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दिन रात चलता है खनन माफिया का धंधा, आरोपों के घेरे में नेता-पुलिस गठजोड़

सिपाही रवि रावत को खनन माफ़िया ने ट्रैक्टर से रौंदकर मार डाला था। इससे पहले सिरसागंज क्षेत्र में खनन माफिया ने एसडीएम और सीओ पर ट्रक चढ़ाने की कोशिश की थी। सिपाही की मौत के बाद थोड़े दिनों सख्ती दिखी लेकिन फिर सब कुछ वैसा ही हो गया।

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zafarBy zafar

Published on 13 April 2017 3:40 PM GMT

दिन रात चलता है खनन माफिया का धंधा, आरोपों के घेरे में नेता-पुलिस गठजोड़
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खनन माफिया के साथ इस धंधे में स्थानीय दबंगों और नेताओं की मिलीभगत होती है। और सबसे बड़ा आरोप तो यह है कि यह सारा धंधा पुलिस की मदद से अंजाम दिया जाता है।

फिरोजाबाद: खनन माफ़िया के हौसले इतने बुलंद हैं कि वे पुलिस और प्रशासनिक अफसरों पर हमले करने से भी नहीं चूकते। पिछले दिनों की कई घटनाएं इसका सुबूत हैं। हमलों के बाद कुछ दिनों तक सन्नाटा रहता है, और माफिया फिर सक्रिय हो जाते हैं। लेकिन अधिकारी बेबस से नजर आते हैं।

नहीं थमता धंधा

सबसे पहले बात नारखी क्षेत्र की जहां सिपाही रवि रावत को खनन माफ़िया ने ट्रैक्टर से रौंदकर मार डाला था।

इससे पहले सिरसागंज क्षेत्र में खनन माफिया ने एसडीएम और सीओ पर ट्रक चढ़ाने की कोशिश की थी।

सिपाही की मौत के बाद थोड़े दिनों सख्ती दिखी और दावा किया गया कि अवैध खनन पूरी तरह बंद करा दिया गया।

लेकिन थोड़े दिनों बाद ही सड़क पर दौडते ट्रैक्टरों ने अधिकारियों के दावों की फिर पोल खोल दी।

मिलीभगत

फिरोज़ाबाद में खनन माफिया का नेटवर्क पूरे जिले मे फैला है और आम लोग डर कर मुंह नहीं खोलते

सड़कों पर रात भर ट्रैक्टर और जेसीबी बेधड़क दौड़ते रहते हैं और सारे अधिकारियों को इसकी जानकारी है।

हर चौराहे पर पुलिस पिकेट होने के बावजूद पुलिस इन गाड़ियों को रोकने की जरूरत नहीं समझती।

आलम यह है कि चारागाहों और ग्राम सभा की जमीनों को भी खनन माफ़िया ने खोद डाला है।

बताया जाता है कि खनन माफिया के साथ इस धंधे में स्थानीय दबंगों और नेताओं की मिलीभगत होती है।

और सबसे बड़ा आरोप तो यह है कि यह सारा धंधा पुलिस की मदद से अंजाम दिया जाता है।

आगे स्लाइड्स में देखिये कुछ और फोटोज...

खनन माफिया के साथ इस धंधे में स्थानीय दबंगों और नेताओं की मिलीभगत होती है। और सबसे बड़ा आरोप तो यह है कि यह सारा धंधा पुलिस की मदद से अंजाम दिया जाता है।

खनन माफिया के साथ इस धंधे में स्थानीय दबंगों और नेताओं की मिलीभगत होती है। और सबसे बड़ा आरोप तो यह है कि यह सारा धंधा पुलिस की मदद से अंजाम दिया जाता है।

खनन माफिया के साथ इस धंधे में स्थानीय दबंगों और नेताओं की मिलीभगत होती है। और सबसे बड़ा आरोप तो यह है कि यह सारा धंधा पुलिस की मदद से अंजाम दिया जाता है।

खनन माफिया के साथ इस धंधे में स्थानीय दबंगों और नेताओं की मिलीभगत होती है। और सबसे बड़ा आरोप तो यह है कि यह सारा धंधा पुलिस की मदद से अंजाम दिया जाता है।

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