ब्रह्मदत्त द्विवेदी मर्डर केस: सरेंडर के बाद विजय सिंह गये जेल, उम्रकैद की हुई है सजा

1997 में द्विवेदी की एक तिलक समारोह से निकलते समय देर रात गोली मार कर हत्या कर दी गयी थी। इस मामले में दूसरे अभियुक्त संजीव माहेश्वरी उर्फ जीवा को भी उम्र कैद की सजा हुई है जो कि एक दूसरे केस में पहले से ही जेल में है।

लखनऊ: बीजेपी के पूर्व मंत्री ब्रह्मदत्त द्विवेदी हत्याकांड में सपा के पूर्व एमएलए विजय सिंह ने सोमवार को अपर सत्र न्यायाधीश की कोर्ट में सरेंडर कर दिया। जिसके बाद कोर्ट ने उन्हें उम्र कैद की सजा भुगतने के लिए जेल भेज दिया। अपर सत्र न्यायालय ने विजय सिंह को 17 जुलाई 2003 को उम्र कैद की सजा सुनायी थी।

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सजा के खिलाफ दायर अपील हाई कोर्ट ने गत 26 मई को खारिज करते हुए विजय सिंह की सजा पर मुहर लगा दी थी। 1997 में द्विवेदी की एक तिलक समारोह से निकलते समय देर रात गोली मार कर हत्या कर दी गयी थी। इस मामले में दूसरे अभियुक्त संजीव माहेश्वरी उर्फ जीवा को भी उम्र कैद की सजा हुई है जो कि एक दूसरे केस में पहले से ही जेल में है।

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विजय सिंह दौरान अपील जमानत पर रिहा हो गये थे अतः हाई कोर्ट ने उनकी अपील खारिज करते हुए उनको सेामवार को सरेंडर करने का आदेश दिया था।