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यह है मुरादाबाद का 'पुलिस वाला गुंडा', बेधड़क तान दी रिवाल्वर, बोला- एनकाउंटर कर दूंगा

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Published on 7 May 2017 3:58 AM GMT

यह है मुरादाबाद का पुलिस वाला गुंडा, बेधड़क तान दी रिवाल्वर, बोला- एनकाउंटर कर दूंगा
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moradabad case

मुरादाबाद: उत्तर प्रदेश में योगी आदित्यनाथ की पुलिस किस तरह काम कर रही है, इसकी बानगी देखने को मुरादाबाद में मिली है। जिसे देखकर सबके रौंगटे खड़े हो जाएंगे। शराब के आदी एक दरोगा ने नशा मुक्ति केंद्र के संचालक के ऊपर उसके सेंटर में घुसकर अपना सर्विस रिवाल्वर तान दिया और धमकी देकर वहां से चला गया।

घटना के पीछे कारण बताया जा रहा है कि इस दरोगा को 2015 में नशे से मुक्ति दिलाने के लिए इसकी पत्नी और मां द्वारा भर्ती कराया गया था। जिसके कागजात केंद्र संचालक के पास मौजूद हैं। फिलहाल दरोगा की गुंडई की पूरी घटना सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई है। फिलहाल इस पूरे मामले में पुलिस का कोई भी आला अधिकारी अभी कुछ नहीं बोल रहा है।

क्या है पूरा मामला

-मुरादाबाद के सिविल लाइंस इलाके में रहने वाले कमलजीत सिंह जीवन उदय के नाम से नशा मुक्ति केंद्र चलाते हैं।

-जहां दूर-दूर से कई मरीज अपना इलाज कराने के लिए पहुचते हैं।

-6 मई की शाम लगभग साधे 6 बजे सिविल लाइन थाने में तैनात दरोगा जितेंद्र सिंह अपने साथी कांस्टेबलों के साथ अचानक जीवन उदय नशा मुक्ति केंद्र पर पहुंचा।

-वहां पहुंचकर उत्पात मचाना शुरू कर दिया और बिना कुछ कहे मारपीट शुरू कर दी।

-इस बवाल में एक मरीज रवि भी घायल हो गया।

-उत्पात मचता देख केंद्र संचालक ने गुंडई पर उतारू दरोगा जितेंद्र से बात करने की कोशिश की।

-दरोगा ने एक बार नहीं बल्कि दो बार उनके ऊपर अपनी लाइसेंसी रिवाल्वर तान दी। इसपर उसके साथी पुलिसकर्मियों ने उसे रोकने की कोशिश की।

-ये सब सीसीटीवी कैमरे में कैद हो रहा था। काफी देर उत्पात मचाने के बाद जितेंद्र सिंह वहां से चला जाता है।

आगे की स्लाइड में जानिए क्या है केंद्र संचालक कमलजीत का कहना

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नहीं छूट रही है नशे की आदत

-इसके बाद डरे सहमे केंद्र संचालक ने पुलिस को लिखित शिकायत कर दी है।

-कमलजीत का कहना है कि ये दरोगा नशे का आदी है और पहले भी यहां पर इसका इलाज कई बार हो चुका है।

-जिसका सबूत भी कमलजीत ने दिखाया कि 2015 में जितेंद्र की पत्नी और उसकी मां ने नशे से मुक्ति दिलाने के लिए यहां भर्ती किया था।

-इतना ही नहीं इसके अलावा भी दो बार और जितेंद्र का इलाज हो चुका है, लेकिन उसकी नशे की आदत नहीं छूटती है।

-इसी बात से खिन्न होकर दरोगा मुझे जान से मारने आ गया। अगर मुझे सुरक्षा मिलेगी तो ही केंद्र चलाउंगा, वरना मुझे बंद करना पड़ेगा मेरे भी बच्चे हैं।

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