकर तोड़फोड़ अभियान शुरू किया गया।

भू-माफियाओं से वसूला जाएगा खर्चा

अवैध निर्माण तोड़ने में करीब एक लाख रुपए का खर्चा आया है। यह सारी रकम व जमीन को मुक्त कराने का जो भी खर्चा हुआ है। वह खर्चा भू-माफियाओं द्वारा ही वसूल किया जाएगा। प्राधिकरण के एसीईओ आर. के मिश्रा ने बताया कई बार नोटिस जारी किया गया। लेकिन इन लोगों ने तो दुकाने खाली की और न ही मकान लिहाजा कार्रवाई करते हुए अवैध निर्माण हटाया गया।

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