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पैसों के लेन-देन को लेकर दो सगे भाईयों के पिटाई मामले में तीन सिपाही निलंबित

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Published on 5 Oct 2017 7:14 AM GMT

पैसों के लेन-देन को लेकर दो सगे भाईयों के पिटाई मामले में तीन सिपाही निलंबित
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शाहजहांपुर: प्रदेश में एक तरफ जहां अपराध थमने का नाम नहीं रहे, तो वहीं पुलिस भी कुछ कम दादागिरी नहीं दिखा रही है। एक बार फिर योगी पुलिस का बेरहम चेहरा सामने आया है, जहां पुलिस ने दो सगे भाईयों को थाने बुलाकर उनकी जमकर पिटाई की। आरोप है कि पुलिस ने कमरे में ले जाकर तब तक पीटते रहे, जब तक दोनों भाई बेहोश नहीं हो गए।

उसके बाद बेहोशी की हालत में दोनों भाईयों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया, जहां उनका इलाज किया जा रहा है। मामला ड्राइवर और मालिक के बीच सैलरी के लेन-देन का बताया जा रहा है। वहीं एसपी केबी सिंह के आदेश पर तीन सिपाही निलंबित कर दिए गए हैं।

क्या है पूरा मामला

दरअसल बेरहमी से पुलिस की पिटाई का मामला थाना बंडा का है। ग्राम कुंडरा निवासी रामदार का 22 साल का बेटा सुखबीर ड्राइवर है। घायल सुखबीर ने बताया कि वह ग्रेटर नोयडा के जिला गौतमबुद्धनगर के रहने वाले जोगेंदर भाटी की डीसीएम चलाता है। आरोप है कि उसके मालिक ने उसकी पिछले 6 माह से सैलरी नहीं दी है। उसकी सैलरी दस हजार रुपए एक महीना की तय हुई थी। जब वह मालिक से सैलरी मांगता तो वह गंदी-गंदी गालियां देता। चार दिन पहले उसने फिर मालिक से पैसे मांगे तो मालिक ने उसके दो हाथ मार दिए।

घायल ड्राइवर ने बताया कि दो दिन पहले वह डीसीएम मे पाइप भर लाया तो वह सीतापुर में उतारकर खाली डीसीएम अपने घर खङी कर ली। उसने अपने मालिक को फोन किया कि वह उसका 6 महीने का बकाया 60 हजार रुपए दे, तब वह गाड़ी लेकर आएगा। आरोप है कि वह उसका मालिक पैसे वाला है। वह बुधवार की शाम बंडा थाने पहुचा और पुलिस को पैसा दे दिया और उसको थाने बुलवा लिया। उसके साथ उसका भाई भी गया था।

आरोप है कि जब वह थाने पहुंचा तो पुलिस के साथ उसका मालिक बैठा था। उसके थाने पहुंचते ही मालिक और पुलिस वाले उसको गालियां देने लगे। कोई भी पुलिसकर्मी उसकी सुनने को राजी नहीं था। आरोप है कि थाने का एक दरोगा और और तीन सिपाही उसको गालियां दे रहे थे। जबकि उसके गांव का प्रधान बॉलीवुड एक्टर राजपाल यादव का भाई थाने में ही बैठे थे, लेकिन उसको किसी ने बचाने की कोशिश नहीं की। पहले तो थाने के बाहर उसको मालिक और पुलिसकर्मी मिलकर पीटते रहे। उसके बाद पुलिसकर्मी दोनों भाईयों को कमरे के अंदर ले गए, जहां उसकी जमकर पिटाई की, जिससे दोनों भाई बेहोश हो गए। सूचना के बाद थाने पहुंचे घायलों के परिजनों ने दोनों भाईयों को बेहोशी की हालत में जिला अस्पताल में भर्ती कराया जहां दोनो की हालत बनी हुई है।

आगे की स्लाइड में पढ़ें पूरी खबर

वहीं जब इस मामले पर गांव के प्रधान बॉलीवुड एक्टर राजपाल यादव के भाई से बात की, तो उनका कहना था कि वह थाने में एक पंचायत निपटा रहे थे। तभी ये दोनों सगे भाई उनके गांव के रहने वाले थाने पहुंचे और पुलिसकर्मियों से बात करने लगी। उसका मालिक से पैसे के लेनदेन का विवाद चल रहा था। तभी वह थाने में ही मारपीट होने लगी। लेकिन उन्होंने ये नहीं देखा कि उसको पुलिसकर्मी पीट रहे थे या नहीं।

जब हमने उनसे पूछा कि जब आपके गांव के दो भाईयों को थाने में पीटा जा रहा था, तब आपने उन्हें बचाया क्यों नहीं? इस पर उनका कहना था कि हम पंचायत निपटा रहा थे। इसलिए वह देख नहीं पाए, कौन किसको पीट रहा है? लेकिन दोनों भाईयों को बहुत ही बेरहमी से पीटा गया। ऐसे में सवाल प्रधान राजेश यादव पर भी उठ रहे हैं, जब उन्होंने अपने गांव के दो युवकों को पिटते देखा तो उन्होंने बचाने की कोशिश क्यों नहीं की तो वह खुलकर पिटाई का कुछ बता नहीं रहे थे।

ईएमओ अनुराग पराशर ने बताया कि दो युवकों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया है। दोनों को काफी ज्यादा पीटा गया है। दोनों के शरीर पर चोटों के निशान है। ज्यादातर चोटें गुम है। उनका इलाज किया जा रहा है।

क्या है एसएसपी का कहना

एएसपी ग्रामीण सुभाष शाक्य ने बताया कि थाने में ड्राइवर और मालिक के बीच पैसे के लेन-देन का विवाद हुआ था, जिसके बाद थाने में ड्राइवर और उसके भाई की पिटाई की गई थी। जांच में पता चला है कि पिटाई का आरोप पुलिस सही पाया गया है। एसपी केबी सिंह के आदेश पर आरोपी सिपाही मनोज धामा, सिपाही मनोज, और राजेश को निलंबित करने की कार्रवाई शुरू कर दी है और साथ ही पीङित की तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

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