Top

गरीबो के मुँह का निवाला डकार गया डीलर, 127 कुंतल अनाज गायब

sudhanshu

sudhanshuBy sudhanshu

Published on 29 Oct 2018 2:13 PM GMT

गरीबो के मुँह का निवाला डकार गया डीलर, 127 कुंतल अनाज गायब
X
  • Facebook
  • Twitter
  • Whatsapp
  • Telegram
  • Linkedin
  • Print
  • Facebook
  • Twitter
  • Whatsapp
  • Telegram
  • Linkedin
  • Print
  • Facebook
  • Twitter
  • Whatsapp
  • Telegram
  • Linkedin
  • Print

हापुड़: यूपी के जनपद हापुड़ में गरीबों के मुँह का निवाला छीनने का मामला सामने आया है। शहर में एक बार फिर गरीबों के अनाज की कालाबाजारी करने का मामला सामने आया है। 127 कुंतल गेहूं और चावल की कालाबाजारी करने के आरोप में राशन डीलर स्वामी महिला और उसके बेटे पर कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराया गया है। एक मोहल्ले के लोगों की शिकायत पर खाद्य आपूर्ति विभाग के अधिकारियों ने छापामार कार्रवाई की थी। वहीं, पुलिस ने मामले में जांच शुरू कर दी है।

ये भी पढ़ें:आयुष्मान भारत: प्रमुख सचिव को डर, कहीं हो न जाए फर्जीवाड़ा, खुद करी अपील

महिलाओं की शिकायत पर पकड़ा गोरखधंधा

25 अक्टूबर को कुछ महिलाएं नगर पालिका सभागार कक्ष में चल रहे खाद्य आपूर्ति विभाग के कार्यक्रम में शिकायत लेकर पहुंची थीं। महिलाओं का आरोप था कि राशन डीलर द्वारा उन्हें अनाज का वितरण नहीं किया जा रहा है। जिस पर जिला पूर्ति अधिकारी राजेश कुमार ने पूर्ति निरीक्षक हापुड़ प्रीति रानी और पूर्ति निरीक्षक धौलाना कमलेश झा को मोहल्ला गणेशपुरा न्यू आलोक कालोनी स्थित मैसर्स इंद्रा शर्मा (राशन डीलर) को निरीक्षण के लिए भेजा। मौके पर पहुंची टीम ने राशन दुकान की जांच की। दुकान पर साइन बोर्ड, अन्त्योदय कार्ड धारकों की सूची व स्लोग्न नहीं लगे मिले। यहां तक कि विक्रेता ने अपना रेट व स्टॉक बोर्ड भी प्रदर्शित नहीं किया था।

ये भी पढ़ें:मैं गुरूद्वारे में आज भी बिन बुलाए जाता हूं, ये है मेरा अधिकार: सीएम योगी

स्‍टॉक रजिस्‍टर में थी अनियमितता

जांच के दौरान 12 अक्टूबर से स्टॉक रजिस्टर भरा हुआ नहीं मिला। मौके पर 26 कट्टे गेहूं व 17 कट्टे चावल के पाए गए। जिन्हें शिकायतकर्ता महिलाओं और दुकान पर मौजूद अन्य को वितरण कराया गया। मौके पर जो अनाज बांटा गया वह मात्र 12.66 कुंतल गेहूं व 8.44 कुंतल चावल का स्टॉक था। इसके बाद दुकान पर खाद्यान्न की मात्रा शून्य हो गई।

ये भी पढ़ें:अफसरों का इंतजार करते बैठे रहें मंत्रीजी, ऐसे चल रही योगी सरकार

ऑनलाइन भी किया फर्जीवाड़ा

यहां तक कि आनलाइन ई-पास से 25 अक्टूबर तक विक्रेता द्वारा 52.02 कुंतल गेहूं व 34.68 कुंतल चावल की बिक्री हुई। इसके बाद स्टॉक रजिस्टर को कब्जे में ले लिया गया। पूर्ति निरीक्षक ने बताया कि राशन डीलर द्वारा नवंबर माह तक के लिए राजकीय गोदाम से 110.78 कुंतल गेहूं व 73.87 कुंतल चावल लिया था। जांच में पाया गया कि विक्रेता इंद्रा शर्मा ने अपने पुत्र विक्रांत शर्मा के साथ मिलकर 77.15 कुंतल गेहूं व 51.41 कुंतल चावल की बिक्री ना करते हुए उसकी कालाबाजारी की। इसकी जानकारी उच्च अधिकारियों को दी गई।

जिसके बाद शनिवार की रात को जिलाधिकारी के आदेश पर अारोपित मां और उसके बेटे पर मुकदमा दर्ज कराया गया है।

इस संबंध में कोतवाली प्रभारी महावीर सिंह का कहना है कि तहरीर के आधार पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया है। मामले की जांच चल रही है। आरोपितों पर कड़ी कार्रवाई होगी ।

आखिर कब होगी कार्रवाई

राशन की कालाबाजारी में शामिल दूसरों पर कार्रवाई कब होगी, यह चर्चा का विषय बना हुआ है। क्योंकि राशन डीलर जिन दुकानों पर कालाबाजारी का अनाज बेचता है। उन पर कार्रवाई होना आवश्यक है। सरकार से मिलने वाला तीन रुपये किलोग्राम का चावल दुकानों पर दस से पंद्रह रुपये किलोग्राम तक में बिकता है। यह हाल पूरे जिले में है और हर माह करोड़ों रुपये का खेल इसमें होता है। जिस पर लगाम लगाने में विभाग असफल रहा है।

sudhanshu

sudhanshu

Next Story