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एक लड़के का ऐसा खौफ की, घरों में लिख गया...'पलायन यह मकान बिकाऊ है'

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RishiBy Rishi

Published on 5 Jun 2017 11:51 AM GMT

एक लड़के का ऐसा खौफ की, घरों में लिख गया...पलायन यह मकान बिकाऊ है
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सहारनपुर : पश्चिम उत्तर प्रदेश में रहने वाले अपने घर-बार को छोड़ पलायन को मजबूर हो रहे हैं। जहाँ सहारनपुर मंडल के शामली में लोग एक अपराधी की वजह से पलायन करने को मजबूर हुए थे, तो गांव शब्बीरपुर के ग्रामीण जातीय हिंसा के कारण गांव छोड़कर पलायन को मजबूर हुए थे। लेकिन फतवों का शहर कहे जाने वाले देवबंद में एक युवक का ऐसा आतंक छाया है कि लोग अपने घरों से पलायन को मजबूर हो रहे हैं।

आखिर कौन है यह ये युवक

फतवों के शहर देवबंद के मोहल्ला लहसवाड़ा स्थित कई मकानों के बााहर ‘पलायन’ यह मकान बिकाऊ है, लिखा हुआ दिखाई दे रहा है। अपने घरों पर पलायन शब्द लिखने वाले मोहम्मद मुस्तफा, आदिल, अब्दुल सलाम, इस्तखार व सादिक आदि का कहना है, कि मोहल्ले में ही एक दानिश पुत्र शफीक रहता है। जो कि बेहद झगड़ालू व्यक्ति है, और अकारण मोहल्लेवासियों के साथ गाली गलोच व मारपीट करना उसकी आदत बन चुकी है। इसीलिए अब इस मोहल्ले में रहना उनके लिए दुश्वार होता जा रहा है। आरोप है कि वह ही नहीं मोहल्ले का प्रत्येक व्यक्ति दानिश के आतंक से परेशान है।

आज सुबह भी दानिश ने मोहल्ले के ही आफताब को उस समय मारपीट कर घायल कर दिया, जब वह सब्जी लेने के लिए जीटी रोड स्थित मंडी जा रहा था। उक्त लोगों का कहना है कि दिनों दिन बिगड़ते जा रहे हालात के चलते ही, उन्होंने मजबूर होकर इस मोहल्ले से पलायन करने का मन बनाया है। इसी के चलते उन्होंने अपने घर के बाहर पलायन यह मकान बिकाऊ है का नोटिस लगा दिया है। मोहल्ला लहसवाड़ा स्थित कई मकानों के बाहर लिखा शब्द पलायन यह मकान बिकाऊ है, नगर में चर्चा का विषय बना हुआ है।

क्या कहते हैं कोतवाली प्रभारी

पंकज त्यागी, प्रभारी निरीक्षक देवबंद कहते हैं. उनके पास ऐसी कोई शिकायत नहीं आई है। यदि ऐसा कोई मामला सामने आता है तो अवश्य कानूनी कार्यवाही अमल में लाई जाएगी।

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आशीष शर्मा ऋषि वेब और न्यूज चैनल के मंझे हुए पत्रकार हैं। आशीष को 13 साल का अनुभव है। ऋषि ने टोटल टीवी से अपनी पत्रकारीय पारी की शुरुआत की। इसके बाद वे साधना टीवी, टीवी 100 जैसे टीवी संस्थानों में रहे। इसके बाद वे न्यूज़ पोर्टल पर्दाफाश, द न्यूज़ में स्टेट हेड के पद पर कार्यरत थे। निर्मल बाबा, राधे मां और गोपाल कांडा पर की गई इनकी स्टोरीज ने काफी चर्चा बटोरी। यूपी में बसपा सरकार के दौरान हुए पैकफेड, ओटी घोटाला को ब्रेक कर चुके हैं। अफ़्रीकी खूनी हीरों से जुडी बड़ी खबर भी आम आदमी के सामने लाए हैं। यूपी की जेलों में चलने वाले माफिया गिरोहों पर की गयी उनकी ख़बर को काफी सराहा गया। कापी एडिटिंग और रिपोर्टिंग में दक्ष ऋषि अपनी विशेष शैली के लिए जाने जाते हैं।

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